Open AI और Anthropic जैसी कंपनियों में काम कर चुके पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon ने आरोप लगाया है। Self-improving और superintelligece बनने के रेश में कई देश लगे हैं। एंथ्रोपिक के और मौजूदा शोधकर्ता ने भी अगले दशक में मानव विकाश का जोखिम 10% अधिक बताया है।
हाल में ही छपी The Gaurdian की रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौका दिया है। USA में sanfrancisco और कैलिफ़ोर्निया में Open AI और Anthropic जैसी कंपनियों काम कर चुके पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon ने चेतावनी दी है कि 2030 तक AI इंसानों को खत्म कर सकता है। रिसर्चर Jacob Coxon ने Open AI और Anthropic कंपनियों में बतौर प्रीट्रेनर रिसर्चर के तौर 3 साल काम किया है। सितंबर 2026 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उनका आरोप है कि कंपनियां सेल्फ इंप्रूवमेंट और सुपरिंटेलीजेंस बनने की रेश में आगे दौड़ रही हैं। दुनिया का हर देश इस रेश में आगे होना चाहता है और सुपरिंटेलीजेंस बनना चाहता है। लेकिन इसके नियंत्रण के बारे में कोई सोच नहीं रहा है।
उनकी चिंता है कि कही भविष्य में AI के objectives को मानव मूल्यों और हितों के साथ सुरक्षित रूप से align करना।जिससे AI अपने आप सिस्टम को कंट्रोल न कर सके। AI इंसानों से ज्यादा ताकतवर न बन जाए और इंसानों की बातों को मानने इनकार कर दे। इंसानों और AI में मतभेद हो जाए और AI अनकंट्रोल हो जाए, जिससे इंसानों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। AI डेवलपमेंट से लेकर अब तक इस विषय वैज्ञानिकों और रिसर्चर कि चिंता रही है। समय समय पर इसपर लेख और आर्टिकल छपते रहे हैं। इसके साथ ही हॉलिवुड में इस पर सुपरकंप्यूटर और टर्मिनेटर जैसी AI के अनकंट्रोल होने पर मूवीज बन चुकी हैं। जिसमें AI के अनकंट्रोल होने की स्टोरी दिखाई गई है।
AI डेटा के आधार पर कार्य करता है और AI इतना डेटा स्टोर कर लिया है कि इंसानों की जरूरतों को समझने लगा है। धीरे धीरे इंसानों के दिमाग पर काबू पा रहा है। इस समय लगभग सारे काम AI से हो रहे हैं। AI ने जहां एक तरफ कार्य करने में सहायता कर रहा है और समय बचा रहा है। तो दूसरी तरफ इसपर नई बहस छिड़ गई है। उससे ज्यादा कही इसका गलत प्रयोग पर बहस चल रही है। हमे ये नहीं भूलना चाहिए ,कोविड के समय चीन के लैब से कोरोना वायरस निकला था। जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी थी।
AI की बड़ी कंपनियां ह्यूमनरॉइड रोबोट्स बना रही हैं। जो लगभग इंसानों जैसे ही देखेंगे। उनको इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि खुद से बोर्डर पर लड़ सके और कंपनियों में काम कर सके। AI इतना नेचुरल रिसोर्सेज को खा रही हैं जिसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ेगा। आज के समय में लोग सोते जागते AI का प्रयोग कर रहें हैं। AI अपना पूरा इकोसिस्टम बना लिया जिसके जरिए इंसानों की सोच को बदल रहा है। आने वाले समय में AI अपनी पकड़ और मजबूत कर सकता है। यदि ये सब ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब AI का पूरा नियंत्रण हाेगा।

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