नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया है। लगातार बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी बीच भारत ने नेपाल को राहत मदद सामग्री और 5.5 टन दवाइयां भेजी हैं।
भारत की तरफ से लगातार नेपाल को राहत मदद सामग्री पहुंचाई जा रही है। 2 सितंबर को भारत का 5 वां विमान रवाना हुआ। जिसने 11 सदस्यीय रेस्क्यु टीम स्पेशल इक्यूपमेंट के साथ और 5.5 टन दवाइयां पहुंचाई गई। एक्टरनल अफेयर्स मिनिस्टर जयशंकर प्रसाद ने यह जानकारी साझा की। इसके साथ ही नेपाल को अभी तक 68 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। भारत ,नेपाल को हर संभव मदद करने की कोशिश करता है। जब भी नेपाल किसी मुश्किल समय में होता है तो भारत अपनी तरफ से मदद भेजता है।
नेपाल इस समय अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। लगातार जान मान की हानि हो रही है। मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 2 सितंबर बुधवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है। जिसमें कम से कम 348 से ज्यादा लोगों के शवों को चितवन से, पूर्व नवलपरासी से 217, पश्चिम नवलपरासी से 190 और नवाकोट से 155 शवों को बरामद किया गया था। ठीक इसी प्रकार गोरखा से 66 शव, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहु से 38 शवों को बरामद किया गया था।
नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक फ्लैश फ्लूड में मरने वाले 1,113 लोगों के शवों को पोस्टमार्टम और जांच सारी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। जिसमें 95 लोगों के शवों को उनके परिजनों को सौंपा गया है। अभी ऐसे 911 शव हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई है और नेपाल पुलिस के द्वारा इन लोगों की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है जिससे उनके परिजनों को पहचानने में मदद मिल सके।
नेपाल की सिक्योरिटी फोर्सेस के द्वारा 6, 541लोगों को रेस्क्यु किया गया है। यह ओपरेशन लगातार चलाए जा रहे हैं और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। पुलिस ने बताया अभी भी 4,858 लोग लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। नेपाल पुलिस और रेस्क्यु टीम मिलकर ऑपरेशन चला रही हैं। नेपाल फ्लैश फ्लड में ऐसी ख़ौफनाक तस्वीरें सामने आ रही जो हर किसी के दिल को झकझोर दे रही हैं।
भारत और नेपाल के सदियों पुराने और पारंपरिक रिश्ते रहे हैं। भारत और नेपाल सीमाएं खुली रहतीं हैं लोगों का जन संपर्क एक दूसरे से रहता है। इसके साथ ही सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक अच्छा संबंध रहा है। जून 2026 में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत का दौरा किया जिसमें उन्होंने भारत और नेपाल के विकास को लेकर समीक्षा की जिसमें ऊर्जा व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।

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