जिसने दिया है, जीवन ये मुझको।
कैसे भूल जाते, हम उनको।
अनमोल रतन है, जीवन सबका।
बार बार है, न ये मिलता।
याद है करते, हम उनको।
जिसने दिया है , जीवन ये मुझको।
मां बाप से बढ़कर, कोई नहीं होता ।
दुनिया का दिखावा, कम नहीं होता।
कष्ट न होने दो, तुम उनको ।
जिसने दिया है, जीवन ये मुझको।
पाई पाई जोड़कर, तुमको पढ़ाते हैं।
खुद का मन मार कर, तुमको बढ़ाते हैं।
उनके बुढ़ापे का , तुम ही सहारा हो।
जिसने दिया है, जीवन ये मुझको।
कैसे भूल जाते, हम उनको।
सौरभ कुमार
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