The Public Pahuch

The Public Pahuch
सटीक खबर, आपकी पहुँच
विश्वसनीय  |  निष्पक्ष  |  जनहित
f 𝕏
📰ई-पेपर
☁️मौसम
📻रेडियो
🔴लाइव टीवी
▶️वीडियो
न्यूज़ शॉर्ट्स
⚡ BREAKING NEWS
The Public Pahuch की बड़ी और ताजा खबरें यहां पढ़ें...
मुख्य खबर
मुख्य खबर

आपकी प्रमुख खबर की बड़ी और आकर्षक हेडलाइन यहां दिखाई जाएगी

▣ आज | The Public Pahuch

टॉप न्यूज़

और देखें →
News
रक्षा

रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी खबर और महत्वपूर्ण अपडेट

आज | The Public Pahuch
News
मौसम

मौसम को लेकर आया बड़ा अपडेट, जानिए पूरी जानकारी

आज | The Public Pahuch
News
राजनीति

राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई

आज | The Public Pahuch
ADVERTISEMENT
होम
वीडियो
🔴लाइव टीवी
न्यूज़ शॉर्ट्स
मेन्यू

गुरुवार, 6 अगस्त 2026

तुकाराम मुंडे की FDA की कार्यवाही पर Bombay High Court सख्त और अगले दिन कोर्ट की canteen पर लगा ताला


  यह मामला करीब 3 हफ्ते पहले का है। जब महाराष्ट्र के FDA (food and drugs administration)  department के IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे ने प्राइवेट बड़े बड़े होटलों ,रेस्टोरेंट और कैंटीनों में छापा मारा और बंद कर दिया। ये सारे होटल,  FASSI के मानक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इस समय मुम्बई की पुलिस से ज्यादा FDA की चर्चा हो रही है और इन्हें महाराष्ट्र FDA का सिंघम कहा जा रहा है। FDA जो खाने का सामान और ड्रग्स की गुणवत्ता की देखभाल करता।

  देश में लगातार बढ़ रहे मिलावटी पनीर ,दूध से बने उत्पादों पर रोक लगाना। इसके अलावा रेस्टोरेंट, हॉटल, कैंटीन और बेकरी जो भी खाद्य सुरक्षा मानक नियमों का पालन नहीं कर रहा उसके लाइसेंस को रद्द किया जा रहा है इसी क्रम में उन्होंने ने मुम्बई के बड़े जाने माने कैंटीन,होटल और रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। मुम्बई में 6 होटेल्स, रेस्तरां , बेकरी और क्लब्स का लाइसेंस निलंबित कर दिया है इसी तरह अलग अलग जगहों पर छापा मारा और लाइसेंस निलंबित कर दिया। कुछ का तो कैंसिल ही कर दिया। स्कूल ,कॉलेज से दूर लगभग 50 मीटर दूरी पर गुटका पान मसाला की दुकान होनी चाहिए।

   कुछ लोग जिनके लाइसेंस बंद या निलंबित हुए कोर्ट पहुंच गए जिसकी सुनवाई 2 अगस्त को हुई।बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि प्राईवेट होटल और रेस्टोरेंट को टारगेट करके बंद किया जा रहा है।कोर्ट का कहना था कि प्राइवेट और सरकारी रेस्टोरेंट और होटल के लिए अलग नियम है। कुछ लोगों की दलील है कि बिना नोटिस दिए रेस्टोरेंट को बंद कर दिया गया।इससे पहले सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए।

    इसके अगले ही दिन IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे अपने आला ऑफिसरों के साथ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे और वहां कैंटीन में छापा मारा और ये कैंटीन खाद्य सुरक्षा मानक नियमों पर खरे नहीं उतरे और उनको सील कर दिया। इसके लिए बड़ा जिगरा होना चाहिए। इसके पहले ये हेल्थ डिपार्टमेंट में थे वहां भी डॉक्टर और नर्स सब समय पर पहुंच जाते थे। ये जहां भी जाते अपनी छाप छोड़ देते हैं।

