देश में हुए पेपर लीक के कारण देश के कई राज्यों में इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। जिसमें कही कही हिंसा भी हुई जिसको लेकर पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। छात्रों को अलग अलग राज्यों से गिरफ्तार किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस से लेकर और अलग अलग राज्यों की पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता की है। मगर हद तो तब हो गई जब बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बिहार पुलिस ने AK 47 तानें नजर आई। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस ने 4 राउंड फायरिंग की है। बाद में पुलिस बड़े अधिकारियों से पूछा गया तो बताया कि ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया। इसका आदेश किसने दिया क्या बिहार पुलिस को पता नहीं ये प्रदर्शनकारी कौन है। ये कौन सा तरीका बिहार पुलिस का है।
हिंसा को कोई भी साथ नहीं देगा और हिंसा होनी भी नहीं चाहिए। इससे कुछ भी अच्छा नहीं होता है।बहुत सारे कैमरे लगे होते हैं रोड पर उनमें प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तस्वीरों की पहचान करो और उन पर कार्यवाही करो।कई रिपोर्ट आ रही है कि पुलिस किसी बिना आरोप के लोगों उठा रही है और न ही उनके घर वालों को सूचना दी जा रही है। प्रशासन से पूछने पर बताया कि अभी ऐसी कोई बात नहीं सबकी हालत ठीक है।
लोगों का क्या भरोसा शादी वर्दी में पुलिस वाले हैं या गुंडे जो भीड़ में मारपीट करते नजर आये। किसी ने भी उन्हें रोकने की कोशिश भी नहीं कि जैस जंतर मंतर दिल्ली में देखा गया।आखिर सरकार इन सब पर कब कार्यवाही करेगी। कई लोगों को बुलेट लगी है।विपक्ष ने पत्र लिखकर गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है जिसको लेकर हर दिन संसद के दोनों सदनों में विपक्ष नारेबाजी कर रहा।
विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा और ओम बिड़ला बोल रहे यह पेपर लीक को रोकने के लिए महत्वपूर्ण विधेयक लाया जा रहा है इस पक्ष और विपक्ष शांतिपूर्वक बात करे । इसके लिए हम उनको पर्याप्त समय देंगे । CJP प्रोटेस्ट में शामिल छात्रों का कहना है कि यदि सरकार अपनी जिम्मेदारी पर खरी नहीं उतरती है तो हम फिर से आंदोलन कर सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें