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मंगलवार, 11 अगस्त 2026
सोमवार, 10 अगस्त 2026
JPSC विवाद में बड़ा एक्शन, पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार, झारखंड सरकार ने छात्रों पर किया लाठीचार्ज
झारखण्ड में अनियमित जेपीएससी परीक्षा भर्ती को लेकर लगातार छात्र आंदोलन बढ रहा है। आज 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने एलान किया है। इसके छात्र लिए आगे बढ़ रहे थे। छात्र बैरिकेडिंग हटा कर आगे बढ़ने के कोशिश कर रहे थे तभी पुलिस छात्रों पर वाटर कैनन चलाया गया। टियर गैस और लाठीचार्ज भी किया गया। इसके बावजूद भी छात्र आगे बढ़ते रहे। छात्र दूसरे रास्तों से विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और सरकार लगातार पुलिस बल का प्रयोग कर रही है।
छात्रों ने कहा है आंदोलन लगातार होगा जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं सुनेगी। सरकार की कार्यवाही दिखाई दे रही है लेकिन छात्रों को भरोसा नहीं है। JPSC मामले चल रही सीआईडी जांच में बड़ा एक्शन लिया गया है।जिसमें जेपीएससी पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रों का कहना है इसकी जांच सीबीआई करे और 14वीं परीक्षा रद्द हो। और इसकी जांच सीबीआई को सौंपी जाए। छात्रों और सरकार के संगठन से बातचीत भी हुई लेकिन सरकार किसी निर्णायक मोड़ तक नहीं पहुंची।
झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार अभीतक समझ नहीं पाई कि छात्रों के मुद्दे क्या हैं। जो सीजेपी आंदोलन जंतर मंतर दिल्ली में हुआ था। ये सरकार वही दोहरा रही है। इसमें छात्रों के साथ बर्बरता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकारों को समझना पड़ेगा ये पढ़े लिखे हैं अनपढ़ नहीं है इनके मुद्दे करप्शन, घोटाल और चोरी के खिलाफ है न की ये सरकार के विरोध में हैं। इसमें एक नया कारनामा देखने को मिला है जिसमें सरकार ने मीडियाकर्मी, शिक्षक तक को नहीं छोड़ा गया है और छात्र तो लाठीचार्ज खा ही रहे हैं।
टाइगर जयराम महतो झारखंड में डुमरी विधानसभा से विधायक है और उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाएं है। जो JPSC और JSSC परीक्षा में भर्ती घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ है। उसका पैसा विधायिका तक पहुंचता है। इसीलिए सरकार कार्यवाही से बच रही है इसमें कही बड़े लोगों का ब्लैक कॉलर व्हाइट न हो गए और इसमें घोटाला हुआ है वो लाखों का नहीं करोड़ों का है। टाइगर महतो जंतर मंतर दिल्ली में हो रहे आंदोलन में छात्रों को सपोर्ट किया था और अब झारखंड रांची में छात्रों का सपोर्ट कर रहे हैं।
छात्रों की राहुल गांधी से अपील है यदि राहुल गांधी सच में छात्रों के हितैषी हैं उनकी गठबंधन की सरकार है।इस उनको एक्शन लेना चाहिए।वे देश भर में छात्रों के लिए अलग अलग राज्यों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं। उनको रांची आकर भी छात्रों बात चीत करनी चाहिए।
असम अरुणाचल सीमा पर फायरिंग से मचा हड़कंप, बढ़ाई गई बॉर्डर की सुरक्षा
आज सुबह अरुणाचल प्रदेश के धेमाजी जिले में फायरिंग की गई जिसमें असम के 18 लोगों के घायल होने की खबर है और 4 गंभीर रूप से घायल है जिनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह मामला कथित तौर पर अतिक्रमण का है । जिसमें बाहर के कुछ लोग आकर मिगमंग बस्ती में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जिसमें दुर्गेश्वर पाटिर, रोहित डोले, नागराज डोले, बिग्गेश्वर पाहिर, पामे पेगू, संजय त्यायोंग और जन डोले समेत अन्य लोग घायल हुए हैं। इस घटना के बाद इन लोगों गोगामुख ग्रामीण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
इस घटना के बाद सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस इस घटना की जांच कर रही है और इसके पीछे की परिस्थिति को समझने की कोशिश कर रही है। हालांकि कथित तौर पर अतिक्रमण का मामला माना जा रहा है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है,इसके पीछे कौन लोग हैं और किन हथियारों का इस्तेमाल किया। फिलहाल सीमा के क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
रविवार, 9 अगस्त 2026
कौन हैं देवेन्द्र नाथ महतो? JPSC - JSSC आंदोलन से चुनावी राजनीति तक पूरा सफर
झारखंड में 14 वीं JPSC परीक्षा भर्ती में अनियमित रूप से हो घोटालों को लेकर लगातार आंदोलन चल रहा है। जिसका आज 17 वां दिन हो गया है छात्र आंदोलन और सरकार के बीच बात चीत चल रही है लेकिन अभी तक सरकार किसी निर्णायक मोड़ तक नहीं पहुंची है। आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है और छात्र जुड़ते जा रहे हैं। छात्रों का कहना है जब तक सरकार हमारी मांगे को नहीं सुनती है हम यहां से उठने वाले नही हैं। सरकार के रवैए के बाद छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने का, छात्रों से अपील किया है और आंदोलन को सफल बनाया जा सके। ऐसी हालत देश के हर एक राज्य में है। छात्रों का हाल बेहाल है, मगर नेताओं के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है। जब शिक्षा बजट का सारा पैसा वोट खरीदने में लगा देंगे तो देश में छात्रों, कॉलेज और यूनिवर्सिटी का यही हाल होगा। छात्रों का कहना जब से झारखंड नया राज्य बना है तभी से भ्रष्टाचार, पेपर लीक घोटाला, परीक्षा भर्ती घोटाला आज तक फलता फूलता रहा है।
देवेन्द्र नाथ महतो का बिगड़ता स्वास्थ्य
