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सोमवार, 3 अगस्त 2026

बांकीपुर से BJP पहली बार हारी चुनाव और ऐतिहासिक जीत प्रशांत किशोर की ,आगाज बदलाव का

   


BJP का गढ़ कहा जाने वाला बांकीपुर का किला जन स्वराज पार्टी,प्रशांत किशोर ने भेद दिया है। भारतीय जनता पार्टी आज पहली बार चुनाव हारा है और प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज  की है और एक बड़े मार्जिन से जीत हासिल की है।नितिन नवीन के राज्यसभा जाने पर बांकीपुर की विधानसभा सीट खाली हो गई थी और पर उपचुनाव में bJP के प्रत्याशी के तौर पर नीरज कुमार को उतारा गया था। जबकि जन स्वराज पार्टी की तरफ से प्रशांत किशोर लड़ रहे थे और RJD की तरफ से रेखा कुमारी सुनाव लड़ रही थी। पहले स्थान पर जन स्वराज दूसरे पर बीजेपी और तीसरे नंबर पर राजद है। बीजेपी और राजद अन्य दलों की मुश्किले बढ़ने वाली है  आगामी चुनाव में क्योंकि लोगों को अल्टरनेटिव नए विकल्प मिल रहे हैं। ये वहां के लोगों का कहना है कि दूसरे विकल्प न होने के कारण हम बीजेपी और राजद को वोट देते थे।

  अब बिहार ही नहीं पूरे देश में मुद्दे बदल रहे हैं और अल्टरनेटिव के तौर पर नए विकल्प लोगों को मिल रहे हैं। बिहार में बांकीपुर में प्रशांत किशोर के जीतने के कई बड़े कारण रहे हैं जिसमें शिक्षा व्यवस्था, बिहार के छठवीं पास  मुख्यमंत्री, और लोगों को एक नया अल्टरनेटिव विकल्प मिला। वहां की एक क्लिप बहुत वायरल हुई जिसमें कहा गया कि बीजेपी के तरफ से यहां कुत्ता बिल्ली भी चुनाव जीत जाएंगे जिसको लेकर जनता में भी नाराजगी देखी गयी। प्रशांत किशोर इन सब मुद्दों को उठाने में सफल रहे और सीजेपी आंदोलन भी एक बड़ा फैक्टर रहा। 

 पिछले समय से बिहार की पॉलिटिक्स में लगातार बदलाव देखने को मिला। विधानसभा में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने जिसके बाद उनको राज्यसभा में भेज दिया गया और सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद अब विधानसभा के उपचुनाव बांकीपुर से बीजेपी हार गई,एक तरह से देखा जाए तो नितिन नवीन की ही हार है हालांकि उनकी जगह पर उनका प्रत्याशी चुनाव लड़ रहा था। 

   लोगों का कहना है कि हमने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चुना था न की सम्राट चौधरी को।इसी तरह की बहुत सारी गलतियां सरकार ने की जिसका परिणाम सामने है। यदि हम वोटर्स परिपेक्ष में बात करे तो गढ़ और किला किसी का नहीं होता है। अब लोग देश के असल मुद्दों को समझ और उस पर बात भी कर रहे हैं और उनको नए विकल्प मिल रहे हैं जिनकी उनको तलाश है। जैसे कि तमिलनाडु हो या बांकीपुर में देखा गया है।

  देश की जो भी पुरानी पार्टियां है उनको समझना पड़ेगा कि अब  उनकी मनमानी चलने वाली नही है और न ही युवा को अब असल मुद्दों से भटकाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह कि उनके पास अब नए विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। आने वाले समय में इन पार्टियों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़  सकता है यदि इन्होंने अपनी सोच को नही बदला। इन पार्टियों को जरूरत है अपनी रूढ़िवादी सोच को बदलना होगा। 1990 से चली आ रही सरकार के लिए लोगों का एक संदेश महज एक आगाज है। लोग इसे प्रधानमंत्री जी की हार बता रहे हैं क्योंकि प्रधानमंत्री जी के नाम पर ही वोट मिलता था।

