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बुधवार, 23 सितंबर 2026

ECI में SIR को लेकर मतभेद, दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार दर्ज कराई औपचारिक आपत्तियां फिर भी नहीं हुई कोई कार्यवाही

 

ECI की 10 महीनों में 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज

  इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) में, मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के काले कारनामों का खुलासा The Indian Express की रिपोर्ट में हुआ है। जिसमें SIR (special intensive revision) से जुड़े मामलों में 10 महीनों में 14 बार औपचारिक शिकायत की गई।

ECI की टीम के अंदर ही SIR को लेकर दो चुनाव आयुक्तों सुखवीर सिंह संधू और विवेक जोशी के मतभेद ज्ञानेश कुमार  से है। मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार अपने मनमाने ढंग से SIR में वोटो जोड़ और काट रहे हैं। जिसको लेकर दो चुनाव आयुक्त सुखवीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई, लेकिन इसपर कोई कार्यवाही नहीं हुई। ये  मामला देश के लोकतंत्र की जड़े हिलाकर रख दी हैं। लोगों का भरोसा कांस्टीट्यूशनल ऑथोरिटी पर है। जब इस ऑथोरिटी में बैठे लोग ही सही तरीके से काम नहीं करेंगे। तो सवाल उठना स्वाभाविक है। ये सवाल बेहद गंभीर हैं।

रिपोर्ट के अनुसार मतदाता सूची के प्रबंधन, नए वोटर्स के नाम जोड़ने और हटाने को लेकर और नए मतदाताओं के पंजीकरण प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। Form 6 को लेकर विशेष रूप से सवाल उठ रहा है। Form 6 इससे पहले SIR में नहीं था, इसमें नाना-नानी और दादा-दादी के नाम पूर्व SIR में होने को लेकर पूछा गया है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाताओं के डेटाबेस और चुनावी डेटा से जुड़े IT सिस्टम पर चिंता जताई है। इसी क्रम में गोवा में सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्या सामने आई है। जिसमें 97 पात्र मतदाताओं और अधिकारियों को निर्णय करने में परेशानी सामने आई है। 

सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर को सुनवाई में ECI से जवाब मांगा है। दिल्ली SIR में लॉजिकल डिस्क्रिंपेंसीज के चलते 30 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने ECI से स्पष्टीकरण मांगा और किस आधार पर नोटिस जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि नोटिस देने से पहले कोई जांच और फिल्टर की जरूरत है। मतदाताओं को पता होना चाहिए किस कारण से मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है। उनके कौन से दस्तावेजों में क्या गलती है। 

रिपोर्ट सामने आने पर चुनाव आयोग का बयान सामने आया है ECI ने SIR को लेकर सामने आई आपत्तियों की रिपोर्ट पर कहा कि आंतरिक मतभेद या सुझाव निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं और आयोग के अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा, ये सारी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल और ऑडिट नियंत्रण के तहत संचालित की गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि, कुछ आंतरिक टिप्पणियों को लेकर अलग करके देखने पर उस कार्यप्रणाली की व्यापक जानकारी सामने नहीं आती है।

 जब मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के कारनामों का खुलासा हुआ, उसके बाद से पूरा विपक्ष पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। नेता विपक्ष राहुल गांधी का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा जब सरकार बदलेगी तब ज्ञानेश कुमार का हिसाब होगा, एक तरह से चुनौती दे रहे हैं। ज्ञानेश कुमार वोट चोर है। नेताओं के अलग अलग बयान आ रहे है। इसके साथ ही लोगों के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उनको SIR जैसे मामलों पर जागरूक रहना चाहिए। यह उनकी नागरिकता का सवाल है। जिसपर देश का लोकतंत्र खड़ा है।

मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार SIR के जरिए लाखों करोड़ों मतदाताओं को उनके अधिकार से बाहर कर रहे हैं। नोएडा में उनकी बेटी डिस्ट्रीक मैजेस्टिक मेधा रूपम जो लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। उनके ऊपर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाकर गलत आरोपों में फंसा रही हैं। दोनों अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं।



सोमवार, 21 सितंबर 2026

दिल्ली SIR जिसमें ECI ने वीवीआईपी लोगों को SIR जरिए भेजा नोटिस, क्या ECI इसके जरिए अपनी पारदर्शिता और निष्पक्षता को साबित रहा है

 

वीवीआईपी लोगों के नाम SIR जरिए भेजा गया नोटिस

दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने कई वीवीआईपी के नामों को मतदाता सूची से बाहर किया। जिसमें देश की बड़ी हस्तियों के नाम शामिल हैं।

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान देश की बड़ी हस्तियों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर उनको नोटिस भेजा है। जिसमें पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण, पूर्व राष्ट्रपति जगदीप धनकड़, सांसद बासुरी स्वराज, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेशमंत्री जयशंकर प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, एडवोकेट कपिल सिब्बल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई और लोग शामिल हैं। इसमें से कई लोग बीजेपी और दूसरी पार्टियों के हैं जिनके नाम SIR में काटे गए हैं।

दिल्ली में 2002 के SIR और मौजूदा सूची के अनुसार करीब 1.45 करोड़ वोटर्स थे। घर घर जाकर फॉर्म भरवाया गया था। इसमें से 97.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त किए गए हैं और उनको डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित किया गया है।जिसमें से 47.7 लाख तक वोटर्स के नाम काटे गए हैं। 33 लाख मतदाताओं के फॉर्म में गड़बड़ियों को लेकर नोटिस भेजा गया है। जिसमें नाम, पता और बेसिक जानकारी में गड़बड़ी पाई गई है। 

ECI एक अलग फॉर्मेट में SIR कर रहा है। जिसमें देश के वीवीआईपी लोगों को SIR के चलते गड़बड़ियों को लेकर नोटिस भेजा रहा है। जिसमें कुछ देश के बड़े लोग शामिल हैं। इन लोगों के नाम तो आसानी जुड़ जायेंगे, लेकिन उन 33 लाख मतदाताओं का क्या होगा। क्या वो समय पर अपना जुड़वां पाएंगे और समय पर आवश्यक दस्तावेज दे पाएंगे। क्या ये लोकतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है। 

ECI को नहीं पता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विदेशमंत्री जयशंकर प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और अन्य वीवीआईपी लोग कौन हैं। इन सबका नाम मतदाता सूची में न होने के बावजूद ये लोग चुनाव कैसे लड़े और देश के संवेदनशील पदों पर पहुंच गए। क्या इन वीवीआईपी नमो के पीछे कोई राजनीत हो रही है। ECI इन नामों को दिखाकर अपनी जिम्मेदारी और पारदर्शिता दिखा रहा है। इसके पीछे लाखों करोड़ों मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के जरिए कटा जा रहा है।

जिन 33 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है, उनमें से 14 लाख मतदाताओं का डेटा 2002 के SIR से लिंक नहीं किया जा सका है। जिसके लिए आवश्यक दस्तावेजों को मांग गया है। जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र और स्थानीय निवास प्रमाण पत्र है। जो मतदान करने के पात्र हैं वो लोगों 30 सितंबर तक फॉर्म 6 के माध्यम से अपना नाम दुबारा आवश्यक दस्तावेजों के साथ दर्ज करवा सकते हैं।

दिल्ली में SIR की पारदर्शिता से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। Indian express की रिपोर्ट के अनुसार 22 सितंबर को इसकी सुनवाई है। 33 लाख याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि, मतदाताओं को नोटिस जारी करने का कारण सार्वजनिक किया जाय। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि लॉजिकल गलतियों और अन मैपिंग के आधार पर किस तरह मतदाताओं को जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ECI का कहना है मौजूदा रिकॉर्ड की जांच और जानकारी सटीक बनाना है।



रविवार, 20 सितंबर 2026

Chatron ki goonj कार्यक्रम राहुल गांधी का एक मिशन, छात्रों का मंच

 

दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव

छात्राें की गूंज का कार्यक्रम राहुल गांधी का एक बड़ा मिशन है। जो लगातार चल रहा है। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी इस मंच पर छात्रों से सीधा संपर्क करते हैं। उनकी समस्यों को उठाते और सुनते हैं। 

