The Public Pahuch
सटीक खबर, आपकी पहुँच
विश्वसनीय  |  निष्पक्ष  |  जनहित
f 𝕏 ◎ ▶ ⌕FOLLOW
☁️मौसम
▶️वीडियो
⚡न्यूज़ शॉर्ट्स
⚡ BREAKING NEWS
The Public Pahuch की बड़ी और ताजा खबरें यहां पढ़ें...
मुख्य खबर
मुख्य खबर

The Public Pahuch
FOLLOW
ADVERTISEMENT
देश लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
देश लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

चंडीगढ़ महोली में बढ़ी सुरक्षा, कौमी इंसाफ मोर्चा की मांगो ने बढ़ाया हलचल पंजाब बंद आह्वान

 

कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन

चंडीगढ़ महोली में कौमी इंसाफ मोर्चा के लोगों ने 21 अगस्त 2026 को पंजाब बंद का आह्वान किया है। जिसमें बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर मांगे उठाई जा रही हैं। यह संगठन अपने  न्याय अधिकार को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है। बंदी सिंहों यानी जो लंबे समय से जेलों में बंद है। जिसमें कुछ कैदियों की रिहाई के लिए मांग उठाई जा रही है जिनकी सजा पूरी हो चुकी है। इसमें सब शामिल नहीं हैं, आरोपों और सजा के आधार पर सब अलग अलग हो सकते हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रमुख धरना 7 जनवरी 2023 को महोली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहिब से शुरू था। इसके बाद प्रदर्शनकारी लंबे समय तक YPS चौक चण्डीगढ़ सीमा पर बैठे रहे।

बंदी सिंह शब्द का इस्तेमाल संगठन के उन सिख कैदियों के लिए किया जाता है। जो 1990 के समय पंजाब में उग्रवाद और दंगों में आरोपी पाए गए थे और जेल में सजा काट रहे हैं। संगठन के लोगों का आरोप है जिन लोगों की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन उन्हें अभी भी नहीं रिहा किया जा रहा है। न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाना। जिससे वो लोगों पंजाब बंद का आह्वान किया। सरकार की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चंडीगढ़ और महोली की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिससे किसी भी हिंसक गतिविधियों को रोका जा सके।

इस संगठन के प्रमुख चेहरों ने मीडिया से बात करते हुए अपनी मांगे सामने रखी और कहा जिनकी सजा पूरी हो गई है उनको रिहा किया जाय, एडवोकेट दिलशेर सिंह, एडवोकेट अमर सिंह चहल, गुरचरन सिंह, पाल सिंह फ्रांस और जसविंदर सिंह राजपुरा शामिल हैं।

हाल में ही अगस्त 2026 में संगठन की लोगो ने 15 अगस्त को  महोली से चंडीगढ की ओर मार्च करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने वाटर कैनन और अंशु गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया।



राजस्थान में CJP प्रवक्ता पर कथित हमला, स्कूल निरीक्षण के दौरान मचा बवाल

 

स्कूल निरीक्षण के दौरान सीजेपी प्रवक्ता से हुई मारपीट

 एक आंदोलन के तहत CJP टीम और उसके प्रवक्ता आशुतोष रांका स्कूल निरीक्षण करने के लिए राजस्थान पहुंचे थे। स्कूल का नाम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा कंवरपुरा (जयपुर) बताया जा रहा है। जहां पर कुछ लोगों ने उन्हें स्कूल के अंदर जाने से रोका और उनके साथ मार पीट भी हुई। CJP को अंदर जाने से रोके जाने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गांव के लोगों को साधुवाद दिया। उन्होंने ने कहा ये लोग हमारी शिक्षा व्यवस्था में व्यवधान डालने के लिए स्कूलों को टारगेट कर रहे हैं। जिसको लेकर उन्होंने गांव वालों की काफी प्रशंसा की। इससे पहले भी राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश दिया था किसी को बिना अनुमति के स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई भी संस्था सुचारू रूप से चल रही है तो निरीक्षण करने पर कोई समस्या या रोक नहीं होनी चाहिए।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका मीडिया से बात करते हुए कहा और शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाए हैं जिनके साथ मारपीट हुई वो सब बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। स्कूल के अंदर जाने पर इन लोगों ने मारपीट किया ईंट, पत्थरों से गाड़ी के शीशे तोड़े। आगे उन्होंने कहा यह सब पहले से प्लान था और पुलिस से बात की लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए मना कर दिया, की यह तुम्हारा मामला है। इससे एक बात साफ है सरकार की तानाशाही चरम पर है।

शिक्षा मंत्री पर कटाक्ष करते हुए भैंस के तबेले के अंदर वर्ल्ड क्लास AI  क्लास चल रही हैं। चमकती हुई सीटें, स्मार्ट बोर्ड्स और न्यू टेक्नोलॉजी से क्लास चल रही हैं। तो फिर उन्हें इसे पूरी दुनिया को दिखाना चाहिए। जिससे दूसरे देश भी सीख सके और वो आगे बढ़ सकते हैं। सरकार मनसा साफ है उनको  इससे कोई मतलब नहीं है। स्कूलों की छतें गिर रही हैं। किताबें और टीचर्स नहीं हैं। मिड डे मील में पानी परोसा जा रहा है।

ये समस्या किसी एक राज्य की नहीं है बिहार, उत्तर प्रदेश अलग अलग राज्यों में यही समस्याएं सामने आ रही हैं। अभी हाल में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बच्चे सड़कों पर धरना दे रहे थे। वहां भी टीचर्स नहीं हैं। NTA में अब भी कोई सुधार नहीं हुआ है। इतना सब कुछ हो जाने के बाद, सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। AI पेपर बना रहा है इसके बावजूद इन लोगों के पास पेपर पढ़ने का समय नहीं है। शिक्षा व्यवस्था के नाम पर क्या ही चल रहा है।

ECI में SIR को लेकर मतभेद, दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार दर्ज कराई औपचारिक आपत्तियां फिर भी नहीं हुई कोई कार्यवाही

    इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) में, मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के काले कारनामों का खुलासा The Indian Express की रिपोर्ट में हुआ है। ज...