The Public Pahuch
सटीक खबर, आपकी पहुँच
विश्वसनीय  |  निष्पक्ष  |  जनहित
f 𝕏 ◎ ▶ ⌕FOLLOW
☁️मौसम
▶️वीडियो
⚡न्यूज़ शॉर्ट्स
⚡ BREAKING NEWS
The Public Pahuch की बड़ी और ताजा खबरें यहां पढ़ें...
मुख्य खबर
मुख्य खबर

The Public Pahuch
FOLLOW
ADVERTISEMENT
#सुप्रीम कोर्ट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
#सुप्रीम कोर्ट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

राजस्थान में CJP प्रवक्ता पर कथित हमला, स्कूल निरीक्षण के दौरान मचा बवाल

 

स्कूल निरीक्षण के दौरान सीजेपी प्रवक्ता से हुई मारपीट

 एक आंदोलन के तहत CJP टीम और उसके प्रवक्ता आशुतोष रांका स्कूल निरीक्षण करने के लिए राजस्थान पहुंचे थे। स्कूल का नाम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा कंवरपुरा (जयपुर) बताया जा रहा है। जहां पर कुछ लोगों ने उन्हें स्कूल के अंदर जाने से रोका और उनके साथ मार पीट भी हुई। CJP को अंदर जाने से रोके जाने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गांव के लोगों को साधुवाद दिया। उन्होंने ने कहा ये लोग हमारी शिक्षा व्यवस्था में व्यवधान डालने के लिए स्कूलों को टारगेट कर रहे हैं। जिसको लेकर उन्होंने गांव वालों की काफी प्रशंसा की। इससे पहले भी राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश दिया था किसी को बिना अनुमति के स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई भी संस्था सुचारू रूप से चल रही है तो निरीक्षण करने पर कोई समस्या या रोक नहीं होनी चाहिए।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका मीडिया से बात करते हुए कहा और शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाए हैं जिनके साथ मारपीट हुई वो सब बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। स्कूल के अंदर जाने पर इन लोगों ने मारपीट किया ईंट, पत्थरों से गाड़ी के शीशे तोड़े। आगे उन्होंने कहा यह सब पहले से प्लान था और पुलिस से बात की लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए मना कर दिया, की यह तुम्हारा मामला है। इससे एक बात साफ है सरकार की तानाशाही चरम पर है।

शिक्षा मंत्री पर कटाक्ष करते हुए भैंस के तबेले के अंदर वर्ल्ड क्लास AI  क्लास चल रही हैं। चमकती हुई सीटें, स्मार्ट बोर्ड्स और न्यू टेक्नोलॉजी से क्लास चल रही हैं। तो फिर उन्हें इसे पूरी दुनिया को दिखाना चाहिए। जिससे दूसरे देश भी सीख सके और वो आगे बढ़ सकते हैं। सरकार मनसा साफ है उनको  इससे कोई मतलब नहीं है। स्कूलों की छतें गिर रही हैं। किताबें और टीचर्स नहीं हैं। मिड डे मील में पानी परोसा जा रहा है।

ये समस्या किसी एक राज्य की नहीं है बिहार, उत्तर प्रदेश अलग अलग राज्यों में यही समस्याएं सामने आ रही हैं। अभी हाल में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बच्चे सड़कों पर धरना दे रहे थे। वहां भी टीचर्स नहीं हैं। NTA में अब भी कोई सुधार नहीं हुआ है। इतना सब कुछ हो जाने के बाद, सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। AI पेपर बना रहा है इसके बावजूद इन लोगों के पास पेपर पढ़ने का समय नहीं है। शिक्षा व्यवस्था के नाम पर क्या ही चल रहा है।

मंगलवार, 28 जुलाई 2026

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 18 साल से कम उम्र प्रदर्शनकारी छात्रों को रिहा करना होगा। ये मामला जंतर मंतर से जुड़ा है।।