छात्रों की गूंज कार्यक्रम की शुरूवात 17 जून 2026 राजस्थान कोटा से हुई है। जिसका उद्देश्य छात्रों से मिलना, उनकी समस्यों को सुनना और उनकी आवाज को उठाना था। इस कार्यक्रम में छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस कार्यक्रम के जरिए हजारों लाखों छात्र राहुल गांधी से जुड़े। शुरुवाती दौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम बहुत प्रभावी नहीं रहा, लेकिन बाद में धीरे धीरे छात्र इस कार्यक्रम से जुड़ने लगे। कार्यक्रम को पूरे देश के छात्रों तक पहुंचाना है और इसी क्रम में राहुल गांधी एक के बाद एक कार्यक्रम कर रहे हैं। राहुल गांधी लगातार छात्रों और उनके परिवारों से मिल रहे हैं। चाहे इंदौर हो या पुणे देश के अलग अलग राज्यों में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं। देश हो या देश के बाहर छात्रों से मिल रहे हैं।

इससे पहले मैने नहीं देखा था कि राहुल गांधी इतना  कभी एक्टिव रहे हो।  राहुल गांधी इस कार्यक्रम में सरकार की नाकामियों की पोल खोल रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य या देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर लगातार एक्टिव हैं। छात्र उनके पास अपनी परेशानियों को लेकर जाते हैं। नीट पेपर लीक, इकॉनमी और मेडिकल सेक्टर जैसे दूसरे क्षेत्रों में सवाल उठा रहे हैं। इस कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी बीजेपी पर लगातार हमलावर रहते हैं। बीजेपी की तरफ से लगातार राहुल गांधी के कार्यक्रमों का विरोध किया जा रहा है।

क्या राहुल गांधी इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं के दिल में अपनी जगह बना पाएंगे। दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ का चुनाव हारने के बाद चारों तरफ से सवालों से घिर गए हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी में एबीवीपी संगठन ने 4 में से 3 केंद्रीय पद जीते, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार दीपांश शौकीन ने जीता।NSUI का एक भी कैंडिडेट कोई चुनाव नहीं जीता। इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा दीपांश शौकीन की हो रही है क्योंकि इससे पहले दीपांश शौकीन NSUI से जुड़े थे। क्या कन्हैया कुमार और कांग्रेस को पता नहीं था। जब कांग्रेस के पास ऐसे उम्मीदवार थे तो दूसरे को टिकट देने की क्या जरूरत थी। 

राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम तो लगातार कर रहे हैं। क्या वो इन कार्यक्रमों के जरिए जमीनी स्तर पर पकड़ बना पा रहे  हैं। चुनाव में हार के बाद कही न कही कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। इस चुनाव को नजरंदाज भी नहीं किया जा सकता है। इस चुनाव से देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 

हालांकि राहुल गांधी इस समय काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं और सरकार के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। बीजेपी की तरफ से लगातार उनपर प्रहार किया जा रहा है, लेकिन राहुल गांधी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकार पर दबाव बना रहे हैं, जिससे कई जगह पर उनको कामयाबी भी मिली है। 





सोमवार, 14 सितंबर 2026

2030 तक AI इंसानों को खत्म कर सकता है? Antropic और Open AI के पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon की चेतावनी से मचा हड़कंप

 

Open AI और Anthropic के पूर्व रिसर्चर के बयान से मचा हड़कंप

 Open AI और Anthropic जैसी कंपनियों में काम कर चुके पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon ने आरोप लगाया है। Self-improving और superintelligece बनने के रेश में कई देश लगे हैं। एंथ्रोपिक के और मौजूदा शोधकर्ता ने भी अगले दशक में मानव विकाश का जोखिम 10% अधिक बताया है।

हाल में ही छपी The Gaurdian की रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौका दिया है। USA में sanfrancisco और कैलिफ़ोर्निया में Open AI और Anthropic जैसी कंपनियों काम कर चुके पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon ने चेतावनी दी है कि 2030 तक AI इंसानों को खत्म कर सकता है। रिसर्चर Jacob Coxon ने Open AI और Anthropic कंपनियों में बतौर प्रीट्रेनर रिसर्चर के तौर 3 साल काम किया है। सितंबर 2026 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उनका आरोप है कि कंपनियां सेल्फ इंप्रूवमेंट और सुपरिंटेलीजेंस बनने की रेश में आगे दौड़ रही हैं। दुनिया का हर देश इस रेश में आगे होना चाहता है और सुपरिंटेलीजेंस बनना चाहता है। लेकिन इसके नियंत्रण के बारे में कोई सोच नहीं रहा है।

उनकी चिंता है कि कही भविष्य में AI के objectives को मानव मूल्यों और हितों के साथ सुरक्षित रूप से align करना।जिससे AI अपने आप सिस्टम को कंट्रोल न कर सके। AI इंसानों से ज्यादा ताकतवर न बन जाए और इंसानों की बातों को मानने इनकार कर दे। इंसानों और AI में मतभेद हो जाए और AI अनकंट्रोल हो जाए, जिससे इंसानों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। AI डेवलपमेंट से लेकर अब तक इस विषय वैज्ञानिकों और रिसर्चर कि चिंता रही है। समय समय पर इसपर लेख और आर्टिकल छपते रहे हैं। इसके साथ ही हॉलिवुड में इस पर सुपरकंप्यूटर और टर्मिनेटर जैसी AI के अनकंट्रोल होने पर मूवीज बन चुकी हैं। जिसमें AI के अनकंट्रोल होने की स्टोरी दिखाई गई है।

AI डेटा के आधार पर कार्य करता है और AI इतना डेटा स्टोर कर लिया है कि इंसानों की जरूरतों को समझने लगा है। धीरे धीरे इंसानों के दिमाग पर काबू  पा रहा है। इस समय लगभग सारे काम AI से हो रहे हैं। AI ने जहां एक तरफ कार्य करने में सहायता कर रहा है और समय बचा रहा है। तो दूसरी तरफ इसपर नई बहस छिड़ गई है। उससे ज्यादा कही इसका गलत प्रयोग पर बहस चल रही है। हमे ये नहीं भूलना चाहिए ,कोविड के समय चीन के लैब से कोरोना वायरस निकला था। जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी थी। 

AI की बड़ी कंपनियां ह्यूमनरॉइड रोबोट्स बना रही हैं। जो लगभग इंसानों जैसे ही देखेंगे। उनको इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि खुद से बोर्डर पर लड़ सके और कंपनियों में काम कर सके। AI इतना नेचुरल रिसोर्सेज को खा रही हैं जिसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ेगा। आज के समय में लोग  सोते जागते AI का प्रयोग कर रहें हैं। AI अपना पूरा इकोसिस्टम बना लिया जिसके जरिए इंसानों की सोच को बदल रहा है। आने वाले समय में AI अपनी पकड़ और मजबूत कर सकता है। यदि ये सब ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब AI का पूरा नियंत्रण हाेगा।


शनिवार, 12 सितंबर 2026

BRICS मोदी-पुतिन की बड़ी मुलाकात : भारत रूस संबंधों को नई रफ्तार, व्यापार से रक्षा तक अहम मुद्दों पर चर्चा

 

डिफेंस, व्यापार और ऊर्जा जैसे विषयों पर हुई चर्चा

 BRICS के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रुस के राष्ट्रपति पुतिन नई दिल्ली पहुंचे। सम्मेलन होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। 2030 तक 100 अरब डालर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है

 नई दिल्ली 11 सितंबर 2026 को पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत हुई। जिसमें रक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। यह ब्रिक्स का 18वाँ शिखर सम्मेलन। और भारत में होने वाला चौथा सम्मेलन है। जिसमें दुनिया की कई शक्तियां पहुंची। इसी क्रम में भारत और रूस के बीच राजनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। लंबे समय से भारत और रूस विशेष और विशेषाधिकारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिसमें आर्थिक सहयोग को मजबूर करने पर जोर दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार भारत रूस के बीच द्विपक्षीय बातचीत में 2030 तक 100 अरब डालर के व्यापार में साझेदारी पर बातचीत हुई। शुक्रवार को नई दिल्ली में रूस की तरफ से डिफेंस सेक्टर में कई महत्वपूर्ण ऑफर दिए गए। सुखोई -57 लड़ाकू जहाज का भी प्रस्ताव मिला। इसके साथ ही रूस ने ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी की बात की है और साथ में मिलकर बनाने की भी बात की है। इससे पहले भी रूस भारत को कई तरह डिफेंस सिस्टम दिए हैं। जिसमें S 400 कई वेपन्स दे चुका है और साथ में S- 500 वायु रक्षा प्रणाली की देने बात हुई है।