  ये 2005 बैच के IAS अधिकारी है जो महाराष्ट्र के कैडर जिले बीड से एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं। इनकी UPSC all India rank 20 थी। ये अपने कार्यकाल 21 वर्षों में अब तक 25 बार ट्रांसफर (तबादला) हो चुका है। हो सकता ये अपने पूरे कार्यकाल में हॉफ सेंच्युरी पार कर दें। जाहिर सी बात है इनकी मंत्री मिनिस्टर से साठ गांठ नहीं होगी और अपने वसूलों के प्रति ईमानदार होंगे।तभी तो इतने ट्रांसफर हुए।

  इनके जैसे IAS अधिकारी देश के हर जिले में होते तो हमारा देश और भी तरक्की करता । 

झारखंड रांची में छात्रों द्वारा किया जा रहा आंदोलन क्या उनकी मांगे सरकार सुनने को तैयार

   


झारखण्ड रांची में JPSC और JSSC जैसे कई पेपर घोटालों और अनियमित भर्ती को लेकर लगातार छात्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है 14वे JPSC परीक्षा रद्द हो। CBI द्वारा या कोर्ट के सेटिंग जजों द्वारा इसकी  जाँच होनी चाहिए। झारखण्ड के सोनम वांगचुक कहे जाने वाले देवेन्द्र नाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल अनशन पर हैं और छात्रों की आवाज को बुलंद कर रहे हैं। 

 CJP के कुछ लोग इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। जिस तरह उन्होंने जंतर मंतर पर जवाबदेही तय की और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब CJP की लोग झारखंड रांची में छात्रों के साथ मिलकर इस आंदोलन सफल बनाएंगे और सरकार की जवाबदेही तय करेंगे। शिक्षा व्यवस्था ये हाल है छात्र इन सब के सुधार के सड़क पर धरना दे रहा है।

  आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है यदि सरकार 10 तारीख तक हमारी मांगे पूरी नहीं करती है या बातचीत का रास्ता नहीं निकालती है। इसके बाद छात्र रांची से विधानसभा तक मार्च करेंगे। छात्रों में सरकार की खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है और हम मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगे इससे पहले सरकार को हमारी मांगे सुनना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्र अपने घरों को छोड़ कर दिन रात , धूप बारिश में सड़क पर बैठने को मजबूर हैं।

  आज मीडिया से बात करते हुए झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री Sudivya kumar ने बहुत सारी बातें कही JPSC परीक्षा भर्ती,रद्द और जांच को लेकर। उन्होंने ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जो छात्रों से बात करने और उनकी मांगों को सुना जायेगा। CID जांच को लेकर भी कहा हमारी सरकार तेजी से कार्यवाही कर रही है जिसमें 19 लोगों से पूछताछ चल रही है।

  उन्होंने 14वे JPSC परीक्षा भर्ती को लेकर भी कई बातें कही, सरकार मान रही है कि परीक्षा में कुछ गड़बड़ी हुई है। इसके लिए जो भी दोषी होगा उसको कड़ी सजा मिलेगी और साथ में ये भी कहा इसके तार लखनऊ तक मिले हैं। उन्होंने ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगे पूरा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। बातचीत के माध्यम से हम इसका समाधान निकलेंगे और जो भी छात्रों के हित में होगा सरकार करने की कोशिश करेगी।

शेख हसीना के भाषण से बांग्लादेश में हुआ बवाल,,शेख हसीना ने कहा मैं वापस अपने घर अपने लोगों के बीच आऊंगी।

   


बांग्लादेश में शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बांग्लादेश में बवाल मच गया है। पूर्व क्रिकेट और आवामी लीग के पूर्व सांसद शकीब अल हसन के घर पर देर रात बुधवार को पेट्रोल बम फेंका गया। ये सब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मीटिंग के बाद हुआ। यह हमला उनके पुस्तैनी घर मागुरा के केशवमोर इलाके में हुआ और घर पर तोड़ फोड़ भी की गई। यह सब दिल्ली में आयोजित दिल्ली के फॉरेन करेसपॉन्डेंट क्लब में मीटिंग के बाद हुआ।

   बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना की बात पर नाराजगी जताई है और कहा है यह सब घरों को आग के हवाले करना है। यह सब मीटिंग में शामिल होने का नतीजा है, बांग्लादेश पर नव फासीवाद की झलक दिख रही है। आवामी लीग मान रही है कि बांग्लादेश में तानाशाही पनप रही है। सरकार आवामी लीग के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार कर रही है।

   शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के पहले ही BNP,इस्लामी जमात, और NCP ने  इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट्स को खुले आम धमकी दी थी और कहा प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई बातों को न ही छापे और न ही चलायें अगर इसके बावजूद ऐसा करते हैं तो हम कोर्ट जाएंगे और इससे जुड़े मामलों में मुकदमा दायर करेंगे। बयान में कहा गया, ये एक सोची समझी चाल हो सकती है और लोकतंत्र के बहाने आवामी लीग के सदस्यों पर नरसंहार और अत्याचार किया जा रहा है।

 प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने कहा हम अपने देश में दिसम्बर तक आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें पता है जेल में डाल दिया जाएगा और मार भी सकते। इसके बाद भी जान जोखिम में डाल कर मैं अपने देश अपने लोगों के पास आएंगे।हमारा उद्देश्य सरकार में वापस होना नहीं है। शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट होने के बाद 2024 से भारत में है और अब उनकी वापसी बांग्लादेश हो सकती है।


बुधवार, 5 अगस्त 2026

असम में बाढ़ का कहर लाखों लोगों का जीवन हुआ प्रभावित

 


असम में बाढ़ का कहर पिछले कई दिनों से लगातार बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी अपने उफान पर होने कारण,लाखों लोगों का  जन जीवन प्रभावित हुआ है। लोगों के खाने पीने का सामान तबाह हो गया है। गांव,घरों में पानी भर गया है और लोग छतों पर रह रहे हैं। बाढ़ के आने से बहुत कुछ नुकसान होने का डर रहता है। जानवरों को बह जाना, सांप कीड़ों का निकलना और जान मान का खतरा रहता है।फिलहाल अब बाढ़ का पानी धीरे धीरे कम हो रहा है।

  आंकड़ो के अनुसार असम में अब तक 89 से ज्यादा लोगों को बाढ़ के कारण जान गंवानी पड़ी है। यह कोई बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। इस बाढ़ के कारण लगभग 1.22 लाख लोग 10 जिलों में प्रभावित हुए हैं। राज्य और केंद्र सरकार की जो भी बचाव कार्य के लिए पुलिस होती है, NDRF और SDRF  लगातार बचाव अभियान चला रही हैं और लोगों को बचाया जा रहा है। इस बाढ़ से प्रभावित लगभग 1,53492 हैक्टेयर क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है और बाकी बची फसल पानी के साथ बह गई है। 

  सरकारी आंकड़े की बात करें तो 1.22 लाख में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला जिला शिवसागर है जिसमें 55,200 इसके अलावा 34,050 चराईदेव और 20,200 लोग जोरहाट में प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है। बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों को राहत शिविर में लगभग 12000 लोगों को खाना पानी और दवाई आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है और 38 शिविर कैंप की स्थापना की गई है। हालांकि कई स्थानों पर राहत सामग्री की कमी के कारण लोगों ने शिकायत की है।

  इस बाढ़ के कारण लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है इसकी साथ उनकी आजीविका बहुत प्रभावित हुई है। लोगों के घरों और छतों पर पानी पहुंच गया है। यह बाढ़ कोई इस साल नहीं पिछले कई सालों से हो रहा है और इसी तरह बचाव कार्य चलता आ रहा है। हर साल लोगों की मेहनत बाढ़ के पानी के साथ बह जाती है। वहां के छात्र संगठन का आरोप है कि सरकार कोई प्रभावी कदम नहीं उठती है। जिसके कारण बाढ़ नही रुकती है और हर साल तबाही का नया मंजर लाती है।

