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शनिवार, 15 अगस्त 2026

लाल किले से PM मोदी का बड़ा विजन: भारत की ताकत को 7 धाराओं में आगे बढ़ाने का प्लान


15 अगस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले से देश के नाम संबोधन दिया। जिसमें उन्होंने ने देश को आगे बढ़ाने के लिए सप्तधारा का प्लान बताया। जिसमें उन्होंने 7 तरीके बताए और कहा जो विकास तीन से चार दशकों में नहीं हुआ उसको हम शक्ति की सप्तधारा से आने वाले पांच से सात सालों में विकास करेंगे। इससे देश एक नई दिशा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा। लाल किले के भाषण में प्रधानमंत्री जी ने युवाओं पर विशेष ध्यान रखा, शायद दिल्ली के जंतर मंतर आंदोलन से प्रधानमंत्री को युवाओं की ताकत का अनुमान हो गया है। लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले बहुत सारे वादे किए थे, जिनको पूरा होने के लिए 2047 तक एक फाइनल समय मांगा था। इससे पहले भी उन्होंने देश की जनता से कई बार समय मांगा और अब ऐसी क्या स्थिति आ गई कि प्रधानमंत्री पांच से सात सालों में देश को विकसित कर देंगे।

   इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकारों को पर भी तंज कसा और कहा 2004 से 2014 तक मेडिकल कॉलेज में 400 सीटें होती थी और अब 800 सीटें हैं। हमारी फार्मा कंपनी वर्ल्ड की पांच बेस्ट कंपनियों के अंदर होनी चाहिए और हमारे बैंक भी वर्ल्ड के पांच बेस्ट बैंको में एक होना चाहिए।  अब हम शक्ति की 7 सप्तधारा को समझने की कोशिश करेंगे।

 एक करोड़ युवाओं को मिलेगी AI Skills आने वाले एक साल में 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले दिल्ली से आवाह्न किया और कहा आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं AI Skills दी जायेगी। युवा देश के भविष्य है उन्होंने ने रॉकेट लांच और दूसरे AI के क्षेत्र में अपना योगदान दिया। AI Skills का उद्देश्य भविष्य में युवाओं को AI क्षेत्र में आगे बढ़ना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। दुनिया में बढ़ती AI की टेक्नोलॉजी के बिना कोई देश आगे नहीं बढ़ सकता है।हमारा फोकस युवाओं को AI की skills देना है। AI ट्रेनिंग सेंटर खोलना, डेटा सेंटर बनाना और देश के डेटा को सुरक्षित करना है।

अगले 7-8 वर्षों में 5-8 और सेमीकंडक्टर प्लांट लगेंगे 

आज AI के दौर में सेमीकंडक्टर चिप्स का बहुत बड़ा योगदान है बिना सेमीकंडक्टर चिप के मोबाइल,टैबलेट, लैपटॉप और AI का चलना संभव नहीं है। भारत को सेमीकंडक्टर चिप के मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना है। बिना सेमीकंडक्टर के चिप के AI के क्षेत्र में आगे निकलना संभव नहीं है। इस समय भारत में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट प्रोडक्शन कर रहे हैं। सेमीकंडक्टर चिप का एजुकेशन से लेकर डिफेंस सिस्टम तक प्रयोग होता है। आधुनिक राष्ट्रीय और आर्थिक मजबूती पर निर्भरता बढ़ती है।भारत सरकार के अनुसार पहले 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट की मंजूरी 2026  जून में दी गई है जिसमें 164 करोड़ का निवेश किया गया है।

एग्रिकल्चर एण्ड फूड प्रोसेसिंग 

शक्ति की सप्तधारा विजन में एग्रिकल्चर एण्ड फूड प्रोसेसिंग कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को भारत के विकास को महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। फसलों की उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना है। भारत को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ना और उचित मूल्य पर फसलों की खरीदारी अच्छी मार्केटिंग करना जिससे ग्रामीण किसानों की आय बढ़ोत्तरी करना है। जिससे रोजगार में और निर्यात में बढ़ोत्तरी करना है। जिससे किसानों को एक अच्छा जीवन मिल सके।

