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शनिवार, 12 सितंबर 2026

BRICS के सम्मेलन में india china के साथ हुई bilateral बातचीत, इस बातचीत जरिए भविष्य में सीमा विवाद की समस्या हल हो सकती है

 

चीन के आयात पर निर्भरता कम करनी है

 भारत नई दिल्ली में इस समय ब्रिक्स का सम्मेलन चल रहा है। जिसमें ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत पहुंचे। जिनके बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़वा देने पर सहमति हुई। भारत में यह ब्रिक्स का 18वाँ सम्मेलन चल रहा। जिसमें देश दुनिया के अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

ब्रिक्स में शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping भी भारत पहुंचे। जिनका गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के प्रधानमंत्री Xi Jinping के साथ अहम मुलाकात हुई। जिसमें सीमावर्ती विवादों को लेकर भी बातचीत हुई। जो देश के अजाद होने के बाद से अभी तक चल रहा है और कई बार सैनिकों में झड़प हो चुकी है। 2020 में गलवावन में झड़प के भारत के 20 सैनिकों ने अपना बलिदान दिया जबकि चीन के 4 सैनिकों के जान गई थी।

चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ न कुछ करता रहता है। खासकर अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर। चीन ने तिब्बत के अपने क्षेत्र में 628 गांवों को बसाया है। इसमें से 75% तिब्बत के सामने हैं और 90% अरुणाचल प्रदेश के सामने हैं। इसमें कुछ बस्तियां ऐसे क्षेत्र में हैं जहां पर भारत और चीन के बीच सीमा का विवाद चल रहा है। इसके साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि चीन अरुणाचल प्रदेश में मवेशियों को चराने वाले मैदानों पर भी कब्जा कर रहा है और लोगों के आने जाने पर रोक लगा रहा है। सरकार इसको नहीं मान रही है और इसे निराधार बता रही है लेकिन इन बातों को दरकिनार भी नहीं किया जा सकता है।

The Indian express की रिपोर्ट, 4 और 6 सितंबर की छापी रिपोर्ट में इंडिया और चीन के बीच पहली बार हाई  कमांडर लेवल बातचीत हुई। चीन इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति को दर्ज कराने के लिए अपने लोगों को वहां पर विस्थापित कर रहा है और उन क्षेत्रों के नाम बदलता रहता है। चीन LAC को भी नहीं मानता है। क्या प्रधानमंत्री मोदी जी इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे और भविष्य में कोई हल निकल सकता है। चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत नए नए विवादों को जन्म देता रहता है।

Xi Jinping 7 साल बाद भारत में ब्रिक्स में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे। भारत चीन का सबसे बड़ा बाजार है। चीन के साथ भारत का घाटे का व्यापार है। लगभग 100 अरब डालर का अंतर है। 2025 में चीन भारत का व्यापार 155.6 अरब डालर तक पहुँच गया था।भारत चीन का सबसे बड़ा बाजार होने के बावजूद भी सीमावर्ती विवादों पर कोई नरमी नहीं दिखाता है। प्रधानमंत्री मोदी व्यापार को संतुलित करने की बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी आप चीन को कौन सा प्रोडक्ट भेज सकते हैं। चीन विश्व का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरर है। जब तक चीन जितना प्रोडक्शन नहीं होगा, तब तक व्यापार संतुलित नहीं होगा। भारत चाहता है कि चीन से आयात पर निर्भरता कम हो जिससे भारतीय कंपनियों को चीन के बाजार मे जगह मिले।

BRICS मोदी-पुतिन की बड़ी मुलाकात : भारत रूस संबंधों को नई रफ्तार, व्यापार से रक्षा तक अहम मुद्दों पर चर्चा

 

डिफेंस, व्यापार और ऊर्जा जैसे विषयों पर हुई चर्चा

 BRICS के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रुस के राष्ट्रपति पुतिन नई दिल्ली पहुंचे। सम्मेलन होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। 2030 तक 100 अरब डालर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है

