7अगस्त 2026 को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Fassi) ने पान मसाला कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। Fassi ने कहा अब कोई पान मसाला पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक, एल्यूमिनियम फॉयल और मे मेटालाइज्ड लेयर का प्रयोग करने पर सख्त रोक लगाई है। इसके रिप्लेसमेंट में पान मसाला पैकेजिंग पेपर, पेपरबोर्ड, टिन या ग्लास विकल्पों को लगाने की छूट है। इसका कहना है कि प्लास्टिक के प्रयोग को रोकना है और इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रभाव को कम करना है।
इसका क्या प्रभाव पड़ेगा कंज्यूमर और फैक्ट्रियों पर आने वाले समय में पता चलेगा।सम्भावित अनुमान के अनुसार कंपनियां पैकिंग की वजह से पान मसाला का प्राइस बढ़ा सकती है। इसका सीधा असर कंज्यूमर्स पर पड़ सकता है। इसकी भरपाई ग्राहकों की पॉकेट से की जाएगी। पान मसाला से बने उत्पादों पर कोई रोक नहीं लगाई गई । पान मसाला की पैकेजिंग पर रोक लगाई गई है।
Fssai ने निर्देश दिया कि स्कूलों से 100 मीटर दायरे में कोई पान मसाला और जंक फूड्स की दुकान नहीं होनी चाहिए। बच्चे जंक्स फूड खाकर बीमार पड़ रहे हैं।
कर्नाटक ने एक साल के लिए बैन किया गुटका, टुबैको और निकोटीन
कर्नाटक में कमिश्नर फूड ऑफ सेफ्टी कर्नाटक की ओर से हाल ही में एक आदेश जारी किया लेकिन इसमें सभी पान मसाला शामिल नही है।जिसमें गुटका, टुबैको और निकोटीन से बने उत्पादों पर एक साल तक रोक लगाने की बात कही है।जिसमें इन उत्पादों को बनाने, बेचने और लाने ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।जिससे ड्रग्स गुटका टुबैको और निकोटीन पर रोक लगाई जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य गुटका और निकोटीन से बने उत्पादों पर रोक लगाना है। युवा लगातार ड्रग्स का आदी होता जा रहा है। एक बड़ी संख्या में युवा टोबैको और निकोटीन से प्रभावित हैं।
इसमें स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है केवल एक साल के लिए बैन किया गया है। कर्नाटक में यह एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।

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