2047 तक 100 G.W. न्यूक्लियर एनर्जी का उत्पादन करना है 

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया 2047 तक 100 G. W. न्यूक्लियर एनर्जी का उत्पादन करना है। जिससे हमारी निर्भरता फॉसिल फ्यूल पर कम हो सके। मौजूदा समय में भारत की न्यूक्लियर एनर्जी लगभग 8.78 G.W. है। इसको बढ़ाकर 2031-32 में लगभग 22 G.W.करना है। सरकार की योजनाओं में बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर के साथ स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर को भी शामिल करना है। सरकार का टारगेट है 2033 तक 5 इंडिजिनियस न्यूक्लियर रिएक्टर विकसित करना है इसी तरह सरकार 2047 तक 100 G.W. न्यूक्लियर एनर्जी विकसित करने की बात कर रही है।

भारत के सॉफ्ट पावर को दुनिया में बढ़ाना

भारत के सॉफ्ट पावर को पूरी दुनिया प्रसारित करना जिसमें योग से होने लाभों को पूरी दुनिया को बताना। देश में आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स को ग्लोबल लेवल पर इंट्रोड्यूस्ड करना। फिल्म और एंटरटेनमेंट, गेमिंग animationVFX, डिजिटल कंटेंट, हैंडीक्राफ्ट और कल्चर डिप्लोमेसी करना। भारत में बनी इन सब कंटेंट को पूरी दुनिया में प्रमोट करना है।

ग्रीन और ब्लू इकॉनमी को बढ़वा देना

इसका उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा के साथ साथ नई ऊर्जा के समुद्रीय संसाधनों और रोजगार के अवसरों को आर्थिक विकास के साथ जोड़ना है। हरित अर्थव्यवस्था जिसमें पर्यावरण पर प्रदूषण के दबाव को कम करना। इसके साथ ही मत्स्य पालन और समुद्रीय संसाधनों का उपयोग करना और रोजगार के अवसरों को बढ़वा देना।

फ्री ऑनलाइन कोचिंग  की व्यवस्था 

इसी क्रम प्रधानमंत्री ने कहा कॉम्पिटेटिव एग्जाम के तैयारी करने वाले छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने का वादा किया।जो छात्र दूर दराज क्षेत्रों में रहते हैं उनके लिए यह अच्छा मौका है घर पर रहकर ही तैयारी की जा सकती। हालांकि सरकार ने ये अस्पष्ट नहीं किया है कि परीक्षाओं के लिए और कब से चालू होगी स्कीम।
    
     सरकार ने कुछ प्रोजेक्ट को पांच से सात सालों में पूरा करने का दावा किया है और कुछ प्रोजेक्ट 2047 तक प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद, भारत देश विकसित देश बनेगा। और नक्सलवाद को लेकर भी बहुत सारी बातें कही, नक्सलवाद तो खत्म हो गया 2026 में यह सरकार की पहल थी जिसे पूरा किया। लेकिन सवाल अभी खत्म नहीं हुए प्रधानमंत्री जी ने मणिपुर के लिए कुछ नहीं बोला और अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन पर कुछ नहीं बोला, क्या कारण है प्रधानमंत्री इन सवालों पर चुप हैं। ये है प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत का रोडमैप।
 
   



गुरुवार, 6 अगस्त 2026

शेख हसीना के भाषण से बांग्लादेश में हुआ बवाल,,शेख हसीना ने कहा मैं वापस अपने घर अपने लोगों के बीच आऊंगी।

   


बांग्लादेश में शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बांग्लादेश में बवाल मच गया है। पूर्व क्रिकेट और आवामी लीग के पूर्व सांसद शकीब अल हसन के घर पर देर रात बुधवार को पेट्रोल बम फेंका गया। ये सब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मीटिंग के बाद हुआ। यह हमला उनके पुस्तैनी घर मागुरा के केशवमोर इलाके में हुआ और घर पर तोड़ फोड़ भी की गई। यह सब दिल्ली में आयोजित दिल्ली के फॉरेन करेसपॉन्डेंट क्लब में मीटिंग के बाद हुआ।

   बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना की बात पर नाराजगी जताई है और कहा है यह सब घरों को आग के हवाले करना है। यह सब मीटिंग में शामिल होने का नतीजा है, बांग्लादेश पर नव फासीवाद की झलक दिख रही है। आवामी लीग मान रही है कि बांग्लादेश में तानाशाही पनप रही है। सरकार आवामी लीग के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार कर रही है।

   शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के पहले ही BNP,इस्लामी जमात, और NCP ने  इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट्स को खुले आम धमकी दी थी और कहा प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई बातों को न ही छापे और न ही चलायें अगर इसके बावजूद ऐसा करते हैं तो हम कोर्ट जाएंगे और इससे जुड़े मामलों में मुकदमा दायर करेंगे। बयान में कहा गया, ये एक सोची समझी चाल हो सकती है और लोकतंत्र के बहाने आवामी लीग के सदस्यों पर नरसंहार और अत्याचार किया जा रहा है।

 प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने कहा हम अपने देश में दिसम्बर तक आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें पता है जेल में डाल दिया जाएगा और मार भी सकते। इसके बाद भी जान जोखिम में डाल कर मैं अपने देश अपने लोगों के पास आएंगे।हमारा उद्देश्य सरकार में वापस होना नहीं है। शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट होने के बाद 2024 से भारत में है और अब उनकी वापसी बांग्लादेश हो सकती है।


सोमवार, 3 अगस्त 2026

बांकीपुर से BJP पहली बार हारी चुनाव और ऐतिहासिक जीत प्रशांत किशोर की ,आगाज बदलाव का

   

बांकीपुर से प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत

BJP का गढ़ कहा जाने वाला बांकीपुर का किला जन स्वराज पार्टी,प्रशांत किशोर ने भेद दिया है। भारतीय जनता पार्टी आज पहली बार चुनाव हारा है और प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज  की है और एक बड़े मार्जिन से जीत हासिल की है।नितिन नवीन के राज्यसभा जाने पर बांकीपुर की विधानसभा सीट खाली हो गई थी और पर उपचुनाव में bJP के प्रत्याशी के तौर पर नीरज कुमार को उतारा गया था। जबकि जन स्वराज पार्टी की तरफ से प्रशांत किशोर लड़ रहे थे और RJD की तरफ से रेखा कुमारी सुनाव लड़ रही थी। पहले स्थान पर जन स्वराज दूसरे पर बीजेपी और तीसरे नंबर पर राजद है। बीजेपी और राजद अन्य दलों की मुश्किले बढ़ने वाली है  आगामी चुनाव में क्योंकि लोगों को अल्टरनेटिव नए विकल्प मिल रहे हैं। ये वहां के लोगों का कहना है कि दूसरे विकल्प न होने के कारण हम बीजेपी और राजद को वोट देते थे।

  अब बिहार ही नहीं पूरे देश में मुद्दे बदल रहे हैं और अल्टरनेटिव के तौर पर नए विकल्प लोगों को मिल रहे हैं। बिहार में बांकीपुर में प्रशांत किशोर के जीतने के कई बड़े कारण रहे हैं जिसमें शिक्षा व्यवस्था, बिहार के छठवीं पास  मुख्यमंत्री, और लोगों को एक नया अल्टरनेटिव विकल्प मिला। वहां की एक क्लिप बहुत वायरल हुई जिसमें कहा गया कि बीजेपी के तरफ से यहां कुत्ता बिल्ली भी चुनाव जीत जाएंगे जिसको लेकर जनता में भी नाराजगी देखी गयी। प्रशांत किशोर इन सब मुद्दों को उठाने में सफल रहे और सीजेपी आंदोलन भी एक बड़ा फैक्टर रहा। 

 पिछले समय से बिहार की पॉलिटिक्स में लगातार बदलाव देखने को मिला। विधानसभा में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने जिसके बाद उनको राज्यसभा में भेज दिया गया और सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद अब विधानसभा के उपचुनाव बांकीपुर से बीजेपी हार गई,एक तरह से देखा जाए तो नितिन नवीन की ही हार है हालांकि उनकी जगह पर उनका प्रत्याशी चुनाव लड़ रहा था। 