JPSC and JSSC परीक्षा में विवाद, छात्र लगातार और अभिजीत दीपके ने किया समर्थन।प्रदर्शन कर रहे हैं।


 झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड में कर्मचारी चयन आयोग को लेकर भर्ती हो घोटाले से परेशान हो कर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों में इसका विरोध बढ़ता जा रहा है। छात्र सड़क पर बैठ गए हैं और भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। CJP पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्रों से बात की और इस आंदोलन का समर्थन किया है। सीजेपी संस्थापक ने कहा छात्रों की मांगे पूरी करनी चाहिए।परीक्षा भर्ती से संबंधित विषयों पर पारदर्शिता और निष्पक्षता  सुनिश्चित करना चाहिए। दीपके ने छात्रों से कहा हम तुम्हारा साथ देंगे और साथ में सरकार को संकेत दिया कि हम छात्रों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे और कहा आपकी जितनी डिमांड है उसको हम पूरा करेंगे।

 झारखंड में लोक सेवा आयोग में परीक्षा में हो रही गड़बड़ी को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।  इसी बीच रांची में छात्रों का सत्याग्रह नौवें दिन भी जारी रहा। इसी बीच आंदोलन में नया मोड़ आया जिसमें छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने अपनी मांग के समर्थन में अनिश्चितकाल तक के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी।

धरनास्थल पर महजूद छात्रों का कहना है कि  परीक्षा प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों के प्रति जवाबदेही तय हो।  जो भी इन सब कार्यों में लिप्त है उस कार्यवाही हो और जो भी इसकी जांच है वह निष्पक्ष और ईमानदारी से होनी चाहिए। मांगे पूरी होने तक शांतिपूर्वक सत्याग्रह जारी रहेगा।

 छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो का आरोप है सरकार इसको गंभीरता से नहीं ले रही है। छात्रों का कहना है 14वी लोक सेवा आयोग परीक्षा रद्द की जाय और नए सिरे से आयोजित किया जाना चाहिए।

देश के ज्यादातर राज्यों में पेपर लीक और भर्ती से जुड़ी गड़बड़ियां हो रही हैं। कही भी कोई सरकार इन समस्याओं को रोकने सक्षम नहीं है। जिन पार्टियों की जिस राज्य में सरकार है वहां भी पेपर लीक नहीं रुक रहा है। इन पार्टियों का अब एक ही काम बचा है एक दूसरे पर आरोप लगाना। गलतियां बताना, मुख्य विषयों से हटकर बात करना।

  

रविवार, 2 अगस्त 2026

साल 2026 में कब है नागपंचमी इसका क्या महत्व और पूजाविधि। हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है।

   

नागपंचमी पर्व

 नागपंचमी हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है और नागों को देवता माना जाता है।जो पूरे भारत देश में बड़ी धूम धाम से सांस्कृतिक विरासत के रूप में मनाया जाता है। इस साल नागपंचमी 17 अगस्त  2026 दिन सोमवार को पड़ेगी। यह त्यौहार श्रवण मास शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। नागपंचमी का त्यौहार प्राचीन समय से मान्यताओं के अनुसार मनाया जा रहा है । लोग बड़ी श्रद्धा भाव से मनाते हैं।

धार्मिक महत्व 

हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं के यह त्यौहार श्रवण मास शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। जिसमें नाग देवता की पूजा की जाती है। भगवान शिव नागों को अपने गले में धारण करते हैं। भगवान विष्णु शेषनाग जी की सैया पर शयन करते हैं और नागपंचमी के दिन नाग देवता के रूप में पूजा की जाती है। नाग देवता की पूजा करने से परिवार सुखी और सुरक्षित रहता है।

पौराणिक कथा 

पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कलिया नाग के आतंक से गोकुल वाशियो को बचाया था और और कलिया नाग को अपनी गलती का अहसास हुआ और भगवान श्रीकृष्ण का परम भक्त बन गया।

