GenZ ने वह कर दिखाया जो इस इतिहास में पहली बार और पिछले 12 सालों में पहली बार हुआ । Gen Z ने इस आंदोलन को देश में खराब शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ चलाया था। अंत में युवाओं की जीत हुई। यह जीत एक लोकतंत्र की जीत है। सरकार कहना था कि हमारी सरकार में इस्तीफे नहीं होते हैं ये दूसरी सरकारों में होता है। युवाओं ने बता दिया कि ये सब लोकतंत्र में नही होता है। युवाओं का कहना था कि हम सिस्टम को चलाने के लिए इन लोगों को चुनते हैं, बाद में यही लोग हम पर शासन करने लगते हैं। सरकारें कभी शासन करने के लिए नहीं है, शासन जनता ही करती है। चाहे इतिहास हो या आने वाला समय , रिवोल्यूशन इसका सबूत है।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह आंदोलन किसी ने सोचा नहीं था, धरातल पर जन आंदोलन का रूप ले लेगा। आन्दोलन में पूरे देश के युवाओं, बच्चे और बुजुर्गों ने इसको एक नई ऊर्जा दी और यह आंदोलन शांतिपूर्वक सफल हो पाया। यहां पर कोई जाति, नहीं समुदाय और पार्टी से हटकर देश के असल मुद्दों पर बात हो रही थी। युवाओं में डर खत्म हो गया था जहां बड़े बड़े लोग बोलने से डरते थे। ये लोकतंत्र है जहां हमारे अधिकार और हमारे कर्तव्य देश के लिए होते हैं।
इस आंदोलन को देश के सभी वर्गों के लोगों ने साथ दिया। खासकर युवाओं ने जिससे यह आंदोलन जन आंदोलन बन गया।पर सरकार को पता नहीं किसी बात का अहंकार था। बहुत सारी छाप इस आंदोलन ने युवाओं के मन में जगह बना ली है।विपक्ष की सभी पार्टियों ने भी अपना पूरा साथ दिया, भले ही राजनीतिक लाभ से लेकिन दिया तो । अच्छे मुद्दों के लिए राजनीति क्यों नहीं हो सकती और कौन राजनीति नहीं करता। इसमें आप ज्यादा समझदार हैं।
युवाओं को क्या नहीं कहा गया इस आंदोलन में, चीन पाकिस्तान का एजेंट बताया गया। विदेशी फंडिंग से आंदोलन चल रहा है। दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों ने क्रूरता की हद पार कर दी। बच्चों, युवाओं और लड़कियों, महिलाओं तक को नहीं छोड़ा। इसमें इसका साथ main stream media ने दिया और अपनी तरफ से पूरा आंदोलन दबाने की कोशिश की। मीडिया पूरी तरह से सरकार के चरणों मे लेटी हुई थी। मीडिया ने अपने पतन के रास्ते खुद से बनाए थे। News Pinch सहित कुछ यूट्यूब चैनल ने इनकी आवाज को उठाया। मानता हूं ads और सरकार का दबाव होता है पर इतना भी नहीं होता है।
GenZ ने साबित किया कर दिया कि सिस्टम में भ्रष्टाचार है और हम आतंकवादी नही है। सरकार में सब मंत्री संत्री करप्ट नहीं हैं अच्छे भी हैं। सरकार की आलोचना का सबसे बड़ा कारण मीडिया है,क्योंकि इसने युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचने नहीं दिया। युवाओं को जगाने में CJI सूर्यकांत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और युवा उनको धन्यवाद दे रहे थे। युवा एक नए भारत की कल्पना कर रहे थे,जिसमें सबकुछ अच्छा हो । युवाओं ने जबरन शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा छीन लिया। सच में यही लोकतंत्र की ताकत है।
युवा अभी जाग रहा है, अब देश में मनमाने ढंग से कुछ भी नहीं चल सकता। सबकी अलग अलग बाते थी और मुद्दे थे लेकिन आवाज एक थी। सिस्टम में सुधार होना चाहिए। सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। भारत का एक जागरूक नागरिक होने के नाते यह सब जानना जरूरी है। पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री जी के बीच और जनता के बीच कोई बात ही नहीं हुई। यही सब कारण थे, जिसमें GenZ युवाओं ने इतिहास लिखा।
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