आंदोलन लगातार पिछले 17 दिनों से चल रहा है। इस आंदोलन में भूख हड़ताल कर रहे देवेन्द्र नाथ महतो को 8 दिन पूरे हो गए हैं। सोनम वांगचुक के कहने पर इन्होंने पानी पिया। उनकी हालत लगातार गिरती जा रही है और डॉक्टर की टीम वाइटल चेक कर रही है। आठ दिनों मे लगभग 8-10 किलो वजन कम हो गया है। सुगर लेवल बढ़ गया है। हालत ज्यादा गंभीर होने पर डॉक्टर की जांच टीम पहुंची और उसके साथ सिटी SP, ADM और अन्य अधिकारी पहुंचे जिन्होंने उन्हें हॉस्पिटल भर्ती होने की सलाह दी। लेकिन देवेन्द्र नाथ महतो ने मना कर दिया। उन्होंने कहा 'इसी सफेद कफ़न से लिपट जाएंगे लेकिन यहां से नही उठेंगे' जब तक सरकार छात्रों की मांगे नहीं सुनेगी। सरकार द्वारा गठित की गई टीम के मंत्री सुदीब्य कुमार सोनू, मंत्री दीपिका पांडे, मंत्री चमरा लिंडा और मंत्री संजय प्रसाद यादव ने वीडियो कॉल पर बात की और देवेन्द्र नाथ महतो का हालचाल जाना और अनशन तोड़ने का आग्रह किया।
मीडिया के पूछे जाने पर देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा सरकार द्वारा गठित की गई टीम और आंदोलनकारी छात्रों के बीच जो भी जेएसएससी और जेपीएससी पेपर भर्ती को लेकर बात चीत एक सकारात्मक दिशा में हुई है।
राजनीतिक शुरूवात
देवेन्द्र नाथ महतो अपने राजनीतिक करियर की शुरूवात 2015 छात्र राजनीत से की थी। ये छात्रों और सामाजिक मुद्दों को लेकर ज्यादा एक्टिव रहते हैं। ये झारखण्ड के रांची जिले से आते हैं। इनका ग्रेजुएशन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी रांची से हुआ है।झारखण्ड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) संगठन के केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष है। 2024 में इन्होंने विधानसभा चुनाव JLKM के उम्मीदवार के रूप मे सिल्ली विधानसभा से लड़ा और तीसरी स्थान पर रहे। इसके इन्होंने दोबारा रांची लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप चुनाव लड़ा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 1.32 लाख वोट मिले जिसमें ये तीसरे स्थान पर थे।
भारत का स्वदेशी project kusha तैयार! दुश्मन के हवाई खतरों पर होगी पैनी नजर
भारत के एयर डिफेंस सिस्टम प्रोजेक्ट कुश (Kusha) का किया गया सफल परीक्षण। भारत लगातार अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है। भारत ने ऐसा ब्रह्मास्त्र बनाया है जिसका लोहा पूरी दुनिया मान रही है। बहुत सारे देश इसे खरीदने के लिए कतार में खड़े हैं। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के बाद अब भारत अस्त्र बनाया है जो हवा से हवा में हमला करने के सक्षम है। भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने 23 जुलाई 2026 को एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत बनाने केलिए कुश सिस्टम के इंटरसेप्टर का सफल परीक्षण किया गया है। प्रोजेक्ट कुश को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। जिसकी अलग अलग दूरी के इंटरसेप्टर है जिसमें 150 km, 250 km और 350 km की दूरी शामिल है। इसको DRDO ने बनाया है, यह इंटरसेप्टर मिसाइल long Range surface to air टारगेट करती है। इस मिसाइल का टारगेट ड्रोन, हवाई हमला,क्रूज मिसाइल और अन्य लक्ष्य हो सकते हैं।
भारत ने अपने ही घर में तैयार किया लंबी दूरी की इंटरसेप्टर मिसाइल प्रणाली है जो धरती से जाकर आसमान में टारगेट को गिराने की क्षमता रखती है। प्रोजेक्ट कुश के परीक्षण के बाद दुनिया में इस प्रोजेक्ट की चर्चा तेज हो गई। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफल परीक्षण के बाद S 400 मिसाइल और इजराइल की बराक जैसी इंटरसेप्टर मिसाइलों पर भारत की निर्भरता कम हुई है। चीनी मीडिया ने भी इसे कवर किया है। 23 जुलाई को ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किये गए परीक्षण में कुश सिस्टम ने सिमुलेटेड हाई स्पीड और ऊंचाई पर उड़ने वाले टारगेट को इंटरसेप्ट किया। परीक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने कंट्रोल, कमांड, रडार और गाइडेंस सिस्टम को परखा गया। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास ऐसी इंटरसेप्टर मिसाइल है। ये मिसाइलें एयर स्पेस को सुरक्षा कवच देती हैं।
प्रोजेक्ट कुश क्रूज मिसाइल को करेगा ध्वस्त
क्यों महत्वपूर्ण है प्रोजेक्ट कुश
प्रोजेक्ट कुश भारत की सुरक्षा को मजबूत बनाएगा और आसमान में बाज की तरह पैनी नजर रखेगा। प्रोजेक्ट कुश में इसको बनाने की तीन तरह की प्लानिंग है। M 1 जिसकी स्पीड 150 km, M 2 जिसकी स्पीड 250 km और M 3 जिसकी स्पीड 350-400 km तक होगी। इसकी को खासियत है वही इसकी क्षमता को बढ़ाती है यह Long Range surface to air दुश्मन को निशाना बना सकती है। क्रूज मिसाइल, ड्रोन, हवाई हमला और अन्य लक्ष्यों को आसानी से इंटरसेप्ट कर सकती है। अब सुरक्षा हथियारों जैसे S 400 और बराक जैसी विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम होगी।
भारत अपनी रणनीतिक परिस्थितियों को समझते हुए लगातार डिफेंस क्षमता को मजबूत कर रहा। इसी क्रम भारत ने लगातार कई मिसाइलों का परीक्षण किया है जिसमें अग्नि4 / agni-IV मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी क्षमता 4,000 km है।इसको कही भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। इस मिसाइल को आसानी डिप्लॉय किया जा सकता है।
शनिवार, 8 अगस्त 2026
AI ने बनाया वायरस वैज्ञानिकों ने लैब में किया टेस्ट- क्या इंसानों के लिए होगा खतरा