   महाभारत के राजा जनमेजय ने जनमेजय यज्ञ किया था और ऋषि आस्तिक ने सर्पो की रक्षा की थी ।इस कथा को भी नाग पंचमी से जोड़ा जाता है।

पूजा की विधि

स्नान आदि करके नए वस्त्र पहने और हल्दी ,अन्न ,जल भी अर्पित करें।

नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है दूध और खीर पिलाया जाता।

भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग को दूध अभिषेक कराया जाता है और फूल चढ़ाए जाते हैं।

भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। अपनी श्रद्धा अनुसार दान करे। 

इस दिन कथ सुनने का भी विशेष महत्व है।

    इस त्यौहार का पर्यावरणीय रूप से भी महत्व क्योंकि प्रकृति का संरक्षक किया जाता है। जिसमें सर्पों को न मारकर उनके बचाने पर महत्व दिया गया है। वो भी प्रकृति का हिस्सा है और सबका कर्तव्य है किसी जीव को नुकसान न पहुंचाए।

   ये सारी जानकारी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर दी गई है।

शनिवार, 1 अगस्त 2026

J&K में एक बार फिर हुआ pahalgam जैसा Attack

Kulganv Attack

   जम्मू कश्मीर में एक बार फिर हुआ पहलगाम जैसा हमला जिसने इंसानियत को एक बार फिर से शर्मसार किया। देर शुक्रवार को आतंकियों ने जाति धर्म देख कर गोलियां चलाई।उसमें  दो प्रवासियों को अपने जाति धर्म के कारण जान गंवानी पड़ी। इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आतंकी वहां तक कैसे पहुंचे। 

    छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूर काम की तलाश में जम्मू कश्मीर पहुंचे थे, जहां पर साउथ कश्मीर के कुलगांव में ईंट भट्टे पर काम कर रहे थे। शुक्रवार रात को आतंकी उस भट्टे पर पहुंचे और नाम पूछ कर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए लोग डरकर भागने लगे। लेकिन वही कुछ लोग मौजूदा स्थिति को समझते हुए तुरन्त घायल मजदूरों को नजदीकी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, Aanantang में भर्ती कराया गया। एक मजदूर की मृत्यु ले जाते वक्त रास्ते में हो गई, दूसरे का डाक्टर्स ने इलाज शुरू किया लेकिन बचा नहीं पाए और दोनों की मृत्यु हो गई। उन दोनों की पहचान दीपक और भूपेंद्र नाम से की गई है।

    इस घटना सूचना मिलते ही J&K पुलिस,NDRF और CRPF की टीमें सर्च ऑपरेशन में लग गई हैं।सुबह होने पर हेलिकाप्टर से भी सर्च अभियान चलाया गया और चारों तरफ से उस क्षेत्र को घेर लिया गया है।आतंकी जिस साजिश के तहत आए और घटना को अंजाम देकर गायब हो गए। 21 महीनों के बाद इस घटना से लोगों के घाव फिर ताजे हो गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर तो हो गया लेकिन पहलगाम के आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए।

      इस घटना की कड़ियां पहले हुई कई घटनाओं से जोड़ी जा जा रही हैं। अभी हाल की ही एक घटना है जिसमें  22 जुलाई को J&K पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक़ हुसैन कुरैशी की अनंतनाग में लाल चौक पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।जो अमरनाथ यात्रा के दौरान वहां पर तैनात थे। कयास ये लगाये जा रहे हैं कि इस घटना को अंजाम लश्कर ए तैयबा ने दिया है  लेकिन अभी तक न ही कोई  सबूत मिला है और न ही किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी  ली है।सर्च अभियान जारी है।