20 जुलाई  को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में जिन छात्रों पर कार्यवाही की मांग की जा रही है। अब सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा है प्रदर्शन कारी छात्रों पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। चीफ जस्टिस ने इससे पहले सुनवाई में कहा था कि लोकतंत्र में ऐसे प्रदर्शन होते रहते हैं । मामले की गंभीर और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

     Supreme कोर्ट का बड़ा आदेश चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ सुनाया है। नीट पेपर लीक में प्रदर्शन कर रहे छात्र जिनकी उम्र 18 साल से कम है उन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। यह किसी भी राज्य जुड़ा हो। CCTV camera या ड्रोन की द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग या डिजिटल डाटा को सुरक्षित रखे इसे किसी भी हाल सार्वजनिक नहीं क्या जाना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र और 7 राज्यों को नोटिस जारी किया है।  कोर्ट ने कहा राज्य सरकार का पक्ष जानने के बाद  हाई लेवल कमेटी का गठन होगा। इस कमेटी के द्वारा हाल में घटित हुए मामलों की निष्पक्ष जांच कराएगा।

     कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जिम्मेदारी तय होना जरूरी है जिसने भी ज्यादती की है कानून उसके खिलाफ अपना काम करेगा। इस सब के खिलाफ पारदर्शिता और निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। चीफ जस्टिस ने कहा यदि जिम्मेदारी तय नहीं होगी तब तक जांच का कोई मतलब नहीं है।

      CJI सूर्यकांत ने कहा इन सभी पिटीशन में एक आरोप कई बार लगाया गया है। जंतर मंतर दिल्ली के प्रदर्शन में पुलिस द्वारा पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया जिसमें कई लोगों चोटें आई हैं। एक 19 साल के लड़के की आँख रोशनी चली गई है। इलेक्ट्रॉनिक बैटन के कारण एक लड़की को ICU में भर्ती कराया गया है। एक और आरोप है जिसमे पुलिस के द्वारा कील वाली लाठी का प्रयोग जिसमें जान खतरा और एक आरोप  मीडियाकर्मी के घायल होने का भी मामला है। पुलिस वाले सिविल ड्रेस में, उनके पास बैचेस नहीं थे और पुलिस की हिंसा का मामला है।

  केन्द्र और दिल्ली सरकार की तरफ से सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि इस हिंसा में 250 से ज्यादा पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। सरकार छात्रों पर बल का प्रयोग हल्के में नहीं ले रही है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने तुषार मेहता को टोकते हुए  कहा इसलिए हम चाहते हैं जांच हो ,इस तुषार मेहता ने कहा हम ये नहीं कहते हैं कि हिंसा छात्रों ने की लेकिन आंदोलन के दौरान इसमें कुछ असामाजिक तत्व घुसे जिसके द्वारा यह हिंसा हुई जिसका हम डेटा पेश करेंगे। उन्होंने ने दावा किया इसमें वो लोग शामिल थे जो पहले से किसी आरोपो में शामिल हैं।

   इसमें जांच समिति को लेकर भी दलील हुई  दोनों लोगों का कहना है कि यदि हम अपनी  अपनी तरफ से रिटायर्ड जजो का चुनाव करेंगे तो हम पर आरोप लगेंगे न इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा हम खुद से इस समिट का गठन करेंगे।

     इसी बीच बिहार का भी मामला सामने आया जिसमें सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि हम मुकदमे वापस ले रहे हैं। लेकिन अभी 150 ज्यादा नाबालिक बच्चे पुलिस की कस्टडी में है। जिनको 48 घंटे के अंदर मजिस्टेट के सामने पेश किया जाय।

CJP ने 48 घंटे का दिया Altimatem CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे! राहुल गांधी लगातार हमलावर बीजेपी और चुनाव आयोग पर

    चुनाव आयोग की सच्चाई सामने आने के बाद देश भर में राजनीतिक पारा बढ़ गया है। विपक्ष पूरी तरह से बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमलावर हो गया है।...