AI ने अब वो कर दिखाया जो इससे पहले कभी किसी ने नहीं कर पाया। इससे AI की ताकत का अनुमान लगाया जा सकता और यह क्या कर सकता है।AI अब केवल चैट बोट, ऐप्स, वेबसाइट और आम कामों तक ही सीमित नहीं रहा। अब AI नए इनोवेशन में भी वैज्ञानिकों की सहायता कर रहा है। AI की ताकत से वैज्ञानिकों ने चमत्कार कर दिया है। अमेरिका की एक स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी और आर्क इंस्टीट्यूट में शोध कर रहे बैज्ञानिकों ने AI मॉडल की मदद से एक वायरस का DNA डिजाइन किया है। जो कभी प्रकृति में नहीं पाए गए हैं। बैज्ञानिकों ने ऐसा वायरस बनाया है जिसमें 16 बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता है। यह AI के क्षेत्र में बड़ी महान उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि अच्छी बात यह है जो वायरस अभी वैज्ञानिकों ने AI की मदद से बनाया है वह वायरस इंसानों ,प्लांट और जानवरों को संक्रमित नहीं करेगा। यह रिसर्च बैक्टीरियोफेज पर आधारित है जो इंसानों को संक्रमित नहीं करता है।
किस तरह AI ने बनाया वायरस का DNA
एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस से मेडिकल में होगी नई क्रांति
इस रिसर्च ने बढ़ाई इंसानो की चिंता
इस रिसर्च ने एक नई बहस छेड़ दी है और इससे बायो सिक्योरिटी का खतरा बढ़ा है और इसका गलत प्रयोग होने की संभावना है।वैज्ञानिकों और आम लोगों का अलग अलग कहना है। इस रिसर्च ने मेडिकल फील्ड में एक महान उपलब्धि तो हासिल की है लेकिन भविष्य की चिंता बढ़ा दी है। जो AI इंसानों के मदद से वायरस बना सकता लेकिन भविष्य में इसी AI की मदद से ऐसे वायरस बनाए जा सकते हैं जो इंसानों, जानवरों और पेड़ों के लिए खतरा हो सकते हैं। कुछ सालों के बाद हमे सुनाई देगा इस वायरस से खतरनाक महामारी फैल रही है और इस देश की लैब में बनाया गया। अभी भी ऐसे वायरस लैब्स में महजूद है, सही समय आने पर इनका प्रयोग किया जाएगा और ऐसी रिसर्च सालों से चल रही हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के अफसर छात्रों से संवाद करेंगे
नीट यूजी पेपर लीक और जंतर मंतर पर आंदोलन होने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी की सरकार छात्रों के लिए बड़ा दिल दिया है। योगी के अफसर छात्रों से मिलेंगे और उनसे संवाद करेंगे। सरकार की कोशिश है छात्रों के वर्ग को खुश किया जाय। सरकार का कहना है जब प्रशासनिक अधिकारी छात्रों से बात करेंगे तो इससे छात्रों को प्रेरणा मिल सकती है इसके साथ ही काउंसलिंग की जा सकती। इस संवाद में IAS, IPS और IFS अफसर छात्रों से मिलेंगे। मुख्य सचिव SP गोयल की तरफ से जारी पत्र में डीएम को आदेश दिया गया। इसमें डीएम युवा IAS, IPS और IFS के अफसरों के लिए एक महीने तक स्कूलों में आने जाने की व्यवस्था होगी। ये स्कूल सरकारी या प्राइवेट हो सकते हैं।
ये अधिकारी स्कूल मैनेजमैंट से बात करके इसके बाद संवाद और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें छात्रों की काउंसलिंग करेंगे, दौरान यूपीएससी, नीट, आईपीएस, आईएस और जेईई मेन्स जैसे परीक्षाओं पर चर्चा होगी और राज्य सरकार की सभी योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। इस काम के लिए डीएम अपना एक समय निश्चित करेंगे और इसी समय पर सारी जानकारी प्रशासन को दी जाएगी। कौन अधिकारी कब क्या कर रहा है यह डीएम की जिम्मेदारी होगी वह आजाद है इसको और अच्छा बनाने में।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सरदार बल्लभ भाई पटेल औद्योगिक और रोजगार क्षेत्र की स्थापना में तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग को हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज पहुंचाने पर विचार करने और साथ खेल सुविधाओं को ध्यान रखने पर जोर दिया है। इससे युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने में मदद मिलेगी। यहां पर ऐसे कई बड़े सवाल उठ सकते हैं ये सब चुनाव आने के समय ही क्यों होता है।अगर यही इससे पहले होता तो कितना अच्छा रहता।
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
क्या UPI से ट्रांजेक्शन करने पर लग सकता है चार्ज सरकार ने लोकसभा में पेश किया बिल
सरकार ने लोकसभा में ऐसा बिल पेश किया है जिसमें होने वाले यूपीआई के ट्रांजेक्शन सहित ई पेमेंट्स पर चार्ज लगाने के संभवतः नए रास्ते खुल सकते हैं। यह चार्ज मर्चेंट डिस्काउंट रेट MDR के रूप में लगा सकेंगे। अभी UPI से MDR पेमेंट करने पर चर्चा नहीं लगता। अभी सरकार की तरफ साफ नहीं किया गया है कि MDR पेमेंट पर कितना चार्ज और कब लगेगा। अभी यह एक कानूनी प्रस्ताव लोकसभा में लाया गया है। आने वाले समय में तय होगा किस पर कितना चार्ज लगेगा। UPI सहित किन डिजिटल MDR पेमेंट करने पर यह चार्ज लगेगा या नहीं अभी इसका न ही शुल्क तय हुआ है और न ही इसकी कोई तारीख तय हुई है।
बैंक और पेमेंट सर्विस देने वाली इकाइयां डिजिटल ट्रांजेक्शन के बदले में कारोबारियों से फीस लेती हैं उसे MDR कहते हैं। मर्चेट डिस्काउंट रेट MDR केवल डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर लगता है। UPI से ट्रांजेक्शन करने पर यह चार्ज नहीं लगता है।
लेकिन उपभोक्ता को नही देना होगा चार्ज
मौजूदा नियमों के तहत कोई भी कारोबारी किसी कस्टमर से MDR नहीं ले सकता, इसलिए UPI पेमेंट पर MDR लगने पर भी कस्टमर से इसे नही लिया जा सकेगा। यह केवल कारोबारियों पर लगेगा। आने वाले समय में तय होगा कितना चार्ज और कब देना होगा। अभीतक रिपोर्ट के अनुसार यह साफ नहीं किया गया है कि यह किस प्रकार के डिजिटल ट्रांजेक्शन पर लगेगा या नहीं और आम लोगों के UPI ट्रांजेक्शन पर कोई बात नहीं की गई है।
MDR लागू हुआ तो क्या बदलेगा