   इसी क्रम मे कई घटनाएं हुई  क्या इसकी भनक हमारी एजेंसियों को नहीं लगी। इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ये सब वहां पर कैसे हो रहा है। इस कायराना हरकत को ऐसे ही लोग अंजाम दे सकते और आम लोगों को निशाना बनाया जिनका कोई दोष नहीं था जो अपनी रोजी रोटी कमाने आए थे। उन्हें क्या पता था कि हम वापस घर नहीं पहुंचेंगे।

    इस घटना की निंदा J &K के CM उमर अब्दुल्ला ने की और उन्होंने ने जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है उनको 10 लाख आर्थिक सहायता मिलेगी। इसी तरह बीजेपी स्पोक्सपर्सन अल्ताफ ठाकुर, पूर्व सीएम महमूबा मुफ्ती, और छत्तीसगढ़ सीएम ने कहा इन परिवारों को हर संभव मदद मिलेगी। पूरे देश में हर कोई इस घटना की निंदा कर रहा है।

शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

Bihar Gen Alpha ने 4 km किया मार्च यह प्रदर्शन SDM's office के बाहर हुआ।

बिहार में Gen Alpha ने किया प्रदर्शन जिसमें लगभग 50 छात्र 6 से आठवीं कक्षा के छात्र थे। जिनकी SDM साहब से सामान्य मांगे हैं। मिड डे मील की गुणवक्ता अच्छी हो, साफ पीने का पानी , टॉयलेट, इलेक्ट्रिसिटी, क्लासरूम पंखा और यूनिफार्म से जुड़ी समस्या है। अगर आमतौर पर देखें तो पढ़ाई से संबंधित पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल है। नीट पेपर लीक से जुड़े और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर लहर की तरह पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। यह प्रदर्शन बिहार के सिनुरा मिडिल स्कूल ज्ञान जनपद के छात्रों ने स्वयं से मंगलवार को 4 Km  से मार्च निकाला टिकरी SDM के ऑफिस तक और सामान्य सुविधाओं के मुद्दे थे।

     इस प्रदर्शन के बढ़ने कारण कई बार नाम मात्र जांच हुई लेकिन उनका कोई परिणाम नहीं निकला और उनकी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब यह विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिससे दर्जनों छात्र जो सामान्यतः आठवीं कक्षा के छात्र हैं जो SDM ऑफिस के सामने बैठे हैं।

    टीकरी SDM Praveen Kundan protest पर संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जिसमें इन्क्वारी कम्पैरिजन असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर चौहान कुमार, एग्जिक्युटिव ऑफिसर रंजीत सिंह और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर योगेंद्र पासवान जो कि इस जांच को पूरा करेंगे और इसकी रिपोर्ट सौपेंगे।

    इसके बाद एक्जिक्यूटिव मैजिस्ट्रेट SDM के कहने के बाद तुरंत 6 बच्चों से मिले जिसमें तीन लड़किया और लड़के टीचर्स की उपस्थिति में। छात्रों की सामान्य शिकायतें थी जैसे पानी , टॉयलेट, मिड डे मील, और यूनिफार्म।

  स्कूल के हेड मास्टर ने चेतावनी देते हुए कहा समस्या का समाधान 3 से 4 दिनों में पूरा हो जाए ।

      

गुरुवार, 30 जुलाई 2026

Farmer's protest मध्यप्रदेश तय MSP मूल्य पर खरीदी जाय मूँग की दाल किसान अपनी मांग को लेकर उतरे सड़क पर

किसान की हर फसल की MSP  तय हो।

MSP तय हो

  मध्यप्रदेश में किसान पिछले 4 दिनों से अपनी मांग को लेकर सड़क पर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि हर फसल की एक तय सरकारी मूल्य होना चाहिए।  जिससे किसान फसल को उचित दरों पर बेंच सके। किसान अपने घर से खाने पीने का सामान लेकर सड़क पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी हम यही बैठे रहेंगे।

       इस प्रदर्शन की शुरूवात मार्च के रूप में नर्मदापुरम से लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल तक निकला है।यह मध्यप्रदेश सरकार के लिए सबसे बड़ा आंदोलन है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसमें पुलिस बल का प्रयोग नहीं किया गया है। हम शांतिपूर्वक उनको आगे बढ़ाने दिया।

