किसान की हर फसल की MSP तय हो।
मध्यप्रदेश में किसान पिछले 4 दिनों से अपनी मांग को लेकर सड़क पर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि हर फसल की एक तय सरकारी मूल्य होना चाहिए। जिससे किसान फसल को उचित दरों पर बेंच सके। किसान अपने घर से खाने पीने का सामान लेकर सड़क पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी हम यही बैठे रहेंगे।
इस प्रदर्शन की शुरूवात मार्च के रूप में नर्मदापुरम से लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल तक निकला है।यह मध्यप्रदेश सरकार के लिए सबसे बड़ा आंदोलन है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसमें पुलिस बल का प्रयोग नहीं किया गया है। हम शांतिपूर्वक उनको आगे बढ़ाने दिया।
किसान फसल कटने तक खेत में संघर्ष करता है उसके बाद फसल की उचित दरों के लिए सड़क पर धरना करे। किसानों का कहना है कि जैसे अन्य दलों के बराबर ही मूंग की दाल का भी एक तय MSP हो चाहिए ।जिससे हम अच्छी कीमतों पर फसल को बेच सके।
यहां पर मध्यप्रदेश सरकार का कहना की हमारी प्राइम सपोर्ट स्कीम के अनुसार राज्य का कुल उत्पादन का 25% ही सरकारी मूल्यों पर खरीद सकते हैं। मूंग के दाल का सरकारी मूल्य 8768 रुपए पर कुंतल है। उदाहरण के तौर पर मान लो कि पूरे प्रदेश 100 kg फसल हुई उसमें से सरकार 25 kg ही सरकारी मूल्य पर खरीद सकती है। जिससे बची हुई फसल को कम कीमतों पर खुले बाजार में बेचना पड़ता है।
दिल्ली की तरह ही मध्यप्रदेश में Gen Z ने किसानों के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे और किसानों की समस्या को समझ रहे हैं। जब किसान संघर्ष करके खुश नहीं रहेगा तो धरती पर हरियाली कैसे होगी।

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