फिलहाल सरकार ने इस पर कोई ऐसी बात नहीं की है कि यह कब लागू होगा या नहीं।यह विधेयक केवल अभी लोकसभा में पेश किया है। इस बिल से भविष्य में डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर MDR लग सकता है। सरकार अगर आगे तय करेगी है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कारोबारियों को कितना बिल देना होगा।अभी यह बिल लागू नहीं है और न ही इसकी कोई तारीख तय है। मौजूदा नियमों के अनुसार यह चार्ज आम लोगों के लिए नही है। सरकार का कहना है इससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आर्थिक रूप टिकाऊ बनाने में सहायता मिल सकती है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह चार्ज बड़े कारोबारियों और उच्च संस्थानो के 2000 से ज्यादा लेनदेन पर लागू होगा। यही पर बात करे आम लोगों और आम कस्टमर, छोटे मोटे दुकानदारों को इस चार्ज से छूट मिलेगी। इनको 2000 से ज्यादा लेनदेन करने पर चार्ज नहीं लगेगा।
मोहन भागवत ने Gen Z से की बात , राहुल गांधी बोले हम छात्रों के साथ हैं आंदोलन किसी राज्य और किसी की सरकार में हो रहा हो।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अध्यक्ष मोहन भागवत मुम्बई में IIMUN के कार्यक्रम में Gen Z और Gen Alpha से संवाद किया। जिसमें आंदोलन से जुड़े विषयों पर बात हुई। पेपर लीक पर संवाद हुआ। छात्रों के सवालों पर मोहन भागवत ने शालीनतापूर्वक एक एक करके सवाल का उत्तर दिया। इन सारे सवालों के उत्तर एक एक करके समझेंगे।
जब मोहन भागवत ने छात्रों से बात किया और कहा जो हमारी Gen Z और Gen Alpha जेनरेशन है वह देश के आम लोगों से ज्यादा जागरूक है। ये लोग किसी दूसरे देश के एजेंट नहीं हैं ये सब हमारी अपनी नई जेनरेशन है। ये अपने हको के लिए आंदोलन कर रहे हैं और ये इनका अधिकार है। हमें इनकी मांगो को समझना चाहिए न इन्हें अपना विरोधी ।
उन्होंने ने बहुत महत्वपूर्ण बातें कही Gen Z और Gen Alpha को लेकर लेकिन जो सरकार में बैठे लोगों को समझ नहीं आ रही है। उन्होंने ने कहा ये अपनी नई जेनरेशन के युवा हैं और इनमें इतनी समझ है क्या गलत और क्या सही है। ये कोई सरकार का विरोध नहीं कर रहे हैं ये खराब सिस्टम का विरोध कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा हम छात्रों के साथ हैं
राहुल गांधी झारखंड में लोक सेवा आयोग JPSC परीक्षा और JSSC परीक्षा में हुए घोटाले और अनियमित भर्ती को लेकर बोले हम छात्रों के साथ हैं। हम शुरू से ही छात्रों के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने ने कहा पेपर लीक कही भी और किसी की सरकार में हो चाहे वह सरकार कांग्रेस ,बीजेपी सपा, की हो हम छात्रों के साथ हैं। इसके बाद छात्रों से बात भी की। इससे पहले कुछ समय तक चुप रहने से लग रहा था कि राहुल गांधी इस पर क्यों नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने छात्रों के लिए लगातार आंदोलन किया है और लगातार छात्रों से बात कर रहे हैं।
Neet paper leak पर बड़ा खुलासा CBI ने दी 94 पन्नों की रिपोर्ट ।
Neet paper leak 2026 देश और दुनिया में बहुत चर्चा में रही। जिसको लेकर छात्रों ने जंतर मंतर पर आंदोलन किया।भूख हड़ताल अनशन किया और लाठियां खाई लेकिन शांतिपूर्वक आंदोलन को सफल बनाया। नीट पेपर लीक देश का बड़ा मुद्दा बन चुका था। जिसकी वजह re neet exam हुआ और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
अब वही बड़ा खुलासा हुआ है नीट यूजी पेपर लीक को लेकर जिसमें जांच कर रही टीम ने 94 पन्नों की चार्जशीट जारी किया है। जिसमें खुलासा हुआ है कि कैसे पेपर लीक हुआ। जांच कर रही टीम ने बताया ,पेपर लीक करने का तरीका बहुत साधारण है। जिसमें NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के एक्सपर्ट्स ने पेपर बनाया और उसके बाद याद करके एक पर्ची पर लिखने बाद NCRT की बुक में मार्क लगा दिया।
सीबीआई के 94 पेजेस के डाक्यूमेंट में जानकारी दी गई है जिसमें तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स ने कथित तौर से पेपर लीक किया है। इसमें मुख्य रूप से तीन ही दोषी नहीं है इसके साथ और अन्य दोषी है जिसका चार्जशीट में जिक्र किया गया है।
सीबीआई की जांच के बाद मुख्य रूप से पेपर लीक करने वाले तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स के नाम सामने आए हैं। किमेस्ट्री सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स PV कुलकर्णी, बॉटनी सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स मनीष मंधारे और फिजिक्स सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स मनीषा हवलदार शामिल हैं सीबीआई के कहा ये तीन ही नहीं जो 13 गिरफ्तार हुए हैं उसमें से ये तीन हैं।
सीबीआई की ओर से आरोप लगाया गया है ये तीनों सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स पेपर बनाए हुए प्रश्नों को याद किया। इसके बाद एक पर्ची में लिखा ।इसके बाद बुक चैप्टर में प्रश्नों से संबंधित पैराग्राफ में टिक लगाया। इसके बाद भरोसेमंद बिचवलियों और कोचिंग संस्थाओं को एग्जाम डेट से पहले पहुंचाया। सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स ने कथित तौर पर पेपर लीक के दोषी है। इसी तरह इन लोगों ने कई सवालों को लीक किया।
गुरुवार, 6 अगस्त 2026
तुकाराम मुंडे की FDA की कार्यवाही पर Bombay High Court सख्त और अगले दिन कोर्ट की canteen पर लगा ताला
यह मामला करीब 3 हफ्ते पहले का है। जब महाराष्ट्र के FDA (food and drugs administration) department के IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे ने प्राइवेट बड़े बड़े होटलों ,रेस्टोरेंट और कैंटीनों में छापा मारा और बंद कर दिया। ये सारे होटल, FASSI के मानक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इस समय मुम्बई की पुलिस से ज्यादा FDA की चर्चा हो रही है और इन्हें महाराष्ट्र FDA का सिंघम कहा जा रहा है। FDA जो खाने का सामान और ड्रग्स की गुणवत्ता की देखभाल करता।