      किसान फसल कटने तक खेत में संघर्ष करता है उसके बाद फसल की उचित दरों के लिए सड़क पर धरना करे। किसानों का कहना है कि  जैसे अन्य दलों के बराबर ही मूंग की दाल का भी एक तय MSP हो चाहिए ।जिससे  हम अच्छी कीमतों पर फसल को बेच सके।

    यहां पर मध्यप्रदेश सरकार का कहना की हमारी प्राइम सपोर्ट स्कीम के अनुसार राज्य का कुल उत्पादन का 25% ही सरकारी मूल्यों पर खरीद सकते हैं। मूंग के दाल का सरकारी मूल्य 8768 रुपए पर कुंतल है। उदाहरण के तौर पर मान लो कि पूरे प्रदेश 100 kg  फसल हुई उसमें से सरकार 25 kg ही सरकारी मूल्य पर खरीद सकती है। जिससे बची हुई फसल को कम कीमतों पर खुले बाजार में बेचना पड़ता है।

      दिल्ली की तरह ही मध्यप्रदेश में Gen Z ने किसानों के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे और किसानों की समस्या को समझ रहे हैं। जब किसान संघर्ष करके खुश नहीं रहेगा तो धरती पर हरियाली कैसे होगी।

बुधवार, 29 जुलाई 2026

Vande Mataram Bill पारित राज्यसभा से नियम का उल्लंघन करने पर होगी 3 साल तक सजा।

Vande Mataram Bill 2026


आज वंदे मातरम् बिल राज्यसभा यानी उच्च सदन से पारित हो गया है। इस बिल के तहत वंदे मातरम् के  अपमान को रोकने के लिए इस बिल को लाया गया है। वंदे मातरम् बिल 2026 के संशोधन के अनुसार यदि कोई वंदे मातरम् गान के समय जानबूझ कर अपमान करता है तो उसको 3 साल तक सजा का प्रावधान है। इसको सारा प्रोटोकाल जन गण मन की तरह ही दिया जाएगा।

    इस विधेयक के पारित होने पर गृहराज्य मंत्री नित्यानन्द रॉय ने कहा यह विधेयक हमारी राष्ट्रीय धरोहर, और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिलाता रहेगा । यह संशोधन एक बदलाव नहीं यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाता रहेगा।

     राज्यसभा में वंदे मातरम् बिल की चर्चा के दौरान विपक्षी पार्टी सदस्यों ने सदन वाकआउट किया था हालांकि बाद मे आम आदमी पार्टी, बीजू जनता दल,भारत राष्ट्र समिति और कांग्रेस के सदस्यों ने इस चर्चा हिस्सा लिया और बिल ध्वनिमत से पारित हो गया।

   लांच के बाद उपसभापति हरिवंश की कार्यसूची में शामिल राष्ट्र गौरव  अपमान निवारण बिल की चर्चा हुइ।इस बिल के तहत हमें अपनी राष्ट्रीय धरोहर सम्मान करना होगा। इसके बाद विपक्ष ने अमितशाह से जवाब मांगा और नारेबाजी शुरू कर दी। अमितशाह ने अभी तक कोई बात नहीं की है।

     इसी क्रम मे दूसरी ओर लोकसभा मे एंटी पेपर लीक बिल को मंजूरी मिल गई है।इस मानसून सत्र में लंबी चर्चा के बाद इस बिल को एकमत ध्वनि से पारित किया गया। इसी बीच पक्ष और विपक्ष में काफी नोकझोक हुई  लोकसभा राहुल गांधी के भाषण को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी हुई।

JPSC विवाद में बड़ा एक्शन, पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार

  झारखण्ड में अनियमित जेपीएससी परीक्षा भर्ती को लेकर लगातार छात्र आंदोलन बढ रहा था। आज 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने एलान कि...