इसके साथ ही रूस ने उर्वरक आपूर्ति को लेकर भी कहा है। जिससे कृषि क्षेत्रों में फसलों उत्पादकता बढ़ा सके। किसानों को उर्वरक से होने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। जिससे कृषि क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी को बढ़वा मिल सके। परमाणु कार्यक्रमों में सहयोग और ऊर्जा  संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। रूस लंबे समय से भारत के रक्षा , ऊर्जा, परमाणु कार्यक्रमों और कृषि क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं पर साथ देते आ रहा है। भारत झुकाव सुरक्षा संबंधित विषयों में रूस की ओर रहा है।

एक फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोलांड ट्रंप की बेचैनी बढ़ सकती है। क्योंकि ब्रिक्स का उद्देश्य एक नई स्थानीय करेंसी को स्थापित करना है। जिससे डॉलर उसकी निर्भरता कम हो सके।भविष्य में डॉलर के बजाय ब्रिक्स द्वारा बनाई करेंसी में व्यापार हो सके। ट्रंप अपने मनमाने ढंग टैरिफ लगाते रहते हैं। इसके साथ ही आतंकवाद, रूस यूक्रेन युद्ध, ईरान इजरायल युद्ध वैश्विक संकट से निपटने और शांति कायम करने पर सहमति बनी और विश्व शांति का संदेश दिया गया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विश्व बड़ी शक्तियां एक साथ और एक मंच पर दिखाई दी। ब्रिक्स के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे जैसे रूस, चीन, साउथ अफ्रीका, ईरान। ये सब विश्व की महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। भारत ने इन सभी राष्ट्राध्यक्षों का गर्मजोशी से स्वागत किया। ये तीनों शक्तियां दुनियां की राजनीतिक, आर्थिक, रणनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित करने क्षमता रखती हैं।


सोमवार, 7 सितंबर 2026

Delhi buliding Collapse: सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढही, 7 की मौत और मालिक गिरफ्तार

   

जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और रेस्क्यु ऑपरेशन अभी जारी है।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में रविवार को 5 मंजिला इमारत ढह गई। 6 सितंबर 2026 को दोपहर में करीब 1:30 बजे यह घटना हुई है। जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और 5 लोगों को रेस्क्यु कर निकला गया है।

यह घटना दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार को हुई है। यहां पर अधिकतर स्टूडेंट्स इन हॉस्टल और पीजी में रहते हैं। इस में इलाके में ज्यादातर पीजी और हॉस्टल की बिल्डिंग है। यह 5 मंजिला इमारत थी जिसके ढहने पर 6 लोगों की जान चली गई और एक लोग ने बाद में दम तोड़ दिया। कुल मिलाकर अबतक 7 लोगों की जान गई है।मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम पहुंची। रेस्क्यु ऑपरेशन किया और मलबे में दबे 12 लोगों को निकाला गया है और अभियान अभी जारी है। जो गंभीर रूप से घायल हैं उनको इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ट्रामा सेंटर पहुंची और घायलों के स्वास्थ्य का जायजा लिया। 

रिपोर्ट के अनुसार यह बिल्डिंग लगभग 40-50 साल पुरानी है।जिसके बेसमेंट में मरम्मत का कार्य चल रहा था। उसी समय लगभग दोपहर 1:30 बजे इमारत ढह गई। इस इमारत में लगभग 15 कमरे है। हर एक कमरे में 2-3 स्टूडेंट्स रहते हैं और एक बेड का लगभग ₹1,2000 किराया है। यहां पर ज्यादातर केरल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और यहां पर स्थित मोतीलाल नेहरू कॉलेज और श्री विश्वकर्मा कॉलेज के स्टूडेंट्स रहते हैं। इन मालिकों को भी पता है स्टूडेंट्स कहां जाएंगे और मनमाना किराया लेते हैं। सब स्टूडेंट्स तो कॉलेज हॉस्टल में रह नहीं सकते हैं।

जब कोई घटना हो जाती है और कई लोगों की जान चली जाती है। उसके बाद प्रशासन जागता। तब जांच के आदेश दिए जाते हैं और सारी एजेंसी एक्टिव होती है। यह कोई एक घटना नहीं है, चाहे लखनऊ हॉस्टल में आग लगे, नोएडा में लोग गड्ढे में गिरकर मर जायें या फिर दिल्ली में इमारत गिर जाये। क्या घटना होने का इंतजार किया जाता है। अब यही दिल्ली बिल्डिंग कॉलेप्स घटना के बाद हो रहा है। इमारत का ढांचा, लोकेशन और उसके मानकों की जांच की जा रही है जिसके आदेश पहले दिए जा चुके हैं। रिपोर्ट आएगी, नहीं भी आएगी कुछ समय के बाद प्रशासन और लोग भूल जाएंगे।

दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद भवन निर्माण की कथित लापरवाही के मामले में इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बिल्डिंग के मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है और आगे जांच के आदेश दिये गए हैं। जांच यही तक सीमित नहीं है इसके बाद एमसीडी के कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जांच होने तक निलंबन जारी रहेगा। 




शनिवार, 5 सितंबर 2026

न बड़ा जनाधार, न ज्यादा उम्मीदवार,,, फिर ₹ 1,700 करोड़ का चंदा! गुजरात की 6 पार्टियों पर BBC की पड़ताल

 

6 पार्टियों ने ₹1,700 करोड़ का फंड

  हाल में बीबीसी की संवाददाता शुभांगी मिश्रा ने एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। उनकी इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गुजरात की 6 पार्टियों द्वारा ₹1,700 करोड़ का चंदा चोरी किया गया है। ये पार्टियां रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी हैं।

देश की छह नेशनल पार्टियों में बीजेपी को छोड़कर पांच नेशनल पार्टियों के बारबर चंदा मिला है। जिसमें कांग्रेस, आप, बसपा, सीपीआई(एम)और नेशनल पीपल्स पार्टी हैं जिसके पास कुल ₹1,480 करोड़ रूपये हैं। जबकि इन रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी के पास कुल ₹1,700 करोड़ रूपये हैं। इन पार्टियों को इतना फंड कौन दे रहा है। इन पार्टियों को नेशनल पार्टियों से भी ज्यादा चंदा मिला रहा है। इनके ऑफिस बंद है और इनके कुछ अध्यक्षों का पता नहीं है। बीबीसी टीम ने इनके दफ्तर और इनके घरों पर गई लेकिन ये लोग नहीं मिले। जिसपर सवाल उठना स्वाभाविक है।

 बीबीसी की संवाददाता शुभांगी मिश्रा का दावा है कि एक पार्टी आम जनता पार्टी मई 2020 में बनी और इसके बाद गुजरात में आ जाती है। जिसका अध्यक्ष गौरव मिश्रा को बताया जा रहा है। यह पार्टी रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी है। ये पार्टियां रजिस्टर्ड है लेकिन स्टेट और नेशनल नही हैं। इनका कोई परमानेंट सिम्बल नहीं है। एक पार्टी 2020 में बनी और 2 साल बाद उसके पास ₹620 करोड़ पैसा फाइनेंसियल ईयर 2023-24 में मिला है,जबकि वहीं इण्डियन नेशनल कांग्रेस पार्टी को ₹281 करोड़ चंदा मिला। ये अपने आप में चौंकाने वाला खुलासा है। ये पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में केवल एक उम्मीदवार को उतारा था। एक उम्मीदवार को चुनाव लड़ने में क्या इतना पैसा लगा। इसी तरह से छह और पार्टियां है जो गुजरात मे ही रजिस्टर्ड हैं।