देश में लगातार बढ़ रहे मिलावटी पनीर ,दूध से बने उत्पादों पर रोक लगाना। इसके अलावा रेस्टोरेंट, हॉटल, कैंटीन और बेकरी जो भी खाद्य सुरक्षा मानक नियमों का पालन नहीं कर रहा उसके लाइसेंस को रद्द किया जा रहा है इसी क्रम में उन्होंने ने मुम्बई के बड़े जाने माने कैंटीन,होटल और रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। मुम्बई में 6 होटेल्स, रेस्तरां , बेकरी और क्लब्स का लाइसेंस निलंबित कर दिया है इसी तरह अलग अलग जगहों पर छापा मारा और लाइसेंस निलंबित कर दिया। कुछ का तो कैंसिल ही कर दिया। स्कूल ,कॉलेज से दूर लगभग 50 मीटर दूरी पर गुटका पान मसाला की दुकान होनी चाहिए।
कुछ लोग जिनके लाइसेंस बंद या निलंबित हुए कोर्ट पहुंच गए जिसकी सुनवाई 2 अगस्त को हुई।बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि प्राईवेट होटल और रेस्टोरेंट को टारगेट करके बंद किया जा रहा है।कोर्ट का कहना था कि प्राइवेट और सरकारी रेस्टोरेंट और होटल के लिए अलग नियम है। कुछ लोगों की दलील है कि बिना नोटिस दिए रेस्टोरेंट को बंद कर दिया गया।इससे पहले सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए।
इसके अगले ही दिन IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे अपने आला ऑफिसरों के साथ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे और वहां कैंटीन में छापा मारा और ये कैंटीन खाद्य सुरक्षा मानक नियमों पर खरे नहीं उतरे और उनको सील कर दिया। इसके लिए बड़ा जिगरा होना चाहिए। इसके पहले ये हेल्थ डिपार्टमेंट में थे वहां भी डॉक्टर और नर्स सब समय पर पहुंच जाते थे। ये जहां भी जाते अपनी छाप छोड़ देते हैं।
ये 2005 बैच के IAS अधिकारी है जो महाराष्ट्र के कैडर जिले बीड से एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं। इनकी UPSC all India rank 20 थी। ये अपने कार्यकाल 21 वर्षों में अब तक 25 बार ट्रांसफर (तबादला) हो चुका है। हो सकता ये अपने पूरे कार्यकाल में हॉफ सेंच्युरी पार कर दें। जाहिर सी बात है इनकी मंत्री मिनिस्टर से साठ गांठ नहीं होगी और अपने वसूलों के प्रति ईमानदार होंगे।तभी तो इतने ट्रांसफर हुए।
इनके जैसे IAS अधिकारी देश के हर जिले में होते तो हमारा देश और भी तरक्की करता ।
झारखंड रांची में छात्रों द्वारा किया जा रहा आंदोलन क्या उनकी मांगे सरकार सुनने को तैयार
झारखण्ड रांची में JPSC और JSSC जैसे कई पेपर घोटालों और अनियमित भर्ती को लेकर लगातार छात्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है 14वे JPSC परीक्षा रद्द हो। CBI द्वारा या कोर्ट के सेटिंग जजों द्वारा इसकी जाँच होनी चाहिए। झारखण्ड के सोनम वांगचुक कहे जाने वाले देवेन्द्र नाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल अनशन पर हैं और छात्रों की आवाज को बुलंद कर रहे हैं।
CJP के कुछ लोग इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। जिस तरह उन्होंने जंतर मंतर पर जवाबदेही तय की और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब CJP की लोग झारखंड रांची में छात्रों के साथ मिलकर इस आंदोलन सफल बनाएंगे और सरकार की जवाबदेही तय करेंगे। शिक्षा व्यवस्था ये हाल है छात्र इन सब के सुधार के सड़क पर धरना दे रहा है।
आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है यदि सरकार 10 तारीख तक हमारी मांगे पूरी नहीं करती है या बातचीत का रास्ता नहीं निकालती है। इसके बाद छात्र रांची से विधानसभा तक मार्च करेंगे। छात्रों में सरकार की खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है और हम मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगे इससे पहले सरकार को हमारी मांगे सुनना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्र अपने घरों को छोड़ कर दिन रात , धूप बारिश में सड़क पर बैठने को मजबूर हैं।
आज मीडिया से बात करते हुए झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री Sudivya kumar ने बहुत सारी बातें कही JPSC परीक्षा भर्ती,रद्द और जांच को लेकर। उन्होंने ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जो छात्रों से बात करने और उनकी मांगों को सुना जायेगा। CID जांच को लेकर भी कहा हमारी सरकार तेजी से कार्यवाही कर रही है जिसमें 19 लोगों से पूछताछ चल रही है।
उन्होंने 14वे JPSC परीक्षा भर्ती को लेकर भी कई बातें कही, सरकार मान रही है कि परीक्षा में कुछ गड़बड़ी हुई है। इसके लिए जो भी दोषी होगा उसको कड़ी सजा मिलेगी और साथ में ये भी कहा इसके तार लखनऊ तक मिले हैं। उन्होंने ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगे पूरा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। बातचीत के माध्यम से हम इसका समाधान निकलेंगे और जो भी छात्रों के हित में होगा सरकार करने की कोशिश करेगी।
शेख हसीना के भाषण से बांग्लादेश में हुआ बवाल,,शेख हसीना ने कहा मैं वापस अपने घर अपने लोगों के बीच आऊंगी।
बांग्लादेश में शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बांग्लादेश में बवाल मच गया है। पूर्व क्रिकेट और आवामी लीग के पूर्व सांसद शकीब अल हसन के घर पर देर रात बुधवार को पेट्रोल बम फेंका गया। ये सब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मीटिंग के बाद हुआ। यह हमला उनके पुस्तैनी घर मागुरा के केशवमोर इलाके में हुआ और घर पर तोड़ फोड़ भी की गई। यह सब दिल्ली में आयोजित दिल्ली के फॉरेन करेसपॉन्डेंट क्लब में मीटिंग के बाद हुआ।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना की बात पर नाराजगी जताई है और कहा है यह सब घरों को आग के हवाले करना है। यह सब मीटिंग में शामिल होने का नतीजा है, बांग्लादेश पर नव फासीवाद की झलक दिख रही है। आवामी लीग मान रही है कि बांग्लादेश में तानाशाही पनप रही है। सरकार आवामी लीग के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार कर रही है।
शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के पहले ही BNP,इस्लामी जमात, और NCP ने इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट्स को खुले आम धमकी दी थी और कहा प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई बातों को न ही छापे और न ही चलायें अगर इसके बावजूद ऐसा करते हैं तो हम कोर्ट जाएंगे और इससे जुड़े मामलों में मुकदमा दायर करेंगे। बयान में कहा गया, ये एक सोची समझी चाल हो सकती है और लोकतंत्र के बहाने आवामी लीग के सदस्यों पर नरसंहार और अत्याचार किया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने कहा हम अपने देश में दिसम्बर तक आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें पता है जेल में डाल दिया जाएगा और मार भी सकते। इसके बाद भी जान जोखिम में डाल कर मैं अपने देश अपने लोगों के पास आएंगे।हमारा उद्देश्य सरकार में वापस होना नहीं है। शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट होने के बाद 2024 से भारत में है और अब उनकी वापसी बांग्लादेश हो सकती है।
बुधवार, 5 अगस्त 2026
असम में बाढ़ का कहर लाखों लोगों का जीवन हुआ प्रभावित
असम में बाढ़ का कहर पिछले कई दिनों से लगातार बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी अपने उफान पर होने कारण,लाखों लोगों का जन जीवन प्रभावित हुआ है। लोगों के खाने पीने का सामान तबाह हो गया है। गांव,घरों में पानी भर गया है और लोग छतों पर रह रहे हैं। बाढ़ के आने से बहुत कुछ नुकसान होने का डर रहता है। जानवरों को बह जाना, सांप कीड़ों का निकलना और जान मान का खतरा रहता है।फिलहाल अब बाढ़ का पानी धीरे धीरे कम हो रहा है।
आंकड़ो के अनुसार असम में अब तक 89 से ज्यादा लोगों को बाढ़ के कारण जान गंवानी पड़ी है। यह कोई बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। इस बाढ़ के कारण लगभग 1.22 लाख लोग 10 जिलों में प्रभावित हुए हैं। राज्य और केंद्र सरकार की जो भी बचाव कार्य के लिए पुलिस होती है, NDRF और SDRF लगातार बचाव अभियान चला रही हैं और लोगों को बचाया जा रहा है। इस बाढ़ से प्रभावित लगभग 1,53492 हैक्टेयर क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है और बाकी बची फसल पानी के साथ बह गई है।
सरकारी आंकड़े की बात करें तो 1.22 लाख में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला जिला शिवसागर है जिसमें 55,200 इसके अलावा 34,050 चराईदेव और 20,200 लोग जोरहाट में प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है। बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों को राहत शिविर में लगभग 12000 लोगों को खाना पानी और दवाई आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है और 38 शिविर कैंप की स्थापना की गई है। हालांकि कई स्थानों पर राहत सामग्री की कमी के कारण लोगों ने शिकायत की है।
इस बाढ़ के कारण लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है इसकी साथ उनकी आजीविका बहुत प्रभावित हुई है। लोगों के घरों और छतों पर पानी पहुंच गया है। यह बाढ़ कोई इस साल नहीं पिछले कई सालों से हो रहा है और इसी तरह बचाव कार्य चलता आ रहा है। हर साल लोगों की मेहनत बाढ़ के पानी के साथ बह जाती है। वहां के छात्र संगठन का आरोप है कि सरकार कोई प्रभावी कदम नहीं उठती है। जिसके कारण बाढ़ नही रुकती है और हर साल तबाही का नया मंजर लाती है।
सरकार की सहायता के साथ NGOs और फाउंडेशन भी असम बाढ़ में राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। बहुत लोग इस बचाव राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। हर साल यही बाढ़ का मंजर होता है। इसके बावजूद भी सरकार कोई प्रभावी कदम क्यों नहीं उठा रही है। यह केवल असम में ही नहीं पंजाब, बिहार के कुछ जिलों में हर साल यही मंजर होता है। सरकारें आई और बदल गई लेकिन यह मंजर नहीं रुका।
All India Paper Leak and Curruption, यह आरोप छात्रों द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे और छात्र रो रहे हैं।
जब कहीं विकसित भारत की बात होती है तो सबसे पहले हमे अपनी शिक्षा व्यवस्था की हालत याद आती है। युवा छात्र पढ़ने के बजाय सड़को पर धरना दे रहे और रो रहे हैं। ये हाल देश के किसी एक राज्य में नहीं है और किसी एक पार्टी के शासन में नहीं है। ये पूरे देश में और सब पार्टियां इसमें शामिल हैं। बस ये लोग एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते और काम तो करना नहीं है, कॉलेज में टीचर्स नहीं हैं। पेपर सही से करवा नहीं पा रहे हैं और अवैधानिक भर्तियां हो रही है। इसके बावजूद भी ये विकास की बात करते हैं। विकास कहां से होगा।
अभी जंतर मंतर दिल्ली आंदोलन सबने देखा कि कैसे युवा अपने मुद्दे और जिम्मेदारी समझ रहे हैं। लेकिन इन नेताओं की समझ से बाहर है कि युवाओं को अब पैसा नहीं अच्छी शिक्षा व्यवस्था चाहिए जो एक अच्छे राष्ट्र निर्माण की नींव होती है। कोई भी आगे तभी होता है जब वहां की शिक्षा व्यवस्था अच्छी होती है। जब जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट हो रहा था तब पूरा विपक्ष छात्रों के साथ था और अपनी आवाज उठा रहा था। सभी की आवाज सुनी भी गई।