   सरकार की सहायता के साथ NGOs और फाउंडेशन भी असम बाढ़ में राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। बहुत लोग इस बचाव राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। हर साल यही बाढ़ का मंजर होता है। इसके बावजूद भी सरकार कोई प्रभावी कदम क्यों नहीं उठा रही है। यह केवल असम में ही नहीं पंजाब, बिहार के कुछ जिलों में हर साल यही मंजर होता है। सरकारें आई और बदल गई लेकिन यह मंजर नहीं रुका।

All India Paper Leak and Curruption, यह आरोप छात्रों द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे और छात्र रो रहे हैं।

   


जब कहीं विकसित भारत की बात होती है तो सबसे पहले हमे अपनी शिक्षा व्यवस्था की हालत याद आती है। युवा छात्र पढ़ने के बजाय सड़को पर धरना दे रहे और रो रहे हैं। ये हाल देश के किसी एक राज्य में नहीं है और किसी एक पार्टी के शासन में नहीं है। ये पूरे देश में और सब पार्टियां इसमें शामिल हैं। बस ये लोग एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते और काम तो करना नहीं है, कॉलेज में टीचर्स नहीं हैं। पेपर सही से करवा नहीं पा रहे हैं और अवैधानिक भर्तियां हो रही है। इसके बावजूद भी ये विकास की बात करते हैं। विकास कहां से होगा।

    अभी जंतर मंतर दिल्ली आंदोलन सबने देखा कि कैसे युवा अपने मुद्दे और जिम्मेदारी समझ रहे हैं। लेकिन इन नेताओं की समझ से बाहर है कि युवाओं को अब पैसा नहीं अच्छी शिक्षा व्यवस्था चाहिए जो एक अच्छे राष्ट्र निर्माण की नींव होती है। कोई भी आगे तभी होता है जब वहां की शिक्षा व्यवस्था अच्छी होती है। जब जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट हो रहा था तब पूरा विपक्ष छात्रों के साथ था और अपनी आवाज उठा रहा था। सभी की आवाज सुनी भी गई।

  इसी क्रम में हम देख रहे हैं, झारखंड रांची में JPSC, JSSC और अन्य पेपर लीक और भर्तियों बहुत बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा। बच्चों का कहना पैसे लेकर नौकरियां बांटी जा रही हैं।यह क्रम 2010 से लगातार चला आ रहा है। TDS जैसी बैकलिस्टेड कंपनी एक्जाम करवा रही है। जितने छात्रों हैं सबकी यही समस्याएं हैं। वहां के छात्र इस्तीफा भी नहीं मांग रहे हैं, वो तो बस जवाबदेही मांग रहे हैं। 

  झारखण्ड के सोनम वांगचुक कहे जाने वाले देवेन्द्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल अनशन शुरू कर दिया,झारखंड में होने वाले परीक्षा में अनियमित भर्ती होने से इसका विरोध कर रहे हैं। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महागठबंधन की सरकार है और हेमंत सोरेन शिक्षा मंत्री भी है। यहां पर विपक्ष में बीजेपी की सरकार है। लेकिन एक बात कुछ अजीब लग रही है ये यही राहुल गांधी है जो छात्रों के मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं और जनसभा कर रहे हैं। ऐसा क्या कारण है कि राहुल गांधी जी चुप हैं।

   यदि ये पार्टियां सच में लोगों के साथ है तो कही भी पेपर लीक हो,किसी राज्य में हो,  किसी की सरकार हो मुद्दे तो वही रहते हैं। युवा तो हर राज्य में सड़क पर है, उनकी कोई नहीं सुन रहा है। सारा विकास इनके भाषण में ही होता है। ये लोग छात्रों से बात करना नही चाहते हैं सुधार क्या करेंगे।

मंगलवार, 4 अगस्त 2026

Company ILGIM Electronic Chip Factory of a unit Gretor Noida में लगी भीषण आग और कई दमकल कर्मी हुए घायल

   