 नई दिल्ली 11 सितंबर 2026 को पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत हुई। जिसमें रक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। यह ब्रिक्स का 18वाँ शिखर सम्मेलन। और भारत में होने वाला चौथा सम्मेलन है। जिसमें दुनिया की कई शक्तियां पहुंची। इसी क्रम में भारत और रूस के बीच राजनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। लंबे समय से भारत और रूस विशेष और विशेषाधिकारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिसमें आर्थिक सहयोग को मजबूर करने पर जोर दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार भारत रूस के बीच द्विपक्षीय बातचीत में 2030 तक 100 अरब डालर के व्यापार में साझेदारी पर बातचीत हुई। शुक्रवार को नई दिल्ली में रूस की तरफ से डिफेंस सेक्टर में कई महत्वपूर्ण ऑफर दिए गए। सुखोई -57 लड़ाकू जहाज का भी प्रस्ताव मिला। इसके साथ ही रूस ने ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी की बात की है और साथ में मिलकर बनाने की भी बात की है। इससे पहले भी रूस भारत को कई तरह डिफेंस सिस्टम दिए हैं। जिसमें S 400 कई वेपन्स दे चुका है और साथ में S- 500 वायु रक्षा प्रणाली की देने बात हुई है।

इसके साथ ही रूस ने उर्वरक आपूर्ति को लेकर भी कहा है। जिससे कृषि क्षेत्रों में फसलों उत्पादकता बढ़ा सके। किसानों को उर्वरक से होने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। जिससे कृषि क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी को बढ़वा मिल सके। परमाणु कार्यक्रमों में सहयोग और ऊर्जा  संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। रूस लंबे समय से भारत के रक्षा , ऊर्जा, परमाणु कार्यक्रमों और कृषि क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं पर साथ देते आ रहा है। भारत झुकाव सुरक्षा संबंधित विषयों में रूस की ओर रहा है।

एक फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोलांड ट्रंप की बेचैनी बढ़ सकती है। क्योंकि ब्रिक्स का उद्देश्य एक नई स्थानीय करेंसी को स्थापित करना है। जिससे डॉलर उसकी निर्भरता कम हो सके।भविष्य में डॉलर के बजाय ब्रिक्स द्वारा बनाई करेंसी में व्यापार हो सके। ट्रंप अपने मनमाने ढंग टैरिफ लगाते रहते हैं। इसके साथ ही आतंकवाद, रूस यूक्रेन युद्ध, ईरान इजरायल युद्ध वैश्विक संकट से निपटने और शांति कायम करने पर सहमति बनी और विश्व शांति का संदेश दिया गया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विश्व बड़ी शक्तियां एक साथ और एक मंच पर दिखाई दी। ब्रिक्स के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे जैसे रूस, चीन, साउथ अफ्रीका, ईरान। ये सब विश्व की महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। भारत ने इन सभी राष्ट्राध्यक्षों का गर्मजोशी से स्वागत किया। ये तीनों शक्तियां दुनियां की राजनीतिक, आर्थिक, रणनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित करने क्षमता रखती हैं।


मंगलवार, 8 सितंबर 2026

केरल में double हत्या से मची सनसनी: महिला और बच्ची की हत्या, नदी में बोरियों में मिले शव

   

महिला और बच्ची की हत्या कर भवानी नदी में फेंका

केरल में पलक्कड़ जिले के अट्टाप्पडी में एक डबल हत्या का ख़ौफनाक मामला सामने आया है। जिसने हर किसी के मन झकझोंर दिया है। जिसमें एक महिला को उसकी बच्ची के साथ हत्या कर दी गई है।

क्राइम की दुनिया में कई तरह की ख़ौफनाक कहानियां और घटनाएं सुनने को मिलती हैं। केरल के पलक्कड़ जिले के अट्टाप्पडी से बेहद दर्दनाक डबल हत्या का मामला सामने है। जिसमें एक महिला को उसकी 4 वर्षीय बच्ची के साथ उसकी हत्या कर दी गई। शव टुकड़े टुकड़े कर क्षत विक्षत कर बोरियों में भरकर भवानी नदी में ठिकाने लगा दिया गया था। इस क्राइम को छिपाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन नदी का जल स्तर कम पड़ने पर पशुओं को चराने वाले लोगों ने बोरियां देखी। जिसके कारण उनके मन में शक हुआ। बोरियों को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गये। जिसके बाद उन लोगों ने पुलिस को जानकारी दी।

हत्या के अंजाम के बाद आरोपी पश्चिम बंगाल भाग गया। कलपक्कम की पुलिस की जांच टीम यस हर्षद की अगुवाई में पश्चिम बंगाल पहुंची और आरोपी के ठिकाने का पता लगाया, लोकल पुलिस की सहायता से आरोपी को पकड़ा। आरोपी के कबूला है कि ये हत्या उसने ही की है लेकिन इसके पीछे वजह अभी साफ नहीं है। पुलिस ने मृतकों को 34 वर्षीय प्रणिता और 4 वर्षीय जोहता के रूप में पहचान के है। हालांकि आरोपी ने इन शवों को अपनी पत्नी और बच्ची को पहचानने से इनकार कर दिया है। पुलिस अब उसके संबंधों को जानने के बारे में कोशिश कर रही। उसके कॉल डीटेल्स खंगालने की कोशिश कर रही है। 