इन छह पार्टीयों में सबसे ज्यादा आम जनता पार्टी को ₹620 करोड़, सत्यवादी रक्षा पार्ट ₹330करोड़, न्यू इंडिया यूनाइट पार्टी ₹200 करोड़, स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी ₹219 करोड़, भारतीय नेशनल जनताबल पार्ट ₹194 करोड़ और गरीब कल्याण पार्टी ₹138 करोड़ रूपयों का चंदा मिला है। ये छह पार्टियां गुजरात में रजिस्टर्ड हैं। इसमें से केवल एक आम जनता पार्टी बिहार से गुजरात में आई है। जिसको सबसे ज्यादा चंदा मिला है। रिपोर्ट के अनुसार 2024 में लोकंसभ चुनाव में 6 पार्टियों ने कुल 15 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाया है।

ADR (association for democratic reforms) की 2025 जुलाई रिपोर्ट के अनुसार RUPPs की फाइनेंसियल स्थित 2023-24 में आर्थिक स्थिति बढ़कर 223% हो गई है। जिसके रिकॉर्ड पब्लिक में उपलब्ध नहीं हैं। ADR भारत में चुनावी और राजनीतिक सुधारों पर काम करने वाला गैर सरकारी और गैर लाभकारी संगठन है। जो चुनावों में लड़ने वाले उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों चुनावी चांदों और चुनाव से संबंधित आकड़ो पर पारदर्शिता से विश्लेषण करता है। 

भारत में कुल 2,593 पार्टियां है जिसमें 6 नेशनल पार्टी, 67 स्टेट और रीजनल पार्टी और जिसमें रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी 2,520 हैं।  पार्टियों को चंदा देने पर टैक्स में   छूट मिलता है। ये हमारे कंस्टीट्यूशन में आर्टिकल 13A, 29B और 29C जैसे आर्टिकल हैं जो अधिकार देते हैं लीगल तरीके से किसी कोर्पोरेशन और इंडिविजुअल व्यक्ति से डोनेशन ले सकते हैं। जिस प्रयोग चुनावी प्रक्रियाओं में कर सकते हैं। लेकिन इसके पीछे इस डोनेशन का इल्लीगल और ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा सकता और टैक्स बचाने के लिए भी यह किया जा सकता है।

यदि ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही हैं तो बहुत सारी इन्वेस्टिगेटिव एजेंसीज है जो इन मामलों पर नजर रखती हैं। उनको ऐसे खामियां क्यों नजर नहीं आती है। ऐसा बहुत सारे NGOs और पार्टियों के द्वारा किया जा रहा और किया जा सकता है। जिस पैसे का गलत प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता रखना जरूरी है।



शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

जंतर मंतर दिल्ली निशु आजाद केस, महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस ने की मारपीट और FRS की संदिग्ध पहचान ने उठाये गंभीर सवाल

दिल्ली पुलिस के इंवेस्टिगेशन पर सवाल उठ रहे हैं।

  हाल में ही दिल्ली पुलिस के कारनामों का डंका पूरे देश और दुनिया बजा है। चाहे सीजेपी आंदोलन के दौरान हो या 4PM न्यूज नेटवर्क की महिला पत्रकारों के साथ मारपीट को लेकर और  आंदोलन के दौरान 25 संदिग्ध आरोपियों का आंदोलन परिसर में उनका पहुंचना हो। सवाल तो उठना स्वाभाविक है।सवाल तो दिल्ली पुलिस और गृहमंत्री अमित शाह जी  ही पूछे जायेंगे।

सीजेपी आंदोलन के दौरान जंतर मंतर दिल्ली में एक दलित लड़की निशु आजाद के पिता संजय कुमार का सिर झड़प के दौरान स्वतंत्र भरद्वाज नाम के गुंडे, मवाली ने कड़े से वार करके सिर फोड़ दिया था। यह मामला सामने तब आया जब आरोपी खुले आम घूम रहा है और टीवी चैनल्स पर इंटरव्यू दे रहा था। रेप करने की धमकी दे रहा है। आरोपी बोला रहा था, मैने कड़े से निशु के पिता का सिर फोड़ दिया। उनके सिर पर 7 टांके लगे हैं। मेरे उपर mudered to attempt के तहत 307 सेक्शन लगना चाहिए और मैं खुला आराम से घूम रहा हूं। केंद्रीय मंत्री चिराग़ पासवान, माेदी जी और बीजेपी के बड़े नेताओं को अपना भाई बता रहा था। मुझे कोई पकड़ नहीं सकता है। पुलिस के बूट और पुलिस लाठी मेरे पास है। उसके फोटो भी कई बड़े बीजेपी नेताओं के साथ है। फोटो होना आज समय में कोई बड़ी बात नहीं।

जिस तरह से आरोपी एक विशेष वर्ग और समुदाय के प्रति अभद्र भाषा प्रयोग कर रहा था। ऐसे लोगों को मोटिवेशन कहां से मिलता है। ऐसे लोग एक अच्छे समाज के लिए नासूर से कम नहीं होते हैं। इसके बावजूद ऐसे गुंडे, मवाली खुला घूम रहे हैं। दिल्ली पुलिस सो रही है। FIR तक नहीं हो रही है। सीजेपी और विपक्ष के सांसदों को FIR के लिए थानों को जाना पड़ रहा है। इसके बाद FIR और उसकी बुलंदशहर में गिरफ्तारी होती है। ऐसे लोगों को कौन संरक्षण दे रहा है। इससे पहले दिल्ली पुलिस सिर की चोट को माइनर इंजरी बता रही थी।

दक्षिण दिल्ली के साकेत में 3 सितंबर को एक मैक्स स्मार्ट सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की एक विंग का उद्घाटन करने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे थे।जिसको कवर करने के लिए 4PM न्यूज नेटवर्क की दो महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान  कार्यक्रम में पहुंची थी । साहिन खान का आरोप है कि पुलिस ने उनको रोका और उसके बाद थाने ले आई। एक वीडियो में उन्होंने कहा पुलिस ने नाम पूछा और उनके साथ मारपीट की क्योंकि उनके नाम खान था। जाति समुदाय और धार्मिक पहचान के आधार पर प्रताड़ित किया गया। बॉडी पर मारपीट के निशान भी दिखाई दे रहे थे।

दिल्ली पुलिस डीसीपी अनंत मित्तल का जवाब था कि वीवीआइपी प्रोटोकॉल का ये लड़कियां उल्लंघन कर रही थी। जिसके लिए इनको थाने ले आया गया और पूछताछ की गई।जो भी ये आरोप लगाए जा रहे हैं वो भ्रामक, गलत और निराधार बताया है। पुलिस ने अज्ञात नाम से FIR दर्ज किया। जबकि साहिन खान का कहना है, हम उस पुलिस को पहचानते हैं। मीडिया संगठनों ने इस पर चिंता जताई है। FIR और जांच करने की मांग की है।

Indian express ने सीजेपी आंदोलन जंतर मंतर दिल्ली पर एक रिपोर्ट छापी है। जिसमें उन्होंने कहा है सीजेपी प्रोटेस्ट में फेस रिकॉगनेशन सिस्टम ने 25 ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान की है। जो पहले से किडनैपिंग, रेप, हत्या की साजिश और muder जैसे संगीन अपराधों में सजा काट रहे थे। ये कौन लोग हैं और कैसे जंतर मंतर पहुंचे क्या दिल्ली पुलिस के पास इसका कोई जवाब है? इन सारे मामलों में एक बार फिर दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में है और शायद दिल्ली पुलिस पास कोई इन सवालों का जवाब नहीं है।

इस रिपोर्ट से कुछ प्वाइंट बिल्कुल क्लियर हैं जिस फेस रिकॉगनेशन सिस्टम की बात हो रही है। जिससे देश भर में आरोपियों को पहचाना जा रहा। या तो यह सिस्टम खराब है। या फिर दिल्ली पुलिस और सरकार झूठ बोल रही है। 




गुरुवार, 3 सितंबर 2026

UP, Rajasthan के सरकारी स्कूलों में पत्रकारों और You Tubers की एंट्री पर रोक , सुप्रीम कोर्ट ने PIL सुनने से किया इनकार

 

उत्तर प्रदेश और राजस्थान केस में सुप्रीम कोर्ट ने PIL सुनने से किया इनकार

  उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पत्रकारों और You Tubers को बिना अनुमति के अंदर आने पर प्रतिबंध लगाए गये थे। जिसकी सुनवाई आज यानी 3 सितंबर 2026 को होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने PIL को सुनने से इनकार कर दिया है।

उत्तर प्रदेश में हाल में ही अयोध्या के distric basic education officer के द्वारा 19 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी किया गया। जिसमें कहा गया कि बाहर से आने वाले लोगों को बिना किसी अनुमान के अंदर आने नही दिया जाएगा। ये आदेश तब जारी किया गया जब पत्रकार, यूट्यूबर्स, इंफ्लूएंसर और जो पब्लिक एक्टिविस्ट UP के बदहाल स्कूलों के वीडियो और रिपोर्ट को पब्लिक के सामने और सरकार तक पहुंचा रहे थे। जहां सरकार के खोखले दावों का खुलासा हो रहा था। जो कोई सरकार नहीं चाहती है कि उसकी कमियां जनता के सामने आएं  इसी के साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आदेश जारी किए गए जैसे शामली,बलिया, आजमगढ़, बलरामपुर और आगरा शामिल हैं।

राजस्थान में इससे पहले 16 अगस्त 2026 को director of secondary education officer के द्वारा जारी किए गए आदेश में किसी भी बाहर के लोगों को अंदर आने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस दायरे के अंदर स्कूल के परिसर में आकर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइवस्ट्रीमिंग, और इंटरव्यू करने पर प्रतिबंध लगाए हैं।

सरकार के प्रतिबंध लगाने के क्या कारण हो सकते हैं और सरकार ने ऐसा क्यों किया? कई मीडिया रिपोर्ट और वीडियो सामने आ रहे थे। जिनमें सरकार के खोखले दावों को खुलाशा हो रहा था। जिसमें स्कूलों की जर्जर बिल्डिंग्स, शुद्ध पानी कि कमी , टॉयलेट न होना , कई जगह तो शिक्षकों की कमी पाई गई। पंखा ,बिजली जैसी सामान्य सुविधाओं की कमी है। स्कूल ठीक करो आन्दोलन चलाया जा रहा था जिसमें स्कूल की बदहाली को दिखाया जा रहा था।

 This case is Priya Mishra Vs Union of India and ors का है जिसमें प्रिया मिश्रा मुख्य याचिकाकर्ता हैं जिनकी तरफ से अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा याचिका पेश की है। जिसमें पत्रकार, सिविल एक्टिविस्ट, मीडिया के लोगों पर वीडियोग्राफी लाइवस्ट्रीमिंग, फोटोग्राफी और इंटरव्यू करने पर प्रतिबंध लगाए गये थे जिनको चुनौती दी गई थी। इस याचिका को Artical 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया था। जिसमें मौलिक अधिकारों का हनन बताया गया था। दूसरे पक्ष की तरफ दलील दी गई थी जिसमें नाबालिक बच्चों की privacy, dignity and safety को भी सुरक्षित करना जरूरी है।

जस्टिस PS नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले पर विस्तृत जानकारी देने के बजाय इसे सुनने से इनकार कर दिया है और इस प्रतिबंध पर कोई वैध और अवैध जानकारी नहीं दी ।

कोर्ट का आदेश था 

                              We are not inclined to entertain the writ petition filed under Article 32 of the constitution of India.


बुधवार, 2 सितंबर 2026

नेपाल में फ्लैश फ्लड की तबाही के बीच भारत की बड़ी मदद, 🇮🇳🇳🇵5 वां राहत विमान 5.5 टन दवाइयों के साथ रवाना

 

भारत का 5वां विमान 5.5 टन दवाइयों के साथ पहुंचा नेपाल

  नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया है। लगातार बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी बीच भारत ने नेपाल को राहत मदद सामग्री  और 5.5 टन दवाइयां भेजी हैं।

भारत की तरफ से लगातार नेपाल को राहत मदद सामग्री पहुंचाई जा रही है। 2 सितंबर को भारत का 5 वां  विमान रवाना हुआ। जिसने 11 सदस्यीय रेस्क्यु टीम स्पेशल इक्यूपमेंट के साथ और 5.5 टन दवाइयां पहुंचाई गई। एक्टरनल अफेयर्स मिनिस्टर जयशंकर प्रसाद ने यह जानकारी साझा की। इसके साथ ही नेपाल को अभी तक 68 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। भारत ,नेपाल को हर संभव मदद करने की कोशिश करता है। जब भी नेपाल किसी मुश्किल समय में होता है तो भारत अपनी तरफ से मदद भेजता है।

नेपाल इस समय अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। लगातार जान मान की हानि हो रही है। मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 2 सितंबर बुधवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है। जिसमें कम से कम 348 से ज्यादा लोगों के शवों को चितवन से, पूर्व नवलपरासी से 217, पश्चिम नवलपरासी से 190 और नवाकोट से 155 शवों को बरामद किया गया था। ठीक इसी प्रकार गोरखा से 66 शव, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहु से 38 शवों को बरामद किया गया था।

नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक फ्लैश फ्लूड में मरने वाले 1,113 लोगों के शवों को पोस्टमार्टम और जांच सारी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। जिसमें 95 लोगों के शवों को उनके परिजनों को सौंपा गया है। अभी ऐसे 911 शव हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई है और नेपाल पुलिस के द्वारा इन लोगों की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है जिससे उनके परिजनों को पहचानने में मदद मिल सके।

नेपाल की सिक्योरिटी फोर्सेस के द्वारा 6, 541लोगों को रेस्क्यु किया गया है। यह ओपरेशन लगातार चलाए जा रहे हैं और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। पुलिस ने बताया अभी भी 4,858 लोग लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। नेपाल पुलिस और रेस्क्यु टीम मिलकर ऑपरेशन चला रही हैं। नेपाल फ्लैश फ्लड में ऐसी ख़ौफनाक तस्वीरें सामने आ रही जो हर किसी के दिल को झकझोर दे रही हैं। 

भारत और नेपाल के सदियों पुराने और पारंपरिक रिश्ते रहे हैं। भारत और नेपाल सीमाएं खुली रहतीं हैं लोगों का जन संपर्क एक दूसरे से रहता है। इसके साथ ही सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक अच्छा संबंध रहा है। जून 2026 में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत का दौरा किया जिसमें उन्होंने भारत और नेपाल के विकास को लेकर समीक्षा की जिसमें ऊर्जा व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।


सोमवार, 31 अगस्त 2026

47 किलोमीटर बस का सफर और खौफनाक वारदात: दिल्ली में नाबालिक छात्रा के साथ गैंगरेप

 

दिल्ली में 47km तक बस दौड़ती रही दरिंदगी के साथ

  राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हुआ गैंगरेप, जिसने 12 साल पहले हुए निर्भया कांड की याद को ताजा कर दिया है। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक चलने वाली स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ ड्राइवर और कंडक्टर ने सामूहिक गैंगरेप किया।

यह वारदात 4 अगस्त 2026 की है कश्मीरी गेट थाना ने दोनों आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है और बस को जप्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार 16 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ मैनपुरी जिले के एक गांव में रहती है। वह स्थानीय सरकारी स्कूल की 11वीं की छात्रा है।पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी मां ने पढ़ाई न करने को लेकर डांट लगाई थी। जिससे पीड़िता नाराज होकर बिना बताए 4 अगस्त को घर से चली गई। नोएडा सेक्टर 63 में अपने चचेरे भाई के घर आने के लिए बस में बैठ गई। उसने बताया कि भरी बारिश और अंधेरा होने की वजह से न जान पाने के कारण परी चौक पर उतर गई।

पीड़िता ने बताया इसी दौरान एक दूसरी बस आ रही थी, कंडक्टर से पूछने पर कंडक्टर ने बताया बस नोएडा सेक्टर 63 तक जाएगी। पीड़िता ने जब बस में बैठी  तो पूरी बस खाली थी एक भी पैसेंजर नहीं था। चलती बस में कंडक्टर ने छात्रा के साथ अस्लील हरकते करने लगा। मना करने पर जान से मार देने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने सामूहिक दुष्कर्म किया। बस देर रात दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड के पास रिंग रोड पर उतार दिया और दोनों फरार हो गए।

