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गुरुवार, 23 जुलाई 2026

सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन 26 दिन के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह रहे महजूद। छात्र बोले जारी रहेगा आंदोलन।

 

जंतर मंतर आंदोलन
मेदांता hospital sonam wangchuk 

पेपर लीक को लेकर हो रहे लगातार आंदोलन, दिल्ली में जंतर मंतर पर बड़ा बयान आया है। जिसमें सोनम वांगचुक ने कल अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि  अगर सरकार के कुछ केंद्रीय मंत्री आए और हमें भरोसा दे कि बच्चों पर कोई कार्यवाह न हो और जवाबदेही तय हो तो मैं अनशन को तोड़ सकता हूं।

जंतर मंतर दिल्ली में हो रहे आन्दोलन में भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन उठा लिया था।यह सब संसद तक मार्च होने के दो दिन पहले हुआ था। जिससे युवाओं में आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया। अब यह एक विशाल जनांदोलन का रूप ले चुका है।नीट पेपर लीक को लेकर देश के अलग अलग कोनों में आंदोलन शुरू हो गए। अब ऐसी खबरें आ रही है कि कई जगह पर युवाओं और पुलिस में झड़प हो गई है। यह आंदोलन युवाओं के जागरूक  होने की याद दिला रहा है।

आज सुबह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह पहुंचे मेदांता हॉस्पिटल जहां सोनम वांगचुक का इलाज चला रहा है।इससे पहले उनका शब्दरगंज हॉस्पिटल में चला रहा था।कोर्ट के आदेश पर ,सोनम वांगचुक की पत्नी और उनके घर वाले वहां के इलाज से संतुष्ट नहीं थे। जोकि बाद फिर कोर्ट ने आदेश दिया और वहां से रेफर करके मेदांता हॉस्पिटल ले जाया गया। मेदांता हॉस्पिटल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह ने जूस पिलाकर और  कई महत्वपूर्ण बातचीत के बाद, सोनम वांगचुक ने अपना अनशन 26 दिन के बाद तोड़ दिया।

    सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बाद भी युवाओं का कहना की, जब तक धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तब तक आंदोलन शांतिपूर्वक देश के अलग अलग कोनों में चलता रहेगा। अब यह आंदोलन एक विशेष व्यक्ति का न होकर, जनांदोलन बन गया है, जिसमे स्वतः लोग जुड़ रहे हैं। अभीतक सरकार तक ने अपनी गलती को नही माना और न जवाब देही तय की है।

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