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से पता चला है कि धारदार हथियार से सिर पर चोट की गई है और कई बार वार किया गया है। बच्ची की गला घोट कर हत्या की गई है। टुकड़े करके शव को क्षत विक्षत किया गया है। बेरहमी से मारा गया है। फॉरेंसिक और पुलिस की टीम इसकी जांच कर रही है। अभी हत्या की सदिश और मकशद का पता नहीं चल पाया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।


सोमवार, 7 सितंबर 2026

Delhi buliding Collapse: सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढही, 7 की मौत और मालिक गिरफ्तार

   

जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और रेस्क्यु ऑपरेशन अभी जारी है।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में रविवार को 5 मंजिला इमारत ढह गई। 6 सितंबर 2026 को दोपहर में करीब 1:30 बजे यह घटना हुई है। जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और 5 लोगों को रेस्क्यु कर निकला गया है।

यह घटना दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार को हुई है। यहां पर अधिकतर स्टूडेंट्स इन हॉस्टल और पीजी में रहते हैं। इस में इलाके में ज्यादातर पीजी और हॉस्टल की बिल्डिंग है। यह 5 मंजिला इमारत थी जिसके ढहने पर 6 लोगों की जान चली गई और एक लोग ने बाद में दम तोड़ दिया। कुल मिलाकर अबतक 7 लोगों की जान गई है।मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम पहुंची। रेस्क्यु ऑपरेशन किया और मलबे में दबे 12 लोगों को निकाला गया है और अभियान अभी जारी है। जो गंभीर रूप से घायल हैं उनको इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ट्रामा सेंटर पहुंची और घायलों के स्वास्थ्य का जायजा लिया। 

रिपोर्ट के अनुसार यह बिल्डिंग लगभग 40-50 साल पुरानी है।जिसके बेसमेंट में मरम्मत का कार्य चल रहा था। उसी समय लगभग दोपहर 1:30 बजे इमारत ढह गई। इस इमारत में लगभग 15 कमरे है। हर एक कमरे में 2-3 स्टूडेंट्स रहते हैं और एक बेड का लगभग ₹1,2000 किराया है। यहां पर ज्यादातर केरल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और यहां पर स्थित मोतीलाल नेहरू कॉलेज और श्री विश्वकर्मा कॉलेज के स्टूडेंट्स रहते हैं। इन मालिकों को भी पता है स्टूडेंट्स कहां जाएंगे और मनमाना किराया लेते हैं। सब स्टूडेंट्स तो कॉलेज हॉस्टल में रह नहीं सकते हैं।

जब कोई घटना हो जाती है और कई लोगों की जान चली जाती है। उसके बाद प्रशासन जागता। तब जांच के आदेश दिए जाते हैं और सारी एजेंसी एक्टिव होती है। यह कोई एक घटना नहीं है, चाहे लखनऊ हॉस्टल में आग लगे, नोएडा में लोग गड्ढे में गिरकर मर जायें या फिर दिल्ली में इमारत गिर जाये। क्या घटना होने का इंतजार किया जाता है। अब यही दिल्ली बिल्डिंग कॉलेप्स घटना के बाद हो रहा है। इमारत का ढांचा, लोकेशन और उसके मानकों की जांच की जा रही है जिसके आदेश पहले दिए जा चुके हैं। रिपोर्ट आएगी, नहीं भी आएगी कुछ समय के बाद प्रशासन और लोग भूल जाएंगे।

दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद भवन निर्माण की कथित लापरवाही के मामले में इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बिल्डिंग के मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है और आगे जांच के आदेश दिये गए हैं। जांच यही तक सीमित नहीं है इसके बाद एमसीडी के कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जांच होने तक निलंबन जारी रहेगा। 




शनिवार, 5 सितंबर 2026

न बड़ा जनाधार, न ज्यादा उम्मीदवार,,, फिर ₹ 1,700 करोड़ का चंदा! गुजरात की 6 पार्टियों पर BBC की पड़ताल

 