इसी क्रम में हम देख रहे हैं, झारखंड रांची में JPSC, JSSC और अन्य पेपर लीक और भर्तियों बहुत बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा। बच्चों का कहना पैसे लेकर नौकरियां बांटी जा रही हैं।यह क्रम 2010 से लगातार चला आ रहा है। TDS जैसी बैकलिस्टेड कंपनी एक्जाम करवा रही है। जितने छात्रों हैं सबकी यही समस्याएं हैं। वहां के छात्र इस्तीफा भी नहीं मांग रहे हैं, वो तो बस जवाबदेही मांग रहे हैं।
झारखण्ड के सोनम वांगचुक कहे जाने वाले देवेन्द्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल अनशन शुरू कर दिया,झारखंड में होने वाले परीक्षा में अनियमित भर्ती होने से इसका विरोध कर रहे हैं। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महागठबंधन की सरकार है और हेमंत सोरेन शिक्षा मंत्री भी है। यहां पर विपक्ष में बीजेपी की सरकार है। लेकिन एक बात कुछ अजीब लग रही है ये यही राहुल गांधी है जो छात्रों के मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं और जनसभा कर रहे हैं। ऐसा क्या कारण है कि राहुल गांधी जी चुप हैं।
यदि ये पार्टियां सच में लोगों के साथ है तो कही भी पेपर लीक हो,किसी राज्य में हो, किसी की सरकार हो मुद्दे तो वही रहते हैं। युवा तो हर राज्य में सड़क पर है, उनकी कोई नहीं सुन रहा है। सारा विकास इनके भाषण में ही होता है। ये लोग छात्रों से बात करना नही चाहते हैं सुधार क्या करेंगे।
मंगलवार, 4 अगस्त 2026
Company ILGIM Electronic Chip Factory of a unit Gretor Noida में लगी भीषण आग और कई दमकल कर्मी हुए घायल
सोमवार देर रात ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कंपनी ILGIM जो इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाती है उसकी एक यूनिट PCB में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां वहां पहुंची और बचाव कार्य में लग गए। छह दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंची आग बहुत तेजी फैल रही थी लेकिन अचानक एक दीवार और लोहे का बीम गिर गया।
पुलिस ने बताया दीवार और लोहे का बीम के गिरने से दो दमकल कर्मियों की जान चली गई है। जिसमें चीफ कॉन्स्टेबल ड्राइवर तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित यादव। तीन दमकलकर्मी इसमें घायल हुए हैं चीफ कॉन्स्टेबल ड्राइवर राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार और फायरमैन अमित कुमार गंभीर रूप से घायल है और हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
पांच दमकल कर्मी घायल हुए और उनको जल्दबाजी में हॉस्पिटल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर्स देखते ही बता दिया दो लोग मर चुके हैं और तीन लोगों की हालत अब खतरे से बाहर है पुलिस ने कहा।
सोमवार, 3 अगस्त 2026
Illigal tariffs को लेकर America में trump को झटका 25 States ने किया Case
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पिछले कई सालों से अपनी मनमर्जी के मुताबिक illigal टैरिफ किसी भी देश पर लगा रहे हैं।अभी हाल के ही दिनों में चीन, भारत समेत और कई देश थे, जिनपर आयात टैरिफ 100% लगाया और इसके लिए बकायदा एक कानून भी पास करवा दिया। जो देश अपना उत्पाद अमेरिका भेज रहे थे और जिनपर पहले आयात टैरिफ 10 से 12% था। अब ट्रंप अपने ही देश में लोग ट्रंप को बेनकाब कर रहे हैं और इस टैरिफ को अवैध बता रहे हैं। अमेरिका के 25 राज्यों ने ट्रंप के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया है। इन राज्यों में शामिल भारत समेत 60 देशों से आने वाले उत्पादों पर लगे टैरिफ अवैध बताया गया है। इन राज्यों की मांग है कि टैरिफ को अभी रोका जाय और सारा अवैध टैरिफ का पैसा वापस किया जाय।
राज्यों के अनुसार ट्रंप ने पिछले महीने में भारत समेत 59 यूरोपीय संघ देशों पर अपने मनमाने ढंग से टैरिफ लगाया था। जब से यह अपने दूसरे कार्यकाल में आया है तब से कुछ भी करता और बोलता रहता है।
न्यूयॉर्क की एटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स समेत 25 राज्यों ने इस कदम को अवैध बताया है। उन्होंने ने कहा कि इससे अमेरिका में बिज़नेस परिवारों का बोझ बढ़ेगा। पिछले साल राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे डेफिसिट को राष्ट्रीय आपातकाल बताकर इस टैक्स को लगाया था। लेकिन बाद में विवाद होने पर कोर्ट ने ट्रंप से कहा था यह अधिकार तुमको किसने दिया है और अपने मनमाने ढंग से टैरिफ नही लगा सकते हालांकि बाद में पैसे भी वापस करने पड़े थे। अमेरिका में ऐसे टैरिफ वहां की कांग्रेस द्वारा लगाए जा सकते हैं।
ट्रंप सरकार ने अपनी भरपाई पूरी करने के लिए ट्रेड एक्ट 1974, सेक्शन 301 का इस्तेमाल किया है। इसके तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं और जबरन श्रम को रोकने में असफल रहे देशों पर 10 से 12% टैरिफ लगाया गया। इस ट्रंप सरकार ने इसको वैध बताया और इस पर उन्होंने ने कहा यह अमेरिकी श्रमिकों और व्यापार बचाने के लिए जरूरी है।एक बात साफ है अमेरिका अपने फायदे के लिए कुछ भी करता है।
बांकीपुर से BJP पहली बार हारी चुनाव और ऐतिहासिक जीत प्रशांत किशोर की ,आगाज बदलाव का
BJP का गढ़ कहा जाने वाला बांकीपुर का किला जन स्वराज पार्टी,प्रशांत किशोर ने भेद दिया है। भारतीय जनता पार्टी आज पहली बार चुनाव हारा है और प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है और एक बड़े मार्जिन से जीत हासिल की है।नितिन नवीन के राज्यसभा जाने पर बांकीपुर की विधानसभा सीट खाली हो गई थी और पर उपचुनाव में bJP के प्रत्याशी के तौर पर नीरज कुमार को उतारा गया था। जबकि जन स्वराज पार्टी की तरफ से प्रशांत किशोर लड़ रहे थे और RJD की तरफ से रेखा कुमारी सुनाव लड़ रही थी। पहले स्थान पर जन स्वराज दूसरे पर बीजेपी और तीसरे नंबर पर राजद है। बीजेपी और राजद अन्य दलों की मुश्किले बढ़ने वाली है आगामी चुनाव में क्योंकि लोगों को अल्टरनेटिव नए विकल्प मिल रहे हैं। ये वहां के लोगों का कहना है कि दूसरे विकल्प न होने के कारण हम बीजेपी और राजद को वोट देते थे।
