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सोमवार, 20 जुलाई 2026

जंतर मंतर पर गूंजा पेपर लीक का मुद्दा

 पेपर लीक का मुद्दा अब देश की शिक्षा व्यवस्था के सुधार का एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। जिसमे बच्चों से लेकर, युवाओं और बुजुर्गों ने अपनी उपस्थिति को दर्ज किया है। यह आंदोलन शांतिपूर्वक और गांधी जी के रास्ते पर चल रहा है, जिससे इसकी महत्वाकांक्षा और बढ़ गई है।  CJP आन्दोलन क्या है?  इसकी मांग और विचारधारा क्या है ? क्यों देश का इतना बड़ा मुद्दा बन गया है?  किसने इसकी शुरुआत की? सब  कुछ जानने की कोशिश करेंगे।

पिछले 5-6 सालों से देश में हो रहे लगातार पेपर लीक और पेपर में होने वाली खामियों को लेकर एक आंदोलन शुरू हुआ। जिसकी शुरुआत काकोरोच जनता पार्टी (CJP)के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा 6 जून को जंतर मंतर दिल्ली से इसकी शुरुआत की गई। पूरे भारत के 19 राज्यों में 65-80 पेपर लीक हुए हैं। UDISE के अनुसार 94000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को सरकार ने बंद कर दिया है। अब तो सरकार  यूनिवर्सिटी तोड़ने का प्रोजेक्ट चला रही है। केवल नीट पेपर लीक की वजह और पेपर रद्द होने से 20-21 बच्चों ने सुसाइड कर लिया । कई National education policy (NEP) आई और बजट भी बना लेकिन लागू नहीं हो पाई और न ही धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा हो पाया।

इस पेपर लीक उद्योग और भ्रष्टाचार से केवल युवाओं का भविष्य खतरे में नहीं है, बल्कि देश का भविष्य भी अंधकार में है। कई पेपर लीक हुए NEET, SSC, CGL, UPTET बहुत सारे पेपर्स लीक हुए लेकिन इनकी जवाबदेही तय करने वाला कोई नहीं है। शिक्षा मंत्री को शिक्षा से कोई मतलब नहीं है।एक महीना हो रहा है शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री किसी न भी बात करना उचित नहीं समझा। क्या लोकतंत्र में यही सब होता है। 

शिक्षा व्यवस्था के चरमराते हालत को देखते हुए युवाओं ने जंतर मंतर पर,धूप , बारिश में आंदोलन कर रहे हैं। देश के दूर दराज इलाकों से, लोग आंदोलन को सफल बनाने के लिए आ रहे हैं। ये लोग किसी MP,Mnister IAS और IPS के लड़के नहीं है। आम लोग हैं जिनका सिस्टम विश्वास टूट गया है। ये कोई दहशत गर्द और आतंकी नहीं है, ये सब भारत के लोग हैं। जो अपने अधिकारों को मांग रहे हैं। यह आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है,गांधी जी के सत्य अहिंसा मार्ग पर। सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन से जोडक़र इसको एक नई दिशा और दशा दी है। यह देश हम सबका है, हम सब मिलकर तय करेंगे  देश किन हाथों में हो । कई स्टूडेंट्स और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल कर रहे हैं। यही कारण है,हजारों लोग आंदोलन से जुड़ रहे हैं।

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