6 पार्टियों ने ₹1,700 करोड़ का फंड

  हाल में बीबीसी की संवाददाता शुभांगी मिश्रा ने एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। उनकी इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गुजरात की 6 पार्टियों द्वारा ₹1,700 करोड़ का चंदा चोरी किया गया है। ये पार्टियां रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी हैं।

देश की छह नेशनल पार्टियों में बीजेपी को छोड़कर पांच नेशनल पार्टियों के बारबर चंदा मिला है। जिसमें कांग्रेस, आप, बसपा, सीपीआई(एम)और नेशनल पीपल्स पार्टी हैं जिसके पास कुल ₹1,480 करोड़ रूपये हैं। जबकि इन रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी के पास कुल ₹1,700 करोड़ रूपये हैं। इन पार्टियों को इतना फंड कौन दे रहा है। इन पार्टियों को नेशनल पार्टियों से भी ज्यादा चंदा मिला रहा है। इनके ऑफिस बंद है और इनके कुछ अध्यक्षों का पता नहीं है। बीबीसी टीम ने इनके दफ्तर और इनके घरों पर गई लेकिन ये लोग नहीं मिले। जिसपर सवाल उठना स्वाभाविक है।

 बीबीसी की संवाददाता शुभांगी मिश्रा का दावा है कि एक पार्टी आम जनता पार्टी मई 2020 में बनी और इसके बाद गुजरात में आ जाती है। जिसका अध्यक्ष गौरव मिश्रा को बताया जा रहा है। यह पार्टी रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी है। ये पार्टियां रजिस्टर्ड है लेकिन स्टेट और नेशनल नही हैं। इनका कोई परमानेंट सिम्बल नहीं है। एक पार्टी 2020 में बनी और 2 साल बाद उसके पास ₹620 करोड़ पैसा फाइनेंसियल ईयर 2023-24 में मिला है,जबकि वहीं इण्डियन नेशनल कांग्रेस पार्टी को ₹281 करोड़ चंदा मिला। ये अपने आप में चौंकाने वाला खुलासा है। ये पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में केवल एक उम्मीदवार को उतारा था। एक उम्मीदवार को चुनाव लड़ने में क्या इतना पैसा लगा। इसी तरह से छह और पार्टियां है जो गुजरात मे ही रजिस्टर्ड हैं।

इन छह पार्टीयों में सबसे ज्यादा आम जनता पार्टी को ₹620 करोड़, सत्यवादी रक्षा पार्ट ₹330करोड़, न्यू इंडिया यूनाइट पार्टी ₹200 करोड़, स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी ₹219 करोड़, भारतीय नेशनल जनताबल पार्ट ₹194 करोड़ और गरीब कल्याण पार्टी ₹138 करोड़ रूपयों का चंदा मिला है। ये छह पार्टियां गुजरात में रजिस्टर्ड हैं। इसमें से केवल एक आम जनता पार्टी बिहार से गुजरात में आई है। जिसको सबसे ज्यादा चंदा मिला है। रिपोर्ट के अनुसार 2024 में लोकंसभ चुनाव में 6 पार्टियों ने कुल 15 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाया है।

ADR (association for democratic reforms) की 2025 जुलाई रिपोर्ट के अनुसार RUPPs की फाइनेंसियल स्थित 2023-24 में आर्थिक स्थिति बढ़कर 223% हो गई है। जिसके रिकॉर्ड पब्लिक में उपलब्ध नहीं हैं। ADR भारत में चुनावी और राजनीतिक सुधारों पर काम करने वाला गैर सरकारी और गैर लाभकारी संगठन है। जो चुनावों में लड़ने वाले उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों चुनावी चांदों और चुनाव से संबंधित आकड़ो पर पारदर्शिता से विश्लेषण करता है। 

भारत में कुल 2,593 पार्टियां है जिसमें 6 नेशनल पार्टी, 67 स्टेट और रीजनल पार्टी और जिसमें रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी 2,520 हैं।  पार्टियों को चंदा देने पर टैक्स में   छूट मिलता है। ये हमारे कंस्टीट्यूशन में आर्टिकल 13A, 29B और 29C जैसे आर्टिकल हैं जो अधिकार देते हैं लीगल तरीके से किसी कोर्पोरेशन और इंडिविजुअल व्यक्ति से डोनेशन ले सकते हैं। जिस प्रयोग चुनावी प्रक्रियाओं में कर सकते हैं। लेकिन इसके पीछे इस डोनेशन का इल्लीगल और ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा सकता और टैक्स बचाने के लिए भी यह किया जा सकता है।

