चंडीगढ़ महोली में कौमी इंसाफ मोर्चा के लोगों ने 21 अगस्त 2026 को पंजाब बंद का आह्वान किया है। जिसमें बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर मांगे उठाई जा रही हैं। यह संगठन अपने न्याय अधिकार को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है। बंदी सिंहों यानी जो लंबे समय से जेलों में बंद है। जिसमें कुछ कैदियों की रिहाई के लिए मांग उठाई जा रही है जिनकी सजा पूरी हो चुकी है। इसमें सब शामिल नहीं हैं, आरोपों और सजा के आधार पर सब अलग अलग हो सकते हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रमुख धरना 7 जनवरी 2023 को महोली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहिब से शुरू था। इसके बाद प्रदर्शनकारी लंबे समय तक YPS चौक चण्डीगढ़ सीमा पर बैठे रहे।
बंदी सिंह शब्द का इस्तेमाल संगठन के उन सिख कैदियों के लिए किया जाता है। जो 1990 के समय पंजाब में उग्रवाद और दंगों में आरोपी पाए गए थे और जेल में सजा काट रहे हैं। संगठन के लोगों का आरोप है जिन लोगों की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन उन्हें अभी भी नहीं रिहा किया जा रहा है। न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाना। जिससे वो लोगों पंजाब बंद का आह्वान किया। सरकार की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चंडीगढ़ और महोली की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिससे किसी भी हिंसक गतिविधियों को रोका जा सके।
इस संगठन के प्रमुख चेहरों ने मीडिया से बात करते हुए अपनी मांगे सामने रखी और कहा जिनकी सजा पूरी हो गई है उनको रिहा किया जाय, एडवोकेट दिलशेर सिंह, एडवोकेट अमर सिंह चहल, गुरचरन सिंह, पाल सिंह फ्रांस और जसविंदर सिंह राजपुरा शामिल हैं।
हाल में ही अगस्त 2026 में संगठन की लोगो ने 15 अगस्त को महोली से चंडीगढ की ओर मार्च करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने वाटर कैनन और अंशु गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया।

