जंतर मंतर दिल्ली आंदोलन अब एक नया मोड़ ले लिया है। छात्रों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। और अब उनकी मांगे समय के अनुसार बदलती जा रही हैं। प्रधानमंत्री रील बनाते जा रहे हैं। वो कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक की ,जिसमें आरोपी को दस साल तक सजा और दस करोड़ जुर्माने के लिए बिल पास करने की बात कर रहे हैं। लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। प्रधानमंत्री जी की रील को लेकर युवाओं में नाराजगी देखी गई है। आंदोलन का बड़ा होने का कारण सरकार है और अब तक उनकी मांगे मान ली जाती।
बहुत सारी अटकलों के चलते हुए इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को दे दिया है। इसी बीच उन्होंने बहुत सारी बातें का जिक्र किया। उन्होंने ने कहा हम दो दशक से शिक्षा मंत्री के रूप में भारत की सेवा कर रहे थे। हम युवाओं की भावनाओं को मानते हैं। नीट यूजी में हुए पेपर लीक के चलते अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं।
इसी बीच उन्होंने कहा कि देश विरोधी ताकते इसका लाभ उठाएं और ये हमारी जिम्मेदारी थी। हम इससे पीछे नहीं हट सकते हैं।

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