यदि ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही हैं तो बहुत सारी इन्वेस्टिगेटिव एजेंसीज है जो इन मामलों पर नजर रखती हैं। उनको ऐसे खामियां क्यों नजर नहीं आती है। ऐसा बहुत सारे NGOs और पार्टियों के द्वारा किया जा रहा और किया जा सकता है। जिस पैसे का गलत प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता रखना जरूरी है।



शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

जंतर मंतर दिल्ली निशु आजाद केस, महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस ने की मारपीट और FRS की संदिग्ध पहचान ने उठाये गंभीर सवाल

दिल्ली पुलिस के इंवेस्टिगेशन पर सवाल उठ रहे हैं।

  हाल में ही दिल्ली पुलिस के कारनामों का डंका पूरे देश और दुनिया बजा है। चाहे सीजेपी आंदोलन के दौरान हो या 4PM न्यूज नेटवर्क की महिला पत्रकारों के साथ मारपीट को लेकर और  आंदोलन के दौरान 25 संदिग्ध आरोपियों का आंदोलन परिसर में उनका पहुंचना हो। सवाल तो उठना स्वाभाविक है।सवाल तो दिल्ली पुलिस और गृहमंत्री अमित शाह जी  ही पूछे जायेंगे।

सीजेपी आंदोलन के दौरान जंतर मंतर दिल्ली में एक दलित लड़की निशु आजाद के पिता संजय कुमार का सिर झड़प के दौरान स्वतंत्र भरद्वाज नाम के गुंडे, मवाली ने कड़े से वार करके सिर फोड़ दिया था। यह मामला सामने तब आया जब आरोपी खुले आम घूम रहा है और टीवी चैनल्स पर इंटरव्यू दे रहा था। रेप करने की धमकी दे रहा है। आरोपी बोला रहा था, मैने कड़े से निशु के पिता का सिर फोड़ दिया। उनके सिर पर 7 टांके लगे हैं। मेरे उपर mudered to attempt के तहत 307 सेक्शन लगना चाहिए और मैं खुला आराम से घूम रहा हूं। केंद्रीय मंत्री चिराग़ पासवान, माेदी जी और बीजेपी के बड़े नेताओं को अपना भाई बता रहा था। मुझे कोई पकड़ नहीं सकता है। पुलिस के बूट और पुलिस लाठी मेरे पास है। उसके फोटो भी कई बड़े बीजेपी नेताओं के साथ है। फोटो होना आज समय में कोई बड़ी बात नहीं।

जिस तरह से आरोपी एक विशेष वर्ग और समुदाय के प्रति अभद्र भाषा प्रयोग कर रहा था। ऐसे लोगों को मोटिवेशन कहां से मिलता है। ऐसे लोग एक अच्छे समाज के लिए नासूर से कम नहीं होते हैं। इसके बावजूद ऐसे गुंडे, मवाली खुला घूम रहे हैं। दिल्ली पुलिस सो रही है। FIR तक नहीं हो रही है। सीजेपी और विपक्ष के सांसदों को FIR के लिए थानों को जाना पड़ रहा है। इसके बाद FIR और उसकी बुलंदशहर में गिरफ्तारी होती है। ऐसे लोगों को कौन संरक्षण दे रहा है। इससे पहले दिल्ली पुलिस सिर की चोट को माइनर इंजरी बता रही थी।

दक्षिण दिल्ली के साकेत में 3 सितंबर को एक मैक्स स्मार्ट सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की एक विंग का उद्घाटन करने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे थे।जिसको कवर करने के लिए 4PM न्यूज नेटवर्क की दो महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान  कार्यक्रम में पहुंची थी । साहिन खान का आरोप है कि पुलिस ने उनको रोका और उसके बाद थाने ले आई। एक वीडियो में उन्होंने कहा पुलिस ने नाम पूछा और उनके साथ मारपीट की क्योंकि उनके नाम खान था। जाति समुदाय और धार्मिक पहचान के आधार पर प्रताड़ित किया गया। बॉडी पर मारपीट के निशान भी दिखाई दे रहे थे।

दिल्ली पुलिस डीसीपी अनंत मित्तल का जवाब था कि वीवीआइपी प्रोटोकॉल का ये लड़कियां उल्लंघन कर रही थी। जिसके लिए इनको थाने ले आया गया और पूछताछ की गई।जो भी ये आरोप लगाए जा रहे हैं वो भ्रामक, गलत और निराधार बताया है। पुलिस ने अज्ञात नाम से FIR दर्ज किया। जबकि साहिन खान का कहना है, हम उस पुलिस को पहचानते हैं। मीडिया संगठनों ने इस पर चिंता जताई है। FIR और जांच करने की मांग की है।