सोमवार देर रात ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कंपनी ILGIM जो इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाती है उसकी एक यूनिट PCB में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां वहां पहुंची और बचाव कार्य में लग गए। छह दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंची आग बहुत तेजी फैल रही थी लेकिन अचानक एक दीवार और लोहे का बीम गिर गया।

   पुलिस ने बताया दीवार और लोहे का बीम के गिरने से दो दमकल कर्मियों की जान चली गई है। जिसमें चीफ कॉन्स्टेबल ड्राइवर तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित यादव। तीन दमकलकर्मी इसमें घायल हुए हैं चीफ कॉन्स्टेबल ड्राइवर राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार और फायरमैन अमित कुमार गंभीर रूप से घायल है और हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।

 पांच दमकल कर्मी घायल हुए और उनको जल्दबाजी में हॉस्पिटल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर्स देखते  ही बता दिया दो लोग मर चुके हैं और तीन लोगों की हालत अब खतरे से बाहर है पुलिस ने कहा।

सोमवार, 3 अगस्त 2026

Illigal tariffs को लेकर America में trump को झटका 25 States ने किया Case

     


अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पिछले कई सालों से अपनी मनमर्जी के मुताबिक illigal टैरिफ किसी भी देश पर लगा रहे हैं।अभी हाल के ही दिनों में चीन, भारत समेत और कई देश थे, जिनपर आयात टैरिफ 100% लगाया और इसके लिए बकायदा एक कानून भी पास करवा दिया। जो देश अपना उत्पाद अमेरिका भेज रहे थे और जिनपर पहले आयात टैरिफ 10 से 12% था। अब ट्रंप अपने ही देश में लोग ट्रंप को बेनकाब कर रहे हैं और इस टैरिफ को अवैध बता रहे हैं। अमेरिका के 25 राज्यों ने ट्रंप के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया है। इन राज्यों में शामिल भारत समेत 60 देशों से आने वाले उत्पादों पर लगे टैरिफ अवैध बताया गया है। इन राज्यों की मांग है कि टैरिफ को अभी रोका जाय और सारा अवैध टैरिफ का पैसा वापस किया जाय।

  राज्यों के अनुसार ट्रंप ने पिछले महीने में भारत समेत 59 यूरोपीय संघ देशों पर अपने मनमाने ढंग से टैरिफ लगाया था। जब से यह अपने दूसरे कार्यकाल में आया है तब से कुछ भी करता और बोलता रहता है।

  न्यूयॉर्क की एटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स समेत 25 राज्यों ने इस कदम को अवैध बताया है। उन्होंने ने कहा कि इससे अमेरिका में बिज़नेस परिवारों का बोझ बढ़ेगा। पिछले साल राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे डेफिसिट को राष्ट्रीय आपातकाल बताकर इस टैक्स को लगाया था। लेकिन बाद में विवाद होने पर कोर्ट ने ट्रंप से कहा था यह अधिकार तुमको किसने दिया है और अपने मनमाने ढंग से टैरिफ नही लगा सकते हालांकि बाद में पैसे भी वापस करने पड़े थे। अमेरिका में ऐसे टैरिफ वहां की कांग्रेस द्वारा लगाए जा सकते हैं।

   ट्रंप सरकार ने अपनी भरपाई पूरी करने के लिए ट्रेड एक्ट 1974, सेक्शन 301 का इस्तेमाल किया है। इसके तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं  और जबरन श्रम को रोकने में असफल रहे देशों पर 10 से 12% टैरिफ लगाया गया। इस ट्रंप सरकार ने इसको वैध बताया और इस पर उन्होंने ने कहा यह अमेरिकी श्रमिकों और व्यापार बचाने के लिए जरूरी है।एक बात साफ है अमेरिका अपने फायदे के लिए कुछ भी करता है।

   

JPSC विवाद में बड़ा एक्शन, पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार

  झारखण्ड में अनियमित जेपीएससी परीक्षा भर्ती को लेकर लगातार छात्र आंदोलन बढ रहा था। आज 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने एलान कि...