बस से उतरने के बाद पीड़िता कश्मीरी गेट पुलिस के पास पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मेडिकल जांच रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की धाराओं में प्राथमिकी रूप से रिपोर्ट दर्ज की। फुटेज के आधार कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी ने दोनों आरोपी ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर पार्किंग से अरेस्ट कर लिया गया है। 2012 में निर्भया कांड के बाद यातायात वाहनों के नियमों में बदलाव किए थे। ये आरोपी नियमों को ताख पर रखकर बस में पर्दे लगाकर बस को चला रहे थे।

47 km तक बस दौड़ती रही किसी कोई चेकिंग नहीं की। सारे नियम कानून केवल कागजों तक सीमित हैं। जमीनीस्तर पर कोई इंप्लीमेंटेशन नहीं हुआ है। वर्कशॉप से लौटते वक्त इस घटना को अंजाम दिया। 47 km तक दरिंदगी करते रहे किसी ने रोका तक नहीं। बस के निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे, और इमर्जेंसी पैनिक बटन जीपीएस, यूनिफॉर्म और नेमप्लेट सेफ्टी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। सेफ्टी मानकों के न पूरा होने के बाद भी कैसे ये बसे चल रही हैं। इनके ऊपर कोई नियम कानून लागू नहीं होता है।

सड़क परिवहन विभाग नियम के अनुसार निजी और सार्वजनिक वाहनों में पर्दे, ब्लैक फिल्म , ब्लैक ग्लास नहीं लगा सकते हैं। इसके कारण अंदर हो रही गतिविधियां दिखाई नहीं देती हैं। इसके बावजूद बस में पर्दे लगे 47 Km तक दरिंदगी के साथ दौड़ती रही।

इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पीड़िता के परिवार वालों को दिल्ली बुलाकर महिला पुलिसकर्मी की देखरेख में पीड़िता की औपचारिकता और काउंसलिंग पूरी की गई। इसके बाद उसे सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों का पीटेंसी टेस्ट कराया। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने बस से पीड़िता के बाल और ब्लड सैंपल कलेक्ट किया और इसे DNA जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। ताकि इस DNA को आरोपियों के DNA से मैच कराया जा सके और कोर्ट में ठोस सबूत पेश किया जा सके।

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

नेपाल में कुदरत का विनाशकारी खेल मचा रहा तबाही: ग्लेशियर का निचला हिस्सा टूटने और Bhote koshi river में मलबा जमा होने से आई प्रलयकारी बाढ़, Nepal flash floods

 

नेपाल में भारी जान मान का नुकसान

 नेपाल में कुदरत का विनाशकारी खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आने वाले कुछ दिनों में इसका और भी रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। ऐसा वहां के डिजास्टर मैनेजमेंट और पुलिस की रिपोर्ट से अनुमान लगाया जा सकता है। 

प्रलय की शुरूवात 26 अगस्त 2026 को नेपाल के langtong lirung ग्लेशियर के उत्तर ढलान का निचला हिस्सा टूटने और इसका मलबा bhote koshi river में जमा होने से बताया जा रहा है। नदी का पानी इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा था कि लोगो को भागने तक मौका नहीं मिला। नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं जिनपर यकीन करना मुश्किल हो रहा है। वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि ये वीडियो AI जनरेटेड है। लेकिन सच यही है ये वीडियो AI जनरेटेड नहीं हैं। ये तबाही का मंजर किसी डिजास्टर मूवी के सीन से कम नहीं है। इसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई और लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।

इस प्रलयकारी बाढ़ की वजह से नेपाल में काफी ज्यादा जान मान का नुकसान हुआ है। नेपाल के रिपोर्ट के अनुसार अबतक 616 लोगों की जान चली गई है जिसमें ,2500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। यह संख्या बढ़कर इससे ज्यादा भी हो सकती है। बताया जा है अबतक 93,000 से ज्यादा लोग इस प्रलयकारी बाढ़ से प्रभावित हैं। बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है और लोगों सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। यह आंकड़ा आने वाले समय में बदल भी सकता है। 

नेपाल की ऐजेन्सी के द्वारा लगातार रेस्क्यु ऑपरेशन चलाये जा रहे हैं। जिसके द्वारा लोगों को निकाल कर सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। इस विनाशकारी बाढ़ ने न केवल लोगों की जान मान को नुकसान पहुंचाया बल्कि नेपाल के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को तहस नहस कर दिया है। चाहे हाईड्रोपावर प्रोजेक्ट, सड़के, डैम, घर या पुल हो सबकुछ बर्बाद कर दिया है। नेपाल के विकास के लिए यह एक बड़ा जख्म है। जिसको भरने में कई साल लग सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेपाल के प्रलयकारी बाढ़ में भारतीय नागरिकों मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है जबकि 320 भारतीयों से संपर्क टूटने और लापता होने की खबर है अभी उनकी तलाश की जा रही है। ये लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे और अचानक बाढ़ आने के कारण वही फंस गए हैं। कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है और निकाला जा रहा है।  इसमें से 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है जिसमे से 21 तमिलनाडु के यात्री हैं और 63 हाईड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले लोग थे जिनको निकाला गया है । लगातार रेस्क्यु ऑपरेशन चलाये जा रहे हैं। लोगों के दैनिक जीवन के लिए आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है 

नेपाल में इस प्रलयकारी बाढ़ के पीछे आने के कई कारण हो सकते हैं langtang lirung ग्लेशियर का उत्तर ढलान के निचले हिस्से के खिसकने के साथ ही मिट्टी, मलबा और बर्फ के नदी में जमा होने से पानी का बहाव तेज हुआ और इस विनाशकारी घटना ने जन्म लिया। क्लाइमेट चेंज भी इसका कारण हो सकता है। अभी भी विनाशकारी बाढ़ थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। लोगों दहसत का माहौल है। दिल को झकझोर देने वाले तस्वीरें सामने आ रही हैं। यह अपने आप एक किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। इस बाढ़ का प्रभाव चीन और भारत के कुछ इलाकों पर पड़ सकता है।




मंगलवार, 25 अगस्त 2026

जयशंकर- पुतिन की मुलाकात: ऊर्जा, व्यापार और खाद्य सप्लाई करने पर बनी सहमति किसानों को मिल सकती राहत

 

India and Russia help with trade and grow economy

 भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रसाद और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात सोमवार को मास्को के क्रेमलिन में हुई है। भारत और रूस ने परमाणु कार्यक्रमों, ऊर्जा, खाद और व्यापार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग करने पर बात की गई है। जिससे दोनों देशों में आपसी सहयोग बढ़ेगा। इसके साथ ही रूस के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की। जयशंकर प्रसाद दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को मॉस्को पहुंचे। यह यात्रा 12-13 सितंबर को होने वाले देशों के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने लिए पुतिन के दिल्ली दौरे से पहले हो रही है। जयशंकर प्रसाद ने रूस के उपराष्ट्रपति डेनिश मंत्युरोव के साथ व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक मुद्दों पर बात हुई।

हालांकि भारत का व्यापार रूस के साथ घाटे का व्यापार है और व्यापार का सन्तुलन भारत के पक्ष में नहीं है। 2025 की रिपोर्ट के अनुसार भारत रूस को $4.9 अरब का निर्यात करता है और रूस से आयात लगभग $ 63.9 अरब का था, यानी भारत को $58.9 अरब का घाटा हुआ। व्यापार में आर्थिक साझेदारी बढ़ाने के लिए जयशंकर प्रसाद और पुतिन के बीच इन मुद्दों को लेकर बात चीत हुई। जिसमें उन्होंने परमाणु कार्यक्रमों और उर्जा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय बढ़ावा देने के साथ भारतीय निर्यात और भारतीय वस्तुओं को रूस के बाजार में बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। इसी के साथ भारत और रूस के व्यापार को $58.9 से बढ़ाकर 2030 तक $100 अरब तक पहुंचना है। व्यापार को बैलेंस करने की चुनौती बनी हुई है।