अब बिहार ही नहीं पूरे देश में मुद्दे बदल रहे हैं और अल्टरनेटिव के तौर पर नए विकल्प लोगों को मिल रहे हैं। बिहार में बांकीपुर में प्रशांत किशोर के जीतने के कई बड़े कारण रहे हैं जिसमें शिक्षा व्यवस्था, बिहार के छठवीं पास मुख्यमंत्री, और लोगों को एक नया अल्टरनेटिव विकल्प मिला। वहां की एक क्लिप बहुत वायरल हुई जिसमें कहा गया कि बीजेपी के तरफ से यहां कुत्ता बिल्ली भी चुनाव जीत जाएंगे जिसको लेकर जनता में भी नाराजगी देखी गयी। प्रशांत किशोर इन सब मुद्दों को उठाने में सफल रहे और सीजेपी आंदोलन भी एक बड़ा फैक्टर रहा।
पिछले समय से बिहार की पॉलिटिक्स में लगातार बदलाव देखने को मिला। विधानसभा में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने जिसके बाद उनको राज्यसभा में भेज दिया गया और सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद अब विधानसभा के उपचुनाव बांकीपुर से बीजेपी हार गई,एक तरह से देखा जाए तो नितिन नवीन की ही हार है हालांकि उनकी जगह पर उनका प्रत्याशी चुनाव लड़ रहा था।
लोगों का कहना है कि हमने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चुना था न की सम्राट चौधरी को।इसी तरह की बहुत सारी गलतियां सरकार ने की जिसका परिणाम सामने है। यदि हम वोटर्स परिपेक्ष में बात करे तो गढ़ और किला किसी का नहीं होता है। अब लोग देश के असल मुद्दों को समझ और उस पर बात भी कर रहे हैं और उनको नए विकल्प मिल रहे हैं जिनकी उनको तलाश है। जैसे कि तमिलनाडु हो या बांकीपुर में देखा गया है।
देश की जो भी पुरानी पार्टियां है उनको समझना पड़ेगा कि अब उनकी मनमानी चलने वाली नही है और न ही युवा को अब असल मुद्दों से भटकाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह कि उनके पास अब नए विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। आने वाले समय में इन पार्टियों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है यदि इन्होंने अपनी सोच को नही बदला। इन पार्टियों को जरूरत है अपनी रूढ़िवादी सोच को बदलना होगा। 1990 से चली आ रही सरकार के लिए लोगों का एक संदेश महज एक आगाज है। लोग इसे प्रधानमंत्री जी की हार बता रहे हैं क्योंकि प्रधानमंत्री जी के नाम पर ही वोट मिलता था।
JPSC and JSSC परीक्षा में विवाद, छात्र लगातार और अभिजीत दीपके ने किया समर्थन।प्रदर्शन कर रहे हैं।
झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड में कर्मचारी चयन आयोग को लेकर भर्ती हो घोटाले से परेशान हो कर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों में इसका विरोध बढ़ता जा रहा है। छात्र सड़क पर बैठ गए हैं और भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। CJP पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्रों से बात की और इस आंदोलन का समर्थन किया है। सीजेपी संस्थापक ने कहा छात्रों की मांगे पूरी करनी चाहिए।परीक्षा भर्ती से संबंधित विषयों पर पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहिए। दीपके ने छात्रों से कहा हम तुम्हारा साथ देंगे और साथ में सरकार को संकेत दिया कि हम छात्रों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे और कहा आपकी जितनी डिमांड है उसको हम पूरा करेंगे।
झारखंड में लोक सेवा आयोग में परीक्षा में हो रही गड़बड़ी को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच रांची में छात्रों का सत्याग्रह नौवें दिन भी जारी रहा। इसी बीच आंदोलन में नया मोड़ आया जिसमें छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने अपनी मांग के समर्थन में अनिश्चितकाल तक के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी।
धरनास्थल पर महजूद छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों के प्रति जवाबदेही तय हो। जो भी इन सब कार्यों में लिप्त है उस कार्यवाही हो और जो भी इसकी जांच है वह निष्पक्ष और ईमानदारी से होनी चाहिए। मांगे पूरी होने तक शांतिपूर्वक सत्याग्रह जारी रहेगा।
छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो का आरोप है सरकार इसको गंभीरता से नहीं ले रही है। छात्रों का कहना है 14वी लोक सेवा आयोग परीक्षा रद्द की जाय और नए सिरे से आयोजित किया जाना चाहिए।
देश के ज्यादातर राज्यों में पेपर लीक और भर्ती से जुड़ी गड़बड़ियां हो रही हैं। कही भी कोई सरकार इन समस्याओं को रोकने सक्षम नहीं है। जिन पार्टियों की जिस राज्य में सरकार है वहां भी पेपर लीक नहीं रुक रहा है। इन पार्टियों का अब एक ही काम बचा है एक दूसरे पर आरोप लगाना। गलतियां बताना, मुख्य विषयों से हटकर बात करना।
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आओ दीपों को लेकर हम, आगे बढ़ते जाएं। जाति धर्म के अंधियारे से, सदा दूर हम हो जाएं। इसकी विविधता जिसने देखा, उसमें वो खो जाये। इतना बड़ा देश...
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BJP का गढ़ कहा जाने वाला बांकीपुर का किला जन स्वराज पार्टी,प्रशांत किशोर ने भेद दिया है। भारतीय जनता पार्टी आज पहली बार चुनाव हारा है और...
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मेदांता hospital sonam wangchuk पेपर लीक को लेकर हो रहे लगातार आंदोलन, दिल्ली में जंतर मंतर पर बड़ा बयान आया है। जिसमें सोनम वांगचुक ने क...


