Indian express ने सीजेपी आंदोलन जंतर मंतर दिल्ली पर एक रिपोर्ट छापी है। जिसमें उन्होंने कहा है सीजेपी प्रोटेस्ट में फेस रिकॉगनेशन सिस्टम ने 25 ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान की है। जो पहले से किडनैपिंग, रेप, हत्या की साजिश और muder जैसे संगीन अपराधों में सजा काट रहे थे। ये कौन लोग हैं और कैसे जंतर मंतर पहुंचे क्या दिल्ली पुलिस के पास इसका कोई जवाब है? इन सारे मामलों में एक बार फिर दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में है और शायद दिल्ली पुलिस पास कोई इन सवालों का जवाब नहीं है।

इस रिपोर्ट से कुछ प्वाइंट बिल्कुल क्लियर हैं जिस फेस रिकॉगनेशन सिस्टम की बात हो रही है। जिससे देश भर में आरोपियों को पहचाना जा रहा। या तो यह सिस्टम खराब है। या फिर दिल्ली पुलिस और सरकार झूठ बोल रही है। 




गुरुवार, 3 सितंबर 2026

अंतरिक्ष में भारत की नई छलांग: ISRO ने लांच किया ESO - 05, 36,000 Km ऊपर से करेगा earth की निगरानी

 

इसरो की अंतरिक्ष में बड़ी छलांग

 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने earth observation satellite EOS -05 को GSLV- F 17 रॉकेट से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा गया है। यह ISRO के लिए बड़ी छलांग है।

यह मिशन भारत के महत्वपूर्ण था क्योंकि ESO -05 पहला मिशन है जो इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है जिसे ज्योसीनक्रोनस ऑर्बिट से संचालित करने के लिए बनाया गया है। इस सैटेलाइट के द्वारा धरती की निगरानी की जाएगी जैसे कि आपदा के समय, किसानों की फसलों को, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और मौसम संबंधित विषयों पर जानकारी लेने में सुविधा होगी। इसके साथ ही इसे मिलिटरी के ऑपरेशन और बॉर्डर सिक्योरिटी के लिए भी प्रयोग किया जाएगा।

शुक्रवार की सुबह 2:55 बजे सैटेलाइट ESO -05 को रॉकेट GSLV- F 17 से सेकंड लांच पैड, सतीश धवन स्पेस सेंटर श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक भेजा गया। जिसका मास 2.367 केजी है। यह GSLV की 19वी सफल उड़ान है। ESO -05 को लगभग धरती से 36,000 km ऊपर ज्योसीनक्रोनस ऑर्बिट में छोड़ा गया है, जहां से एक बड़े क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा सकेगी। GSLV -F 17 रॉकेट ने यह लक्ष्य मात्र 18 मिनिट में पूरा किया। यह ISRO के लिए एक बड़ी सफलता। है।

इसरो के चीफ़ वी नारायणन ने कहा इस वर्ष 6 और मिशन लांच करने का टारगेट है। पिछले आठ महीने के बाद यह मिशन सफलतापूर्वक लांच किया गया। मार्च 2025 को PSLV के दो मिशन नाकाम रहे । जिसके अब इसरो सफलतापूर्वक इस मिशन को अंजाम दिया। इसरो लगातार अंतरिक्ष में अपनी क्षमता को मजबूत कर रहा है। 

GLSV -F 17 अब तक सबसे ट्रस्टेड रॉकेट है जो 2.367 टन वजनी सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा में विस्थापित कर दिया है। इसने अबतक कई सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेज चुका है। इसका मकसद भारी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजना है। यह तीन चरणों वाला प्रक्षेपण यान है। इसमें लिक्विड, सॉलिड और क्रायोजेनिक प्रोपल्शन तकनीक का इस्तेमाल होता है। यह सैटेलाइट किसी भी परिस्थिति में सटीक और सुरक्षित तस्वीरें भेजता रहेगा। इसी प्रकार इसके द्वारा देश या देश की सीमाओं पर होने वाली गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी । यह मिशन भारत के लिए बेहद खास है।

ECI में SIR को लेकर मतभेद, दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार दर्ज कराई औपचारिक आपत्तियां फिर भी नहीं हुई कोई कार्यवाही

    इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) में, मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के काले कारनामों का खुलासा The Indian Express की रिपोर्ट में हुआ है। ज...