   लोगों का कहना है कि हमने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चुना था न की सम्राट चौधरी को।इसी तरह की बहुत सारी गलतियां सरकार ने की जिसका परिणाम सामने है। यदि हम वोटर्स परिपेक्ष में बात करे तो गढ़ और किला किसी का नहीं होता है। अब लोग देश के असल मुद्दों को समझ और उस पर बात भी कर रहे हैं और उनको नए विकल्प मिल रहे हैं जिनकी उनको तलाश है। जैसे कि तमिलनाडु हो या बांकीपुर में देखा गया है।

  देश की जो भी पुरानी पार्टियां है उनको समझना पड़ेगा कि अब  उनकी मनमानी चलने वाली नही है और न ही युवा को अब असल मुद्दों से भटकाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह कि उनके पास अब नए विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। आने वाले समय में इन पार्टियों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़  सकता है यदि इन्होंने अपनी सोच को नही बदला। इन पार्टियों को जरूरत है अपनी रूढ़िवादी सोच को बदलना होगा। 1990 से चली आ रही सरकार के लिए लोगों का एक संदेश महज एक आगाज है। लोग इसे प्रधानमंत्री जी की हार बता रहे हैं क्योंकि प्रधानमंत्री जी के नाम पर ही वोट मिलता था।

रविवार, 26 जुलाई 2026

शिक्षा मंत्रालय पद संभालते ही पहलाद जोशी ने अधिकारियों से अहम मुलाकात होंगे कुछ बड़े बदलाव

    नीट पेपर घोटाला में केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, केंद्रीय मंत्री पहलाद जोशी संभालेंगे शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्य भार । आज यानी रविवार को ही वरिष्ठ अधिकारियों से की बातचीत।  हालांकि पहलाद जोशी के पास पहले से ही कई बड़े मंत्रालय हैं और उनके पास ही मौजूद रहेंगे। अभी उनके पास कई मंत्रालय हैं जैसे उपभोक्ता मामले, खाद्य और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय। भारत सरकार ने उन पर भरोसा जताया है।

   पहलाद जोशी काफी लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं और उनकी संगठन में मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनकी छवि संसद के बाहर हो या अंदर एक सक्रिय नेता के रूप में देखी जाती है। उन्होंने ने अपने जीवन की शुरुआत कर्नाटक के धारवाड़ से की थी। कर्नाटक में उन्होंने ने संगठन के लिए जमीनी स्तर से जुड़कर काम किया है और उनकी अच्छी पहचान है अपने क्षेत्र में  और लगातार काम करते रहे हैं।

    अपना पहला चुनाव 2004 में लड़ा था और अब वह 22 साल से  लगातार संसद है।  लगातार 5 बार कर्नाटक से लोकसभा का चुनाव जीत रहे हैं। जिससे वो अपने क्षेत्र के प्रभावशाली नेता बन गए है।। समय समय पर उनको सरकार ने कई जिम्मेदारियां दी हैं।

  सरकार में रहते हुए कई बड़े पदों को संभाला है वर्ष 2012 कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। वर्ष 2014  के बाद लोकसभा में संसदीय समितियों की जिम्मेदारी मिली। 2019 में मोदी सरकार ने कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी। तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद उपभोक्ता मामले और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भार सौंपा गया है। अब उनके पास अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी आ गई है।

    उनके पास शिक्षा व्यवस्था को लेकर इस समय कई चुनौतियां हैं। चाहे नीट पेपर लीक को लेकर हो या नई शिक्षा नीति लागू करना हो। शिक्षा नीति में कई बदलाव सख्त जरूरत है। NTA हो या और शिक्षा से जुड़े संस्थान। अब युवाओं और उनके माता पिता का भरोसा नए शिक्षा मंत्री पहलाद जोशी पर टीका हैं। बहुत सारी पॉलिसीज बनानी और लागू होनी है।

ECI में SIR को लेकर मतभेद, दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार दर्ज कराई औपचारिक आपत्तियां फिर भी नहीं हुई कोई कार्यवाही

    इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) में, मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के काले कारनामों का खुलासा The Indian Express की रिपोर्ट में हुआ है। ज...