इसके साथ राष्ट्रपति पुतिन ने उर्वरक को लेकर भी आपसी सहयोग करने का अश्वासन दिया। उन्होंने कहा इसके लिए हम कोशिश कर रहे। इस आपसी सहयोग से भारत में उर्वरक की किल्लत से छुटकारा मिल सकता है। जिससे कृषि क्षेत्रों में किसानों को उर्वरक के रूप में सहायता मिल सकती है। यह किसानों के लिए बड़ी सौगात होगी। खाद की आपूर्ति की जा सकती है। इसी क्रम मे एनर्जी, फार्मा, मिलेट्री जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग करने पर भी चर्चा हुई ।

जयशंकर प्रसाद ने राष्ट्रपति पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को शुभकामनाएं दी,और भारत में होने वाले BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 में हो रहा है। जहां दिल्ली में इसका आयोजन होगा प्रधानमंत्री ने पुतिन से मिलने की इच्छा जताई है। आपसी सहयोग से आर्थिक स्थिति में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत और रूस के संबंध पारंपरिक तौर से लंबे समय से अच्छे रहे हैं और लगातार व्यापार बढ़ रहा है।


सोमवार, 24 अगस्त 2026

महाराष्ट्र के अमरावती हॉस्पिटल में लगी आग, 3 नवजात बच्चों की मौत; 36 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया गया

 
Three new born baby death

 अमरावती, महाराष्ट्र। 24 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के अमरावती हॉस्पिटल NICU में आग लगने से 3 नवजात बच्चों ने अपनी जिन्दगी की शुरूवात करने से पहले आग चपेट में आकर अपनी जिंदगी से हार गए और दर्दनाक मौत हो गई। इसके साथ ये भी कहना गलत नहीं होगा कि 3 नवजात जिंदगियां इस सिस्टम से हर गई। शायद ये नवजात बच्चों ने अपनी मां का  चेहरा भी अच्छे से नही देखा होगा। इस भीषण आग ने 3 बच्चों की जिंदगी छीन ली जबकि 36 नवजात बच्चों को इसी हॉस्पिटल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना ने लोगों के दिल को दहला दिया।

अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, अमरावती district women's हॉस्पिटल के NICU के ऑउटबोर्न बेबी सेक्शन में सुबह 3:15 मिनट पर एक वेंटीलेटर में आग लगने की वजह से विस्फोटक धमाका हुआ और आग चारों तरफ फैल गई। वार्ड में महजूद डॉक्टर्स और नर्स ने 6 बच्चों को वहां से निकाला और 3 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जिन बच्चों की हालत गंभीर है उनको सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हॉस्पिटल में देखभाल के लिए वार्ड में 3 सेक्शन है जिनमें कुल 39 बच्चे थे।

आग लगने के कारणों पर अभी जांच की जा रही है। पुलिस और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन इन कारणों पर जांच कर रहा है। आग वेंटिलेटर से लगी या इसका कोई दूसरा कारण हो सकता है। क्या समय पर जांच होती थी?  इसका जिम्मेदार कौन है? हॉस्पिटल सारे मानक सेफ्टी के अनुसार चल रहा था ? क्या तकनीकी खराबी का अंदाजा पहले से नहीं लगाया गया। क्या वहां अग्निशामक यन्त्र नहीं लगे थे। जिससे बच्चों को बचाया जा सके। इस बात पता लगाने के लिए पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा बच्चों की मौत धुएं और दम घुटने की वजह से हुई है। कुछ बच्चे आग की तेज लपटों की वजह झुलस गए हैं जिनके बेहतर इलाज के लिए नजदीकी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में रेफर किया गया है। क्या इन नवजात बच्चों की जिंदगियों की इतनी कीमत नहीं है जो हम एक अच्छी व्यवस्था मुहैया करवा सकें। महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर दुख जताते हुए  उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है उनको 5 लाख आर्थिक सहायता करने का आश्वासन दिया है।

जिन परिवारों अपने बच्चों को खोया है उनकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है। हम क्या ऐसे हादसे होने का इंतजार करते हैं। जब हादसे होंगे उसके बाद से प्रशासन अलर्ट होगा। हादसा होने से पहले नियमित सुरक्षा मानकों की जांच हो सकती है। ऐसे हादसे बहुत दुखद होते हैं जिनमें लोग सिस्टम से हार जाते हैं।



शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

राजस्थान में CJP प्रवक्ता पर कथित हमला, स्कूल निरीक्षण के दौरान मचा बवाल

 

स्कूल निरीक्षण के दौरान सीजेपी प्रवक्ता से हुई मारपीट

 एक आंदोलन के तहत CJP टीम और उसके प्रवक्ता आशुतोष रांका स्कूल निरीक्षण करने के लिए राजस्थान पहुंचे थे। स्कूल का नाम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा कंवरपुरा (जयपुर) बताया जा रहा है। जहां पर कुछ लोगों ने उन्हें स्कूल के अंदर जाने से रोका और उनके साथ मार पीट भी हुई। CJP को अंदर जाने से रोके जाने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गांव के लोगों को साधुवाद दिया। उन्होंने ने कहा ये लोग हमारी शिक्षा व्यवस्था में व्यवधान डालने के लिए स्कूलों को टारगेट कर रहे हैं। जिसको लेकर उन्होंने गांव वालों की काफी प्रशंसा की। इससे पहले भी राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश दिया था किसी को बिना अनुमति के स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई भी संस्था सुचारू रूप से चल रही है तो निरीक्षण करने पर कोई समस्या या रोक नहीं होनी चाहिए।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका मीडिया से बात करते हुए कहा और शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाए हैं जिनके साथ मारपीट हुई वो सब बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। स्कूल के अंदर जाने पर इन लोगों ने मारपीट किया ईंट, पत्थरों से गाड़ी के शीशे तोड़े। आगे उन्होंने कहा यह सब पहले से प्लान था और पुलिस से बात की लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए मना कर दिया, की यह तुम्हारा मामला है। इससे एक बात साफ है सरकार की तानाशाही चरम पर है।

शिक्षा मंत्री पर कटाक्ष करते हुए भैंस के तबेले के अंदर वर्ल्ड क्लास AI  क्लास चल रही हैं। चमकती हुई सीटें, स्मार्ट बोर्ड्स और न्यू टेक्नोलॉजी से क्लास चल रही हैं। तो फिर उन्हें इसे पूरी दुनिया को दिखाना चाहिए। जिससे दूसरे देश भी सीख सके और वो आगे बढ़ सकते हैं। सरकार मनसा साफ है उनको  इससे कोई मतलब नहीं है। स्कूलों की छतें गिर रही हैं। किताबें और टीचर्स नहीं हैं। मिड डे मील में पानी परोसा जा रहा है।

ये समस्या किसी एक राज्य की नहीं है बिहार, उत्तर प्रदेश अलग अलग राज्यों में यही समस्याएं सामने आ रही हैं। अभी हाल में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बच्चे सड़कों पर धरना दे रहे थे। वहां भी टीचर्स नहीं हैं। NTA में अब भी कोई सुधार नहीं हुआ है। इतना सब कुछ हो जाने के बाद, सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। AI पेपर बना रहा है इसके बावजूद इन लोगों के पास पेपर पढ़ने का समय नहीं है। शिक्षा व्यवस्था के नाम पर क्या ही चल रहा है।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026

पान मसाला के पैकेजिंग में अब नहीं चलेगी प्लास्टिक! Fassi ने बदले नियम

   

Fassi ने बैन किया प्लास्टिक पैकेजिंग पान मसाला

7अगस्त 2026 को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Fassi)  ने पान मसाला कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। Fassi ने कहा अब कोई पान मसाला पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक, एल्यूमिनियम फॉयल और मे मेटालाइज्ड लेयर का प्रयोग करने पर सख्त रोक लगाई है।  इसके रिप्लेसमेंट में पान मसाला पैकेजिंग  पेपर, पेपरबोर्ड, टिन या ग्लास विकल्पों को लगाने की छूट है। इसका कहना है कि प्लास्टिक के प्रयोग को रोकना है और इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रभाव को कम करना है। 

  इसका क्या प्रभाव पड़ेगा कंज्यूमर और फैक्ट्रियों पर आने वाले समय में पता चलेगा।सम्भावित अनुमान के अनुसार कंपनियां पैकिंग की वजह से पान मसाला का प्राइस बढ़ा सकती है। इसका सीधा असर कंज्यूमर्स पर पड़ सकता है। इसकी भरपाई ग्राहकों की पॉकेट से की जाएगी। पान मसाला से बने उत्पादों पर कोई रोक नहीं लगाई गई । पान मसाला की पैकेजिंग पर रोक लगाई गई है।

  Fssai ने निर्देश दिया कि स्कूलों से 100 मीटर दायरे में कोई पान मसाला और जंक फूड्स की दुकान नहीं होनी चाहिए। बच्चे जंक्स फूड खाकर बीमार पड़ रहे हैं।

कर्नाटक ने एक साल के लिए बैन किया गुटका, टुबैको और निकोटीन

कर्नाटक में कमिश्नर फूड ऑफ सेफ्टी कर्नाटक की ओर से हाल ही में एक आदेश जारी किया लेकिन इसमें सभी पान मसाला शामिल नही है।जिसमें गुटका, टुबैको और निकोटीन से बने उत्पादों पर एक साल तक रोक लगाने की बात कही है।जिसमें इन उत्पादों को बनाने, बेचने और लाने ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।जिससे ड्रग्स गुटका टुबैको और निकोटीन पर रोक लगाई जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य गुटका और निकोटीन से बने उत्पादों पर रोक लगाना है। युवा लगातार ड्रग्स का आदी होता जा रहा है। एक बड़ी संख्या में युवा टोबैको और निकोटीन से प्रभावित हैं।

  इसमें स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है केवल एक साल के लिए बैन किया गया है। कर्नाटक में यह एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।


सोमवार, 10 अगस्त 2026

JPSC विवाद में बड़ा एक्शन, पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार, झारखंड सरकार ने छात्रों पर किया लाठीचार्ज

 

जेपीएससी आंदोलन में सरकार ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया

झारखण्ड में अनियमित जेपीएससी परीक्षा भर्ती को लेकर लगातार छात्र आंदोलन बढ रहा है। आज 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने एलान किया है। इसके छात्र लिए आगे बढ़ रहे थे। छात्र बैरिकेडिंग हटा कर आगे बढ़ने के कोशिश कर रहे थे तभी पुलिस छात्रों पर वाटर कैनन चलाया गया। टियर गैस और लाठीचार्ज भी किया गया। इसके बावजूद भी छात्र आगे बढ़ते रहे। छात्र दूसरे रास्तों से विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और सरकार लगातार पुलिस बल का प्रयोग कर रही है। 

  छात्रों ने कहा है आंदोलन लगातार होगा जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं सुनेगी। सरकार की कार्यवाही दिखाई दे रही है लेकिन छात्रों को भरोसा नहीं है। JPSC मामले चल रही सीआईडी जांच में बड़ा एक्शन लिया गया है।जिसमें जेपीएससी पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रों का कहना है इसकी जांच सीबीआई करे और 14वीं परीक्षा रद्द हो। और इसकी जांच सीबीआई को सौंपी जाए। छात्रों और सरकार के संगठन से बातचीत भी हुई लेकिन सरकार किसी निर्णायक मोड़ तक नहीं पहुंची।

  झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार अभीतक समझ नहीं पाई कि छात्रों के मुद्दे क्या हैं। जो सीजेपी आंदोलन जंतर मंतर दिल्ली में हुआ था। ये सरकार वही दोहरा रही है। इसमें छात्रों के साथ बर्बरता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकारों को समझना पड़ेगा ये पढ़े लिखे हैं अनपढ़ नहीं है इनके मुद्दे करप्शन, घोटाल और चोरी के खिलाफ है न की ये सरकार के विरोध में हैं। इसमें एक नया कारनामा देखने को मिला है जिसमें सरकार ने मीडियाकर्मी, शिक्षक तक को नहीं छोड़ा गया है और छात्र तो लाठीचार्ज खा ही रहे हैं।

 टाइगर जयराम महतो झारखंड में डुमरी विधानसभा से विधायक है और उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाएं है। जो JPSC और JSSC परीक्षा में भर्ती घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ है। उसका पैसा विधायिका तक पहुंचता है। इसीलिए सरकार कार्यवाही से बच रही है इसमें कही बड़े लोगों का ब्लैक कॉलर व्हाइट न हो गए और इसमें घोटाला हुआ है वो लाखों का नहीं करोड़ों का है। टाइगर महतो जंतर मंतर दिल्ली में हो रहे आंदोलन में छात्रों को सपोर्ट किया था और अब झारखंड रांची में छात्रों का सपोर्ट कर रहे हैं। 

   छात्रों की राहुल गांधी से अपील है यदि राहुल गांधी सच में छात्रों के हितैषी हैं उनकी गठबंधन की सरकार है।इस उनको एक्शन लेना चाहिए।वे देश भर में छात्रों के लिए अलग अलग राज्यों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं। उनको रांची आकर भी छात्रों बात चीत करनी चाहिए।

  

शनिवार, 8 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के अफसर छात्रों से संवाद करेंगे

   

परीक्षा पर चर्चा करेंगे योगी जी के अफसर

नीट यूजी पेपर लीक और जंतर मंतर पर आंदोलन होने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी की सरकार छात्रों के लिए बड़ा दिल दिया है। योगी के अफसर छात्रों से मिलेंगे और उनसे संवाद करेंगे। सरकार की कोशिश है छात्रों के वर्ग को खुश किया जाय। सरकार का कहना है जब प्रशासनिक अधिकारी छात्रों से बात करेंगे तो इससे छात्रों को प्रेरणा मिल सकती है इसके साथ ही काउंसलिंग की जा सकती। इस संवाद में IAS, IPS और IFS अफसर छात्रों से मिलेंगे। मुख्य सचिव SP गोयल की तरफ से जारी पत्र में डीएम को आदेश दिया गया। इसमें डीएम युवा IAS, IPS और IFS के अफसरों के लिए एक महीने तक स्कूलों में आने जाने की व्यवस्था होगी। ये स्कूल सरकारी या प्राइवेट हो सकते हैं।

  ये अधिकारी स्कूल मैनेजमैंट से बात करके इसके बाद संवाद और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें छात्रों की काउंसलिंग करेंगे, दौरान यूपीएससी, नीट, आईपीएस, आईएस और जेईई मेन्स जैसे परीक्षाओं पर चर्चा होगी और राज्य सरकार की सभी योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। इस काम के लिए डीएम अपना एक समय निश्चित करेंगे और इसी समय पर सारी जानकारी प्रशासन को दी जाएगी। कौन अधिकारी कब क्या कर रहा है यह डीएम की जिम्मेदारी होगी वह आजाद है इसको और अच्छा बनाने में।

 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सरदार बल्लभ भाई पटेल औद्योगिक और रोजगार क्षेत्र की स्थापना में तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग को हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज पहुंचाने पर विचार करने और साथ खेल सुविधाओं को ध्यान रखने पर जोर दिया है। इससे युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने में मदद मिलेगी। यहां पर ऐसे कई बड़े सवाल उठ सकते हैं ये सब चुनाव आने के समय ही क्यों होता है।अगर यही इससे पहले होता तो कितना अच्छा रहता।

रविवार, 17 मई 2026

जिसने दिया है ये जीवन

 जिसने दिया है, जीवन ये मुझको।

कैसे भूल जाते, हम उनको।

अनमोल रतन है, जीवन सबका।

बार बार है, न ये मिलता।

याद है करते, हम उनको।

जिसने दिया है , जीवन ये मुझको।

                        मां बाप से बढ़कर, कोई नहीं होता ।

                          दुनिया का दिखावा, कम नहीं होता।

                            कष्ट न होने दो, तुम उनको ।

                              जिसने दिया है, जीवन ये मुझको।

पाई पाई जोड़कर, तुमको पढ़ाते हैं।

खुद का मन मार कर, तुमको बढ़ाते हैं।

उनके बुढ़ापे का , तुम ही सहारा हो।

जिसने दिया है, जीवन ये मुझको।

कैसे भूल जाते, हम उनको।

                              सौरभ कुमार 

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